दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमतें पांच महीने से अधिक के उच्चतम स्तर 1.64 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं। ऐसा वैश्विक रुख और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मांग बढ़ने से हुआ।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 900 रुपये बढ़कर 1,64,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) हो गई, जो शुक्रवार को 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रही थी।
सोने की कीमत आखिरी बार नौ मार्च को इस स्तर के आसपास थी। उस समय यह 1,64,300 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी में भी लगातार तीसरे सत्र में बढ़त देखी गई और यह 3,500 रुपये बढ़कर चार महीने से अधिक के उच्चतम स्तर 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गई।
पिछले सत्र में चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। आखिरी बार यह 17 अप्रैल को इस स्तर के आसपास थी, जब इसकी कीमत 2,53,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि सोमवार को घरेलू बाजारों में सोने में तेजी आई, जबकि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कमजोर डॉलर और सुरक्षित निवेश की मजबूत मांग से चांदी की कीमतें भी ऊंची बनी रहीं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोना 42.45 डॉलर या एक प्रतिशत बढ़कर 4,646.54 डॉलर प्रति औंस हो गया और चांदी 69 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही।
कोटक सिक्योरिटीज की जिंस शोध विभाग की एवीपी, कायनात चैनवाला ने कहा कि सोमवार को वैश्विक बाजार में हाजिर सोने की तेजी जारी रही और यह 4,650 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि सर्राफा में अगली चाल भू-राजनीति पर कम और महंगाई पर ज्यादा निर्भर हो सकती है।




