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- अरुणाचल प्रदेश सिक्किम विधानसभा चुनाव परिणाम| 2 राज्य चुनाव परिणाम
ईटानगर/गंगटोक12 मिनट पहले
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अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभा चुनाव के नतीजे रविवार 2 जून को आएंगे। अरुणाचल और सिक्किम विधानसभा चुनावों के लिए 19 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ था।
मोरचा विधानसभा की 60 तो सीम में 32 साइड हैं। 2019 में भाजपा ने 42 मुद्दे वाली सरकार बनाई थी। वहीं, साइप्रस की 32 सीटों में से 17 सीटों पर साइप्रस क्रांति पार्टी (एसकेएम) काबिज है।
उत्तर प्रदेश

भाजपा चुनाव से पहले ही 10 सीटें जीत चुकी
अरुणाचल प्रदेश में कुल 60 विधानसभा सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए 31 सीटें चाहिए। राज्य में भाजपा, कांग्रेस, जनता दल-यूनाइटेड (जेडी-यू), पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) प्रमुख हैं। वे पीपीए और भाजपा गठबंधन में हैं।
राज्य में इस बार 60 में से 50 सीटों पर ही चुनाव हुए हैं। 10 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इसलिए इन सीटों पर चुनाव नहीं हुए।
2019 में भाजपा ने 41 सीट वाले मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में दूसरी बार सरकार बनाई थी। तब भाजपा राज्य में न सिर्फ सबसे बड़ी पार्टी उभरी, बल्कि पहली बार बहुमत का आंकड़ा पार किया।
बाकी 19 नतीजों में जनता दल-यूनाइटेड (जेडी-यू) को 7, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) को 5, कांग्रेस को 4 और अन्य को 3 नतीजे मिले थे। 2024 विधानसभा चुनाव से पहले फरवरी में कांग्रेस और एनपीपी के 2-2 सीटों पर भाजपा शामिल हो गई थी।

2014 चुनाव के बाद अस्थिरता में आया संकट
2014 के चुनाव में कांग्रेस ने 42 सीटों पर भारी बहुमत हासिल किया था। भाजपा को 11, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) को 5 और दो विधायक बीमार पड़े।
हालांकि, 2016 में अरुणाचल प्रदेश में लंबे समय के लिए सियासी संकट देखने को मिला। राज्य में एक वर्ष के भीतर चार बार मुख्यमंत्री बदले गए।
सबसे पहले दिसंबर 2015 में कांग्रेस के 42 में से 21 सांसदों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री नबाम तुकी के खिलाफ बगावत की। इसके आधार पर राज्यपाल ने सीएम तुकी को बर्खास्त कर दिया। जनवरी 2016 के दौरान राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा।
भाजपा ने एक महीने के अंदर फरवरी में पीपुल्स पार्टी ऑफ चाइना (पीपीए) को समर्थन देकर कांग्रेस के बागी इलाकों के साथ सरकार बना ली। कांग्रेस के बागी गुट के नेता कालिखो पुल सीएम बने।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने नबाम तुकी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को फिर से बहाल कर दिया। 13 जुलाई को कांग्रेस सरकार बहाल हुई, लेकिन 16 जुलाई को कांग्रेस ने तुकी की जगह पेमा खांडू को विधायक दल का नेता चुन लिया।
पेमा खांडू को 44 एकड़ का समर्थन मिला। वे कांग्रेस की सरकार में राज्य के नए मुख्यमंत्री बनेंगे। हालांकि, 16 सितंबर 2016 को सीएम पेमा खांडू कांग्रेस के 42 विधायकों के साथ भाजपा की सहयोगी पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) में शामिल हो गए।
21 दिसंबर को खांडू समेत 7 किसानों को पीपीए अध्यक्ष ने निलंबित कर दिया। दिसंबर 2016 में खांडू ने पीपीए के साथ 43 सीटों में से 33 सीटों को हटाकर भाजपा में शामिल हो गए और बहुमत साबित किया।
भाजपा के पहले से ही 11 विधायक थे। उन्होंने दो भिन्न धाराओं के समर्थन से आंकड़ा 46 कर लिया। पेमा खांडू अरुणाचल प्रदेश में भाजपा के दूसरे मुख्यमंत्री बने। उनसे पहले 2003 में 44 दिनों के लिए गेगोंग अपांग के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी थी।
9 विधानसभा

सीम में 32 विधानसभा सीट है। बहुमत का आंकड़ा 17 है। राज्य में सिक्किम रिवोल्यूशनरी मोर्चा (एसकेएम), सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ), कांग्रेस और भाजपा प्रमुख शामिल हैं। खैर, यहां प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में पीएसीएम की सरकार है।
2019 विधानसभा चुनाव में एसकेएम को 17 सुराग मिले थे। एसडीएफ के खाते में 15 मौतें हुईं। भाजपा और कांग्रेस सरकार में अपना खाता भी नहीं खोला गया। हालांकि, 13 अगस्त 2019 को पूर्व सीएम पवन चामलिंग की पार्टी एसडीएफ के 15 में से 10 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे।

पवन चामलिंग के पास सबसे लंबे समय तक सीएम रहने का रिकॉर्ड
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) 1994 से लेकर 2019 तक लगातार 5 बार सत्ता में रही। पार्टी प्रमुख पवन चामलिंग लगातार 24 साल 166 दिन तक सीएम पद पर रहे।
वे देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने वाले नेता हैं। सीम एकमात्र राज्य है, जिसने 1979 के बाद से सभी विधानसभा चुनावों में क्षेत्रीय दलों को सत्ता सौंपी है।
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कांग्रेस चुनाव के सातों फेज की वोटिंग खत्म, नतीजे 4 जून को आएंगे। लेकिन उससे पहले 1 जून की शाम को सभी न्यूज चैनलों और न्यूज के एग्जिट पोल आएंगे। 13 एग्जिट पोल के आंकड़ों के अनुसार, पोल ऑफ पोल्स में एनडीए को 365 और भारत को 145 सीटों का अनुमान है। अन्य को 32 साइड मिल सकती हैं। हिंदी पट्टी के राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली में भाजपा को एकतरफा बढ़त का अनुमान बताया गया है। इन राज्यों में 90% से ज्यादा वोटों पर भाजपा की जीत तय मानी जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…
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