H-1B पर 1.03 लाख डॉलर के भारी शुल्क का प्रस्ताव, भारतीय पेशेवरों को लगेगा बड़ा झटका!


सरकार को हर साल 8.8 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय का अनुमान

DHS का अनुमान है कि नए शुल्क से हर साल करीब 8.8 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय हो सकती है। यह अनुमान लगभग 85,000 H-1B याचिकाओं के आधार पर लगाया गया है। USCIS के प्रवक्ता जैक काहलर के मुताबिक, प्रस्ताव का मकसद कानूनी इमिग्रेशन कार्यक्रमों की जांच, सत्यापन और संचालन पर संघीय सरकार के खर्च की भरपाई करना है। सरकार का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल इमिग्रेशन लाभों के आवेदनों की जांच, धोखाधड़ी की पहचान, राष्ट्रीय सुरक्षा जांच, सरकारी सिस्टम के आधुनिकीकरण और रिकॉर्ड प्रबंधन जैसे कामों में किया जाएगा। प्रस्तावित नियम के तहत इमिग्रेशन अदालतों, वीजा प्रोसेसिंग, श्रम मानकों के पालन और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय पर भी यह राशि खर्च की जाएगी। इसमें USCIS, कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन, इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट, न्याय विभाग की इमिग्रेशन अदालतों, विदेश विभाग और श्रम विभाग की इमिग्रेशन से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।



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