4.6 C
New York

Brij Bhushan Sharan Singh said- everyone knows why the seats have reduced | राजा भैया पर बृजभूषण बोले-यूं ही कोई बेवफा नहीं होता: यूपी में सीटें क्यों कम आईं… इस पर बोलूंगा तो घातक हो जाएगा – Uttar Pradesh News

Published:


पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह ने दैनिक भास्कर से बात की।

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को यूपी में भाजपा की हार का कारण पता है, लेकिन वह खुलकर कुछ नहीं बोल रहे। कहते हैं- गैस कम क्यों होती है, सबको पता है। इस पर कुछ बोला तो मेरे लिए घातक हो जाएगा।

.

रघुराजप्रताप सिंह ने इलेक्शन कैंपेन के आखिरी दौर में सपा को समर्थन क्यों दिया? इस पर शायराना अंदाज में कहते हैं- यूं ही कोई बेवफा नहीं होता…कोई वजह तो रहा होगा।

बृजभूषण 6 बार सांसद रहे हैं। महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद भाजपा ने टिकट काटकर उनके बेटे करण भूषण शरण को दे दिया था। करण चुनाव जीत गए।

दैनिक भास्कर ने ब्रिजभूषण से खास बातचीत की। उन्होंने कई सवालों के जवाब बेबाकी से दिए तो कई सवालों पर नजर आए। अयोध्या की हार पर भी वह कायम हैं, लेकिन संभालकर।

पढ़िए बृजभूषण का पूरा इंटरव्यू…

सवाल: यूपी में 80 मरे थे, भाजपा सिर्फ 33 जीती, क्या वजह मानी जा रही है?
उत्तर: हमको भी याद है और सबको याद है। लेकिन मुझे इसके विवेचना का अधिकार नहीं। इसकी समीक्षा या तो प्रदेश के मुखिया कर सकते हैं या भाजपा नेतृत्व कर सकते हैं।

प्रश्न: पूर्वांचल भाजपा का गढ़ है, इसके बाद भी यहां मर गए?
उत्तर: जिस स्थान पर आप बैठे हैं, यह देवीपाटन मंडल है। इसमें कुल 4 मौतें हुईं। 3 साइड हमने गोंडा, बहराइच और कैसरगंज में गाई हैं। हमारे मंडल का रिजल्ट बहुत अच्छा है। बाकी पर अपनी राय नहीं दे सकता।

बेटे करण की कैसरगंज सीट से जीत के बाद टीम ने बृजभूषण को फूल-माला पहनाकर खुशी मनाई।

बेटे करण की कैसरगंज सीट से जीत के बाद टीम ने बृजभूषण को फूल-माला पहनाकर खुशी मनाई।

सवाल: राजभर और संजय निषाद को कांग्रेस की स्थिति खराब, लेकिन वो उन्हें बचा नहीं पाए?
उत्तर: फिर वही बात घूमकर आती है, मैं सभी कारण जानता हूँ, लेकिन कुछ नहीं कह सकता। इस पर मुझे मत बोलो। मैं इस पर कुछ पछतावा तो मेरे लिए बड़ा घातक होऊंगा।

प्रश्न: आप भाजपा के बड़े नेता हैं, उसके बाद भी आप…?
उत्तर: मैं नेता था, अब मैं भूतपूर्व सांसद हूं। एक सामान्य कार्यकर्ता हूं। अब मैं लोगों से मिल रहा हूं। देखिए आप भी जानते हैं (भाजपा की हार क्यों हुई), मैं भी जनता हूं। सब लोग कारण जानते हैं, लेकिन मुझे अधिकार नहीं कि मैं इस पर अपनी राय रखूँ।

प्रश्न: इस बार आप नहीं, आपके बेटे थे। क्या ज्यादा मेहनत करनी चाहिए?
उत्तर: 2 मई को टिकट घोषित हुआ। 4 को पर्चा जारी हुआ, 6 को पर्चा चेक हुआ और 20 मई को मतदान हुआ। मैं अक्सर चुनावों के समय दो-तीन बार समीक्षा करता था। इस बार समय नहीं मिला। वोट प्रतिशत घटा, इसे मैं स्वीकार करता हूँ।

सवाल : कहा जा रहा था कि यूपी में ठाकुर भाजपा से नाराजगी है। आप बड़े ठाकुर नेता हैं, क्या मानते हैं?
उत्तर: यहां तो ठाकुरों ने भाजपा को खूब वोट दिया। बहराइच में भी दिया गया। अब नाराज़ होगे, कहाँ तो होगे? उनका अपना कोई इश्क़ होगा।

प्रश्न: राजा भैया ने राज में भाजपा को समर्थन दिया। फिर चुनाव में सपा को समर्थन दिया?
उत्तर: उनकी कोई पीड़ा रही होगी। खैर मैं तो जानता भी नहीं कि क्या बात थी? लेकिन एक बात है- यूं ही कोई बेवफा नहीं होता, कुछ तो रहा होगा।

