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Modi will take oath today in Vijay Muhurat: Why did the committee that decided the Muhurat for Ramlala’s Pran Pratishtha choose the 9th date | आज विजय मुहूर्त में शपथ लेंगे मोदी: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकालने वाली समिति ने क्यों चुनी 9 तारीख

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8 मिनट पहलेलेखक: कमल परमार

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आज दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। दो बार स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद इस बार नरेंद्र मोदी साथी दलों के साथ मिलकर सरकार बना रहे हैं। इसके लिए शपथ ग्रहण का विशेष मुहूर्त निकाला गया है।

दिव्य भास्कर ने नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण का मुहूर्त निकालने वाले अहमदाबाद के ज्योतिषी विश्व वोरा से बातचीत की। ज्योतिषियों का कहना है कि इस मुहूर्त में मोदी की शपथ उसके प्रभाव से भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।

जानिए 9 जून को क्यों लगाया गया ग्रहण और क्यों है खास इस दिन शाम का मुहूर्त….

ज्योतिषी विश्व वोरा बताते हैं कि वह अयोध्या राम मंदिर का मुहूर्त निकालने वाली समिति के सदस्य थे, इसलिए उन्हें शपथ ग्रहण का मुहूर्त निकालने की जिम्मेदारी दी गई।

इस मुहूर्त को निकालने के लिए 15 से 20 दिनों तक की तैयारी करें। जिस दिन लोकसभा चुनाव के नतीजों वाले दिन यानी 4 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय में शपथ का मुहूर्त दिया गया। इसी तरह पीएम का शपथ ग्रहण समारोह 9 जून को किया जा रहा है।

9 जून का मुहूर्त भारत के लिए शुभ है। इस मुहूर्त के प्रभाव से अगले पांच वर्ष तक कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि लंबे समय तक भारत को लाभ मिलेगा।

9 जून का मुहूर्त क्यों खास है ?
यह दिन ज्येष्ठ माह के तृतीया तिथि और रविवार है। साथ ही पुनर्वसु नक्षत्र भी जीवित रहेगा। जो की देवताओं का नक्षत्र होता है। यह सभी शुभ कामों में महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान श्री राम का जन्म भी इसी नक्षत्र में हुआ था। इस दिन वृद्धि, अमृत और नैमित्तिक योग बन रहे हैं। जो भारत के विकास का संकेत दे रहा है। साथ ही इस दिन चंद्रमा अपनी ही राशि यानी कर्क राशि में रहेगा। भारतीय कुंडली में भी चंद्रमा कर्क राशि में है, इसलिए इस दिन को मुहूर्त के तौर पर चुना गया है।

9 जून को कितने बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह?
शाम 7.07 से 7.35 तक विशेष शुभ सूक्ष्म समय निकाला गया है। इस समय वृश्चिक लग्न रहेगा। जो कि स्थिर लग्न होता है। इससे पहले मोदी ने 2014 और 2019 में भी इसी तरह की शपथ ली है। इसमें कुंभ और मीन नवमांश लिया गया है।

इस समय की कुंडली में लग्न के स्वामी मंगल और चंद्रमा, दोनों ही स्वयं की ही राशि में होंगे। सूर्य, बुध, गुरु और शुक्र कुंडली के सातवें घर में होंगे और लग्न पर इन सभी ग्रहों की दृष्टि होगी। जिससे भारत की भूमिका और मजबूत होगी।

इस दिन लग्न और नवमांश का भी बहुत अच्छा संयोग बन रहा है। खास बात यह है कि नरेंद्र मोदी की जन्म राशि वृश्चिक और भारत की कुंडली का लग्न वृषभ है। इन दोनों में समसप्तक योग बन रहा है। वहीं भारत और नरेंद्र मोदी की राशि से नवमपंचम लाभ योग बन रहा है।

इस बार गौधुलिक नाम का विजय मुहूर्त है
शपथ लें वक्त गौधुलिक नाम का विजय मुहूर्त रहेगा। जो शास्त्रों के अनुसार सभी कामों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। ज्योतिष में तीन विजय मुहूर्त बताए गए हैं – त्रेतार, मध्याह्न और शनि। इसमें साप्ताहिक मुहूर्त को विशेष बताया गया है। मध्याह्न विजय मुहूर्त और वृश्चिक नवमांश के समय अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी।

अब शपथ ग्रहण मुहूर्त के लिए वृश्चिक लग्न और गौधूलिक विजय मुहूर्त पर जोर दिया गया है। यह शुभाशुभ मंगल सदैव शुभ फलदायी ही सिद्ध हुआ है। इससे भारत का भविष्य भी उज्ज्वल होगा और देश विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर होगा। विश्व वोरा के अनुसार जब नरेंद्र मोदी की शपथ लेंगे, उस मुहूर्त में कोई भी काम किया जाए तो सफलता मिलनी तय है। मुहूर्त, लग्न और ग्रहों की ऐसी सटीक स्थिति पांच या दस वर्ष में एक बार बनती है।

विश्व वोरा कौन हैं?
विश्व वोरा उस समिति के भी सदस्य थे, जो राम मंदिर का उद्घाटन कर रहे थे। विश्व वोरा ने कहा, ‘अयोध्या में राम मंदिर के मुहूर्त में शामिल होना मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। राम मंदिर का पूरा आयोजन बहुत सफल रहा था। अब मेरे लिए ये एक और उपलब्धि है कि जिस समिति ने प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण का मुहूर्त निकाला है, मैं उस समिति का सदस्य हूं।



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