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नई दिल्ली21 मिनट पहले
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जयराम रमेश ने 1 जून को सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा किया था। इलेक्शन कमीशन ने 2 जून को इस पर विचार किया।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार (1 जून) को दावा किया था कि गृह मंत्री अमित शाह जिला कलेक्टरों को फोन करके डरा-धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह से अमित शाह 150 अधिकारियों को फोन कर चुके हैं। जयराम ने यह बात बताई थी।
रविवार को चुनाव आयोग ने जयराम रमेश के दावे का खुलासा किया। आयोग ने जयराम रमेश को एक पत्र लिखकर कहा है कि वे अपने दावे से जुड़ी जानकारी साझा करें। ताकि इस मामले में सही कार्रवाई की जा सके।

इलेक्शन कमीशन ने कहा- ऐसे रिपोर्ट्स चिन्ताजनक प्रक्रिया पर संदेह पैदा करते हैं
आयोग ने जयराम रमेश को लेखन पत्र में कहा है कि आचार संहिता लागू होने के दौरान सभी अधिकारी चुनाव आयोग को रिपोर्ट करते हैं। अब तक किसी डीएम ने ऐसी जानकारी नहीं दी है, जैसे आप दावा कर रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि वोट काउंटिंग की प्रक्रिया एक पवित्र कर्तव्य है, जो हर रिटर्निंग एजेंट को प्रभावित करती है। आपके ऐसे रिपोर्ट इस प्रक्रिया पर संदेह पैदा करते हैं, इसलिए इस रिपोर्ट पर ध्यान देने जाने की आवश्यकता है।
आयोग ने आगे कहा कि आप एक राष्ट्रीय पार्टी के जिम्मेदार, अनुभवी और वरिष्ठ नेता हैं। जो तथ्य और जानकारी आपको सही लगी, उसके आधार पर गिनती की तारीख से पहले आपने ऐसा बयान दिया, इसलिए आपसे हमारा अनुरोध है कि आप उन 150 डीएम की डिटेल हमें दें, जिन्हें गृहमंत्री की तरफ से फोन किए जाने का आप दावा कर रहे हैं । इसके साथ ही आपको तथ्यात्मक जानकारी और अपने दावे का आधार भी बताना होगा। यह जानकारी आप 2 जून को शाम 7 बजे तक दें, ताकि जरूरी कार्रवाई की जा सके।
जयराम बोले-इलेक्शन कमीशन पर भरोसा नहीं रहा
इसके जवाब में रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस इलेक्शन कमीशन का सम्मान करती है, लेकिन अब तक यह संस्था जिस तरह से काम करती है, उसकी वजह से इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है, इसे निष्पक्ष होना चाहिए। लोग न सिर्फ निराश हैं, बल्कि उम्मीदवारों को बल्कि चुनाव आयोग को भी देख रहे हैं।
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चुनाव आयोग ने 22 मई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को नोटिस जारी किया। आयोग ने दोनों सितारों के अध्यक्षों और स्टार प्रचारकों से अपने भाषण को सही करने, सावधानियों और मृत्युदंड बनाए रखने के लिए कहा।
कांग्रेस चुनाव में राहुल गांधी समेत कांग्रेस के नेता अपने भाषणों में संविधान बचाने और अग्निवीर स्कीम का बार-बार जिक्र कर रहे हैं। वहीं भाजपा के नेता अपनी बात में मुसलमान और धर्म पर जोर दे रहे हैं। आयोग ने दोनों धारावाहिकों के स्टार प्रचारकों को धार्मिक और सांप्रदायिक रिपोर्टिंग न करने का निर्देश दिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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