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Assam Atul Bora Interview; BJP NDA Meeting | Lok Sabha Election | अतुल बोरा को NDA की कैबिनेट में मंत्रालय की उम्मीद: असम के कृषि मंत्री ने कहा- हम 2016 से गठबंधन के साथ, आगे भी उन्हीं के संग रहेंगे

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नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

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अतुल बोरा वर्ष 2016 के चुनाव में आप असम सरकार में मंत्री बने थे। वे कृषि मंत्रालय संभाल रहे हैं।  - दैनिक भास्कर

अतुल बोरा वर्ष 2016 के चुनाव में आप असम सरकार में मंत्री बने थे। वे कृषि मंत्रालय संभाल रहे हैं।

असम के कृषि मंत्री और असम गण परिषद (एजीपी) प्रमुख अतुल बोरा (64) से दैनिक भास्कर ने खास बातचीत की। उनकी पार्टी एनडीए गठबंधन में शामिल है। वे 5 मई को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर हुई बैठक में शामिल हुए थे।

उनके साथ एनडीए में शामिल 22 विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद थे। सभी ने सुरक्षित तरीके से नरेंद्र मोदी को एनडीए का नेता चुना था। असम की पार्टी के नेता फणी भूषण चौधरी ने असम की बारपेटा सीट से जीत दर्ज की है।

फणी भूषण को 860113 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस के दीप बयंन को 222351 वोट से हराया है। अतुल को उम्मीद है कि एनडीए कैबिनेट में असमंजस को मौका मिलेगा। इससे उत्तर पूर्व के विकास में लाभ होगा। उनका कहना है कि हम एनडीए के साथ हैं। आगे के चुनाव भी एनडीए के साथ लड़ेंगे।

प्रश्न: आप और एनडीए में शामिल 22 विपक्षी नेता पीएम के साथ शामिल हुए। इसमें संकल्प भी पास हुआ, जिस पर सभी ने हस्ताक्षर किए। मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बनने की मांग की।

उत्तर: एनडीए को तीसरी बार जनादेश मिला, यह कोई आम बात नहीं है। देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री ने जो कदम उठाया, जिस ढंग से काम किया उसने देख लोगों का भरोसा है।

आप जानते हैं कि मनमोहन सिंह असम से दो बार संसद गए, लेकिन असम के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया, जबकि लोगों को उम्मीद बहुत ज्यादा थी।

वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लिए बहुत काम किया है और लोग खुश हैं। एनडीए 300 के पास है, यह कम साइड इफेक्ट नहीं है। लगातार तीसरी बार जनादेश से बहुत बड़ी बात होती है।

असम गण परिषद हमेशा से एनडीए में है। हमारा समर्थन भी उनके साथ है। टीडीपी की बात करें तो टीडीपी हमारा पुराना दोस्त है। 1985 से वो हमारे साथ है। बड़ी बात यह है कि टीडीपी भी सत्ता में है। हर बड़ी केंद्रीय पार्टी का मोदी जी को समर्थन है।

प्रश्न:कितने घंटे लगे?

उत्तर: लंबे दिखाई हुई और अच्छी रही। सभी पार्टियों से प्रतिक्रियाएँ वहां मौजूद थीं। सबको अपना-अपना पक्ष बताया। दिल खोलकर अपने अनुभव को ताज़ा करें। मोदी जी ने उन्हें अपना विजन बताया। मोदी जी को तीसरी पारी में क्या-क्या करना है वो उन्होंने सबसे ज्यादा शेयर किया।

प्रश्न: तीसरे कार्यकाल में एनडीए सरकार क्या-क्या करने वाली है अगर आप ये कुछ बताइए।

उत्तर: मैनुएल की बात नहीं बता सकता हूँ। मैं एनडीए प्रवक्ता नहीं हूं। हम सिर्फ भागीदार हैं। मेरा कुछ भी बताना ठीक नहीं होगा।

प्रश्न: अभी आपने कहा कि मनमोहन सिंह ने 2 बार असम का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन असम के लिए कुछ नहीं किया। तो क्या ये समझा जाए कि पीएम मोदी असम से आने वाले किसी नेता को बड़ा मंत्रालय देने वाले हैं? ताकि उत्तर पूर्व में विकास हो?

उत्तर: ये तो प्रधानमंत्री पर है कि वो किसको मंत्रालय देना चाहते हैं और किसको नहीं।

प्रश्न: कुछ तो बात हुई होगी?

उत्तर: हमारे साथ इस मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई। दूसरों के साथ हुई हो तो मुझे पता नहीं है। लेकिन मैं ये आशा करता हूँ कि हमें मंत्रालय मिले।

प्रश्न: बीजेपी 441 सीट पर चुनाव लड़े, सहयोगी दल 102 सीट पर चुनाव लड़े। एनडीए पार्टियों का भाजपा से बेहतर प्रदर्शन हो रहा है। इसे आप कैसे देखते हैं?

उत्तर: सब लेकर चलने से अवश्य देश के लिए अच्छा ही होगा। क्योंकि लोग अपने मन में भावनाएं रखते हैं। देश के कोने-कोने में क्षेत्रीय दल हैं। उनकी स्थानीय खबरें भी हैं। इसीलिए क्षेत्रीय दल को अधिक जिम्मेदारी देना ही ठीक है।

प्रश्न: अभी आप एक सीट जीत गए हैं, लेकिन कुछ समय में जब असम में चुनाव होगा। तब क्या आप वहां भी अलायन्स में जाएंगे?

उत्तर: हां, असम में हम 2016 के पहले से एनडीए में हैं। जब से एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं तो आगे भी हम साथ ही जायेंगे।

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