प्रश्न: आपके दोनों बेटा विधानसभा और कांग्रेस के सदस्य हैं। खुद को राजनीति में कैसे सक्रिय करें?
उत्तर: ये सेवा भाव, जिसके कारण यहां तक ​​पहुंचे हैं। हमारे दरवाजे पर दो-चार जिले के लोग आते हैं। उनका सम्मान करते हैं, उनकी बातें सुनते हैं। उनके लिए फ़ोन करते हैं। ऐसे ही करते रहेंगे।

सवाल: केजरीवाल ने कहा था योगी को हटा दिया जाएगा, इसका चुनाव परिणाम पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: मुझे नहीं लगता। केजरीवाल और राहुल बाबा के बयान को कोई गंभीरता से नहीं लेता।

प्रश्न: अयोध्या से आपका दृढ़ संकल्प रहा है। वहां भी भाजपा हारी, इसका क्या कारण है?
उत्तर: मैंने पहले ही कहा था कि हम हार की सब वजह जानते हैं, लेकिन कह कुछ नहीं सकते।

प्रश्न: आप 5 जून, 2023 को अयोध्या में संत सम्मेलन नहीं कर पाएंगे। उसके बाद आपका अयोध्या जाना कम हो गया?
उत्तर: संत सम्मेलन मुझे करना था, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर मैंने उसे कैंसिल कर दिया। अयोध्या मेरा घर है। वहां मेरा परिवार रहता है। पूरा संत समाज मेरा परिवार है। वहाँ आना-जाना कभी कम नहीं रहा। मैं कल भी अयोध्या गया था, कल भी बुरा।

यह तस्वीर अयोध्या की है। 9 अप्रैल, 2023 को महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पहुंचे।  उनके साथ बृजभूषण भी मौजूद रहे।

यह तस्वीर अयोध्या की है। 9 अप्रैल, 2023 को महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पहुंचे। उनके साथ बृजभूषण भी मौजूद रहे।

प्रश्न: आपके एक बेटे विधायक हैं, दूसरे भी भाजपा से सांसद बन गए, क्या ये परिवारवाद नहीं है?
उत्तर:
अब ये वहां की जनता से पूछिए। मुझे लगता है कि अखिलेश का भी पूरा परिवार चुनाव जीत गया। इस चुनाव में हमारे बेटे लड़े थे, इसलिए किसी से अलग नहीं लड़े थे। मैं 1991 से सांसद था, मेरी सीट पर लड़े। मैं नहीं लड़ूंगा, तो वो लड़ेंगे।

प्रश्न: जब आप सांसद थे तो लोगों की मदद करते थे। अब कैसे करेंगे?
उत्तर: आप देखिए, अभी कितने लोग बैठे हैं। मोटर्स से पूछिए कि मदद होगी या नहीं। मैं सांसद नहीं हूँ तो क्या हुआ, भूतपूर्व तो हूँ। सबकी मदद की जाएगी।

सवाल: आगे की राजनीति को लेकर कोई नई योजना?
उत्तर: नहीं-नहीं बस जनसेवा, सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा।

बृजभूषण सिंह की प्रोफाइल

ये भी पढ़ें…

अयोध्या जीते सपा सांसद बोले- यहां मोदीजी भी हारते:भाजपा को हराकर चर्चा में आए अवधेश प्रसाद बोले- उनका घमंड चूर हुआ

चर्चा तो यह है कि पीएम नरेंद्र मोदी के अयोध्या से चुनाव लड़ने की हो रही थी। हम भी खुश थे कि अब अच्छा समय आएगा कि मोदी जी यहां से चुनाव लड़ें। हम जानते थे कि जनता मेरे साथ है। इस बार पीएम भी अयोध्या से लड़ेंगे तो चुनाव हार जाएंगे।’ ये हैं अवधेश प्रसाद, अयोध्या के नए सांसद। सपा ने चुनाव लड़ते हुए भाजपा को हरा दिया। दैनिक भास्कर से उन्होंने कहा- मेरे रोम-रोम में राम बसे हैं। भाजपा नेताओं ने देशवासियों को राम मंदिर का नाम दिया, इसलिए अयोध्या की जनता ने उनका अहंकार तोड़ दिया। पूरी खबर पढ़ें

अमेठी में स्मृति ईरानी क्यों हार गईं:लोग बोले- 2019 में ‘दीदी’ बन जीत गईं; फिर प्रेशर पॉलिटिक्स करने लगी, हरना तो था ही

हाई प्रोफाइल कांग्रेस सीट अमेठी फिर राज्य में है। 2019 में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को वोट से हराया, 2024 में वह 3 गुना मार्जिन से खुद हार गईं। स्मृति ईरानी ने कहा कि केएल शर्मा को कांग्रेस का प्रमुख उम्मीदवार बताया जा रहा है, उन्होंने पूरे देश को चुनाव में चौंका दिया। जनता की नियति तो 2019 का चुनाव स्मृति ‘दीदी’ बनकर जीत गए थे। मगर 5 साल में कई दृश्य बदल गए। पूरी खबर पढ़ें



Source link

Related articles

spot_img

Recent articles

spot_img