ईरान से बात बनी नहीं, अब इजरायल का करीबी देश ट्रंप के निशाने पर, दे दी धमकी!


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बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जर्मन चांसलर से पूछा गया तो उन्होंने ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे बने हुए हैं. उन्होंने जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों को कम करने के ट्रंप के सुझाव पर अभी तक कोई रिएक्शन नहीं दिया है.

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डोनाल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया में बताया है अमेरिका जर्मनी में तैनात अपने हजारों सैनिकों की संख्या घटाने की स्टडी कर रहा है. ट्रंप की यह टिप्पणी जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की और से ईरान युद्ध के अमेरिकी रवैये की आलोचना के बाद आई है. इसमें मर्ज़ ने सुझाव दिया था कि ईरानी प्रतिनिधियों ने अमेरिका को अपमानित किया गया है.

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने ईरान से युद्ध को लेकर अमेरिकी रवैये की तीखी आलोचना की थी. उन्होंने यूनिवर्सिटी के छात्रों से कहा कि अमेरिकियों के पास कोई साफ रणनीति नहीं है. ईरान की तरफ से सीजफायर के लिए प्रतिनिधियों ने पूरे अमेरिकी राष्ट्र को अपमानित किया है.

36 हजार से अधिक सैनिक है तैनात

जर्मन चांसलर मर्ज़ की टिप्पणी के अगले दिन, राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर तीखा पलटवार किया. अपने पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि वह “अगले कुछ समय में जर्मनी में सैनिकों की संभावित कटौती की स्टडी कर रहे हैं. जर्मनी में अमेरिका की अहम सैन्य मौजूदगी है. पिछले दिसंबर तक देश भर के सैन्य ठिकानों पर 36 हजार से अधिक एक्टिव ड्यूटी सैनिक तैनात थे.

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के साथ जवाब दिया था कि मर्ज़ को लगता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है. उन्हें ये नहीं पता कि वह किस बारे में बात कर रहे हैं. मर्ज की नीतियों पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने पोस्ट में लिखा था कि इसमें कोई हैरानी नहीं कि जर्मनी आर्थिक और अन्य रूप से खराब प्रदर्शन कर रहा है.

जर्मनी में अमेरिकी सैनिक

पिछले दिसंबर तक जर्मनी में अमेरिका के 36 हजार से अधिक एक्टिव ड्यूटी सैनिक तैनात थे. इनमें से कई सैनिक दक्षिण-पश्चिमी जर्मनी के कैसरस्लॉटर्न शहर के पास स्थित ‘रामस्टीन एयर बेस’ पर तैनात हैं. यूरोप में अमेरिका की यह सबसे बड़ी तैनाती है. इसके अलावा इटली में 12 हजार और ब्रिटेन में 10 हजार सैनिक हैं.

ट्रंप का पहला बयान नहीं जब उन्होंने जर्मनी पर निशाना साधा हो. इससे पहले उन्होंने जर्मनी पर रक्षा खर्च कम करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि जर्मनी कुल GDP का 2% से कम रक्षा पर खर्च करता है.

जर्मनी लगातार बढ़ा रहा सैन्य खर्च

हालांकि मर्ज़ सरकार के तहत जर्मनी का रक्षा खर्च तेजी से बढ़ा है. अगले साल तक इसके GDP के 3.1 प्रतिशत तक पहुंचने के आसार हैं. इसके बावजूद ट्रंप ने नाटो को कागजी शेर और बताया है. लगातार इससे हटने की धमकियां दी हैं.

मर्ज़ ने दावा किया कि ट्रंप ने मार्च में उन्हें सैन्य सहायता पहुंचाने भरोसा दिया था. दूसरी ओर पेंटागन के लीक ईमेल से संकेत मिले हैं कि अमेरिका उन सहयोगियों पर नकेल कस सकता है जिन्होंने ईरान युद्ध में उनका समर्थन नहीं किया. इसमें स्पेन को नाटो से निलंबित करने जैसे सुझाव भी शामिल है.

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सज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor

मैं इस समय News18 App टीम का हिस्सा हूं. News18 App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…और पढ़ें



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