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- महाराष्ट्र चुनाव परिणाम 2021; देवेंद्र फडणवीस | भाजपा एनसीपी शिवसेना सीटें
मुंबईकुछ ही क्षण पहले
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महाराष्ट्र में भाजपा, एनसीपी (अजित) और भाजपा (शिंदे) ने मिलकर चुनाव लड़ाई लड़ी थी।
कांग्रेस चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी को महाराष्ट्र की 48 कांग्रेस सीटों में केवल 9 हाथ लगे। पिछली बार 2019 में पार्टी के 23 हिस्से नशे में आए थे। वहीं, उनकी सहयोगी पार्टी भाजपा (शिंदे) को 7 सीटें और एनसीपी (अजित) को 1 सीट मिली है।
बुधवार (5 जून) को राज्य के डिप्टी सीएम भाजपा नेता उद्धव फड़णवीस ने भाजपा के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली।
फड़णवीस ने कहा, ”महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में हमें जो भी नुकसान हुआ, उसकी पूरी जिम्मेदारी मैं लेता हूं।” इसलिए मैं शीर्ष नेतृत्व से आग्रह करता हूं कि मुझे मंत्री पद से मुक्त किया जाए, क्योंकि मुझे पार्टी के लिए काम करने और राज्य विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अपना समय देने की जरूरत है।”
उन्होंने आगे कहा कि कुछ मुद्दों पर किसानों ने प्रमुख भूमिका निभाई है। साथ ही संविधान में बदलाव किए जाने के झूठे प्रचार ने कुछ महिलाओं को प्रभावित किया। मुस्लिम और मराठा आंदोलन का भी वोटों पर असर पड़ा।
फडणवीस ने यह भी कहा कि भाजपा अकेले ही है भारत ब्लॉक से ज्यादा मौतें हासिल की हैं। संविधान बदलने का दुष्प्रचार भारत ने ही फैलाया था। हमें इस पर लगाम लगाने की जरूरत थी, जो हम नहीं कर पाए। मैं देश की जनता का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने का मौका दिया।
भारत ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भी अच्छा प्रदर्शन किया। मैं इसके लिए लोगों का शुक्रिया अदा करता हूँ।
सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा- रणनीतिक हार सामूहिक जिम्मेदारी
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने डिप्टी सीएम पद से हटने के बयान पर कहा कि फडणवीस की सामूहिक जिम्मेदारी खुद पर है। उन्होंने आगे कहा कि तीनो चुनावों में मिलकर काम किया था। वोट शेयर देखें तो मुंबई में महायुति को दो लाख से ज्यादा वोट मिले।
शिंदे ने आगे कहा कि हार के कारणों की ईमानदारी से समीक्षा की जाएगी। पिछले दो सालों में सरकार ने राज्य में कई अच्छे फैसले लिए हैं। मैं जल्द ही पाताल जी से बात करूंगा। हमने पहले भी साथ मिलकर काम किया है और आगे भी करते रहेंगे। हम विपक्ष के गलत प्रभाव का मुकाबला करने में सामूहिक रूप से असफल रहे हैं।
राज्य में एनडीए को मिली महज 17 मौतें
महाराष्ट्र में भाजपा-एनसीपी की हत्या से कांग्रेस को बड़ा फायदा मिला, लेकिन भाजपा को बड़ा नुकसान हुआ। 48 सीटों में 9 भाजपा, 13 कांग्रेस, 9 दलित (उद्धव), 7 दलित (शिंदे), 8 एनसीपी (शरद), 1 एनसीपी (अजित) और 1 अन्य के खाते में गई। 2019 में 23 भाजपा, 18 बसपा और 4 एनसीपी ने जान गंवाई। सबसे बड़ा फायदा कांग्रेस को मिला। महज 17% वोट लेकर कांग्रेस यहां सबसे ज्यादा मौतें जीत गई और सबसे बड़ा वोट शेयर (26%) के बावजूद भाजपा 13 मौतें गंवाकर 10 पर आ गई।
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2024 के कांग्रेस चुनाव में एनडीए गठबंधन ने 292 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के आंकड़े 272 से 20 ज्यादा हैं। इस जीत के बावजूद भाजपा अकेले बहुमत लाने में कामयाब नहीं हो रही है। पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान उसका गढ़ कहने वाले हिंदी बेल्ट में ही हुआ।
भाजपा को यूपी में सबसे ज्यादा 29 फीसदी का नुकसान हुआ है। 2019 में उन्हें 62 सीटें मिलीं, जबकि इस बार पार्टी 33 पर सिमट गई। दूसरा सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है, जहां उसे 10 सीटों का नुकसान हुआ। 2019 की 24 के मुकाबले इस बार उसे 14 सीटों पर ही जीत मिली है।
बिहार में भाजपा 2019 के मुकाबले 5 सीटों के नुकसान में रही। यहां उसकी गाड़ी 17 से 12 रह गई। इसी तरह झारखंड में पिछले बार की 12 के मुकाबले उसे 8 दिन ही बुरे लगे। यानी कुल 4 टुकड़ों का नुकसान हुआ। वहीं हरियाणा में पार्टी 10 से 5 विकेट पर सिमट गई।
हिंदी बेल्ट से इतर महाराष्ट्र में भी भाजपा को जबरदस्त झटका लगा है। 2019 के 23 के मुकाबले इस बार 9 सितम ही मिले हैं। यानी वहां भाजपा को पूरी 14 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। कुल मिलाकर भाजपा को इस बार 20% का नुकसान है। वहीं कांग्रेस को 90% सफलता का फायदा हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…
28 राज्य, 8 केंद्र शासित प्रदेशों में जीत-हार के नतीजे: 6 राज्यों में भाजपा का क्लीन स्वीप; रापा तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी

कांग्रेस की 542 सीटों की गिनती हो चुकी है। दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया है। कांग्रेस 99 सीट मु दूसरी सबसे बड़ी पार्टी और सपा 37 सीट मु तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी।
उत्तर प्रदेश की लखीमपुर खीरी सीट से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी चुनाव हार गए हैं। 2021 में टेनी के बेटे ने प्रदर्शन कर रहे अभिनेता पर अपनी कार चढ़ा दी थी। इसमें 8 लोगों की मौत हुई थी।
साथ ही मोदी सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी, महेंद्र नाथ पांडे और कौशल किशोर भी चुनाव हार गए हैं। उधर फैजाबाद (अयोध्या) में बीजेपी उम्मीदवार लल्लू सिंह को भी हार मिली।
राहुल गांधी केरल के वायनाड और यूपी के रायबरेली से चुनाव जीत गए। वहीं कैसरगंज सीट से करणभूषण सिंह ने भी बाज़ी मारी। करणभूषण पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पुत्र हैं। बृजभूषण पर पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें टिकट नहीं मिला। पूरी खबर पढ़ें…
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