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Bail plea | केजरीवाल आज तिहाड़ जेल में सरेंडर करेंगे: जमानत याचिका पर 5 जून को फैसला; ED ने कहा- उन्होंने सेहत को लेकर झूठा दावा किया

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नई दिल्ली3 मिनट पहले

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केजरीवाल ने 31 मई को एक वीडियो में केंद्र सरकार और जेल अधिकारियों पर खुद को फंसाने के आरोप लगाए थे।  - दैनिक भास्कर

केजरीवाल ने 31 मई को एक वीडियो में केंद्र सरकार और जेल अधिकारियों पर खुद को फंसाने के आरोप लगाए थे।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल आज तिहाड़ जेल में सरेंडर करेंगे। राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1 जून को मेडिकल ग्राउंड पर जमानत याचिका पर सुनवाई की। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने फैसला 5 जून तक के लिए सुरक्षित रखा है।

केजरीवाल ने 7 दिन की जमानत मांगी थी, ताकि वे अपना मेडिकल टेस्ट करा सकें। लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत में उनकी अपील का विरोध किया। केवड़िया को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 10 मई को अंतरिम जमानत दी थी, जो 1 जून को खत्म हो रही है। 2 जून को उन्हें सरेंडर करना होगा।

ईडी का दावा- ‘कन्या का वजन 7 किलो घटा नहीं, 1 किलो घटा’
ईडी ने कोर्ट में दावा किया है कि केजरीवाल ने आरोपों को खारिज किया है और अपनी सेहत को लेकर झूठे बयान दिए हैं। उनका वजन 1 किलो बढ़ गया है, लेकिन वे झूठा दावा कर रहे हैं कि उनका वजन 7 किलो कम हो गया है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि केजरीवाल ने 31 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी दावा किया कि वह 2 जून को सरेंडर करने जा रहे हैं। हालांकि कोर्ट में केजरीवाल के वकील ने कहा कि वे बीमार हैं और उन्हें इलाज की जरूरत है। हालांकि कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला 5 जून तक सुरक्षित रख लिया है।

कोर्ट में एसजी की दलील- जब यात्रा कर रहे थे तब टेस्ट क्यों नहीं करवाए
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने एक स्पीकिंग आदेश दिया है, लेकिन केजरीवाल ने उस आदेश को दबा दिया। इसके पीछे यह बात है कि वे चुनाव प्रचार के उद्देश्य से यात्रा कर रहे थे, लेकिन उन्होंने तब मेडिकल टेस्ट नहीं करवाया।

ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि हमें अंतरिम जमानत दाखिल करने पर भी आपत्ति है। ये न्यायालय सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं बदल सकता। वे हालिया जमानत पर हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी है। वे मेडिकल टेस्ट कराने के बजाय यात्रा कर रहे थे। जबकि मेडिकल टेस्ट में एक घंटे से ज्यादा समय नहीं लगेगा।

केजरीवाल के वकील बोले- चुनाव प्रचार के लिए ही अंतरिम जमानत दी गई थी
अरविंद केजरीवाल के वकील एन हरिहरन ने कोर्ट में कहा कि जमानत पार्टी के लिए प्रचार करने के मकसद से दी गई थी, क्योंकि आम आदमी पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी है। केजरीवाल 20 दिनों के लिए बाहर हैं और अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया होता, तो आप कहते हैं कि देखिए उन्होंने प्रचार नहीं किया और बीमार हो गए।

केजी ने वीडियो जारी कर क्या-क्या कहा था

  • जेल में मैं 50 दिन था। इन 50 दिनों में मेरा 6 किलो वजन कम हुआ। डॉक्टर कह रहे हैं कि मुझे कई टेस्ट कराने की जरूरत है। मेरी यूरिन में कीटोन का स्तर भी बढ़ गया है।
  • मेरे हौसले बुलंद है। इस बार भी मैं झुकूंगा नहीं। आप खुश रहेंगे तो मालिक भी खुश रहेंगे। मैं आपके बीच नहीं आऊंगा, लेकिन आपके सारे काम होते रहेंगे।
  • मैं जहां भी रहूंगा, दिल्ली के काम नहीं रुकेंगे। अस्पताल, शौचालय, निःशुल्क बस सेवा जैसी सभी योजनाएं गतिशील। मैं हमेशा आपके परिवार का बेटा बन के अपना फ़र्ज़ निभाता हूँ।
  • आज मैं अपने परिवार के लिए आपसे कुछ मांगना चाहता हूं। मेरे माता-पिता बुजुर्ग हैं। मुझे जेल में उनकी चिंता लगी रहती है। मैं चाहता हूं कि दिल्ली की जनता मेरे माता-पिता का ख्याल रखे।
  • मेरी पत्नी सुनीता बहुत मजबूत हैं। वह हर मुश्किल वक्त में मेरे साथ दिया है। मुश्किल वक्त में परिवार एक हो जाता है। हम सब मिलकर तानाशाही से लड़ रहे हैं।
  • आपकी प्रार्थनाओं के कारण मैं जीवित हूँ। आगे भी आपका आशीर्वाद ही मेरी रक्षा करेगा। भगवान ने चाहा तो आपका यह पुत्र बहुत जल्द वापस आएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने 28 मई को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। दिल्ली के सीएम ने मेडिकल ग्राउंड पर एक जून तक मिली अंतरिम जमानत को 7 दिन बढ़ाने की मांग की थी। न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि सीजेआई अंतरिम जमानत बढ़ाने का फैसला करेंगे, क्योंकि मुख्य मामले में न्यायमूर्ति जेके के खिलाफ फैसला सुरक्षित है।

आप ने कहा था- केजरीवाल का कीटोन कम हुआ, इस गंभीर बीमारी का संकेत
केजरीवाल ने अपनी अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग सुप्रीम कोर्ट में की थी। कोर्ट में आम आदमी पार्टी ने दलील दी थी कि गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल का वजन 7 किलो कम हो गया है और उनकी कीटोन उभरी है, जो किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। इस पर कोर्ट ने कहा था- केजरीवाल को नियमित जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने की छूट दी गई थी, इसलिए याचिका स्वीकार नहीं की जा रही है।

आप ने यह भी कहा था कि डॉक्टर ने डॉक्टर को पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी और कंप्यूटेड टोमोग्राफी (पीईटी-सीटी) स्कैन और कुछ अन्य मेडिकल परीक्षण कराने की सलाह दी थी, जिसके कारण उन्होंने अपनी अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग की है। जेल में रहते हुए उनका शुगर लेवल भी लगातार चर्चा का विषय बना हुआ था। केवड़िया और उनकी पार्टी ने यह दावा भी किया था कि वे दोषी नहीं ठहराई जा रही हैं।

स्थानीय न्यायालय में ईडी की आरोप-पत्र की सुनवाई 4 जून कोदिल्ली की लोकल कोर्ट ने 28 मई को केजरीवाल के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पर टिप्पणी करने के अपने आदेश को 4 जून तक सुरक्षित रख लिया है। ईडी ने 17 मई को राउज एवेन्यू कोर्ट में 18वीं पेपर्री चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें केजरीवाल और आप को आदर्श बनाया गया था।

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