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BJP NDA Election Result Meeting LIVE Updates; PM Modi Nitish Kumar | Chandrababu Naidu – JDU TDP | NDA गठबंधन: भाजपा के 14 सहयोगियों के पास 53 सीटें, रक्षा-रेलवे और कृषि जैसे प्रमुख मंत्रालयों पर JDU-TDP की नजर

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  • बीजेपी एनडीए चुनाव परिणाम बैठक लाइव अपडेट; पीएम मोदी नीतीश कुमार | चंद्रबाबू नायडू जेडीयू टीडीपी

नई दिल्ली3 मिनट पहले

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कांग्रेस चुनाव में बहुमत मिलने के अगले ही दिन बुधवार (5 जून) को एनडीए ने नरेंद्र मोदी को नेता चुना। पीएम आवास पर हुई बैठक में प्रस्ताव दिया गया, ‘हमें गर्व है कि एनडीए ने मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और जीता।’

बैठक में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे समेत 14 पक्षों के 21 नेता थे। मोदी ने एम.डी.एम. और नीतीश के साथ अलग से भी बैठक की। माना जा रहा है कि दोनों ने गठबंधन जारी रखने का दावा किया।

कांग्रेस चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। पार्टी को 240 वोट मिले हैं। यह बहुमत के आंकड़े (272) से 32 प्रतिशत कम हैं। इस तरह वह 14 सहयोगी दलों के 53 सांसदों के साथ मिलकर गठबंधन सरकार चलाएगी।

इसमें चंद्रबाबू की टीडीपी 16 सीटों के साथ दूसरी और नीतीश की जेडीयू 12 सीटों के साथ तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। दोनों रिश्ते चाहते हैं कि मुलाकात में बड़ी भूमिका होने के रिश्तेदारों को उसी मिस्सलिया से कैबिनेट में भी शामिल किया जाए।

रक्षा-रेलवे और कृषि जैसे प्रमुख मंत्रालयों पर बड़े सहयोगियों की नजर
केंद्र सरकार के 10 सबसे शक्तिशाली और समृद्ध मंत्रालय हैं- गृह, रक्षा, वित्त, विदेश, रेलवे, सूचना प्रसारण, शिक्षा, कृषि, सड़क परिवहन और नागरिक उड्डयन। अकेले बहुमत होने से 2019 और 2014 में भाजपा ने सभी बड़े विभाग अपने पास रखे।

खबर है कि इस बार जेडीयू रेलवे-कृषि मंत्रालय के साथ बिहार के लिए विशेष पैकेज पर है। वहीं, टीडीपी प्रमुख स्पीकर, तीन बड़े मंत्रालय और विशेष राज्य का दर्जा चाहती है।

राउत ने बताया, 7 जून को मोदी को भाजपा संसदीय दल-एनडीए संसदीय दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति के चित्र सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। शपथ ग्रहण 8 जून को हो सकता है।

लाइव अपडेट्स

3 मिनट पहले

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कई जजमेंट-रिफॉर्म्स लटकेंगे

भाजपा के पास बहुमत नहीं है। गठबंधन की सरकार में सहयोगी भाजपा की पिछली गलतियों और कई सुधारों को लागू करने में रोड़ा बन सकता है।

गठबंधन में अहम भूमिका निभाने वाली विचारधाराएं और टीडीपी के अपने-अपने हित हैं। विगत में एन. चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार दोनों भाजपा के साथ दुखद रिश्ते में हैं।

विश्लेषक बताते हैं कि इस तरह भाजपा को 10 सालों से जारी सुधार के अहम पड़ाव, प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल सकते हैं।

वो 4 बड़े मुद्दे, जिन पर ठिठक सकते हैं कदम

एक देश-एक चुनाव: इस पर आगे बढ़ना मुश्किल होगा। टीडीपी इसके विरोध में है, जबकि पार्टी इसके समर्थन में है। विरोध करने वाला फीडबैक भी मजबूत हुआ है।

परिसीमन : भाजपा ने 2029 तक महिला आरक्षण का वादा किया है। यह परिसीमन पर ही लागू होगा। दक्षिण में असर के चलते टीडीपी विरोध में है।

समान नागरिक संहिता : भाजपा इसे देश में लागू करने को तैयार थी। अब पार्टी इसे राष्ट्रीय स्तर से हटा सकती है।

काशी-मथुरा : राम मंदिर का फायदा न मिलने से इस दावे की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।



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