
छत्तसीगढ़ में दानी हमला
नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में ग्रामीणों ने सुरक्षाबलों के शिविर पर व्यापक हमला किया। नारायणपुर के इरकभट्टी कैंप पर दैत्यों ने देसी बम और रॉकेट लांचर से हमला बोला। लेकिन सुरक्षाबल बेहद चौकस थे और उन्होंने भारतीयों को मुंहतोड़ जवाब दिया। देश के सुरक्षा बलों को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी जवान सुरक्षित हैं।
कोहाकामेटा थाना इलाके की घटना
जानकारी के अनुसार यह घटना कोहकामेटा थाना इलाके की है। उत्साहित, यहां सुरक्षाबलों के सील शिविर लगाया गया था। इसी दौरान नक्सलियों ने उनके शिविर पर हमला किया है। जिसके बाद सील ने भी हौसला दिखाते हुए जवाबी फायरिंग की। सील को भारी मात्रा में देख दैत्य वहां से भाग निकले। इसके बाद सभी थाना कैंपों को स्थापित कर दिया गया। नारायणपुर के एसपी प्रभात कुमार ने हमले की पुष्टि की है।
कुत्तों पर कसा शिकंजा
बता दें कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने देवताओं के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। दो दिन पहले ही प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नौ भारतीयों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से एक पर पांच लाख रुपये का इनाम था। पकड़े गए देवताओं से विस्फोटक, पिट्ठू और अन्य सामान बरामद किए गए।
पांच देवता गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में सुरक्षाबलों ने फरसेगढ़ थाना क्षेत्र में कुपरेल और मंडेम गांवों के करीब से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया था, जो 15 मई को फरसेगढ़ थाना प्रभारी के वाहन को बारूदी सुरंग में विस्फोट कर उड़ाने की घटना में शामिल थे। इस विस्फोट में वाहन को क्षति पहुंची थी तथा थाना प्रभारी बाल-बाल बच गए थे। उन्होंने बताया कि माओवादी क्षेत्र में बारूदी सुरंगें, लेवी राशन करने, सड़क काटने, बैनरों का काम करते थे। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी है।
8 देवताओं ने किया सरेंडर
इससे पहले दो जून को आठ देवताओं ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। इनमें से चार के सिर पर कुल पांच लाख रुपए का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वाले आठ राक्षसों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं, जिनके बारे में कथित तौर पर कहा गया है कि उन्होंने सड़कों को काटा, माओवादी पर्चे और पोस्टर एवं सुरक्षा बलों की जानकारी हासिल की और माओवादियों के लिए अवैध उगाही करने का काम किया। आत्मसमर्पण करने वालों में से महिला दानी वेट्टी मासे (42) पर दो लाख रुपए का इनाम था। तीन अन्य दैवीय जातियों सागर खैर देवा मडकम (31), पोडियाम नांदे (30) और सोढ़ी तुलसी (32) पर एक-एक लाख रुपए का इनाम था। (रिपोर्ट-सिकंदर)
