इंदौर के एक योग केंद्र में मां तू सलाम…देशभक्ति गीत पर प्रस्तुति देते समय सेवानिवृत्त फौजी बलविंदर सिंह छाबड़ा का शुक्रवार 31 मई को निधन हो गया। वे चरण पर गिर पड़े। उनके हाथों में तिरंगा था तो लोग इसे हाथ में लेकर इसका हिस्सा समझकर तालियां बजाते रहे। ट
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फूटी कोठी स्थित अग्रसेन धाम पर आस्था योग क्रांति अभियान द्वारा नि:शुल्क योग शिविर आयोजित किया गया था। इसी दौरान स्टेज पर तिरंगा लेकर एक गाने पर छाई हुई प्रस्तुति दे रहे थे। वे मंच से नीचे आकर भी झुकी। फिर वापस स्टेज पर चढ़े और अचानक लड़खड़ाकर गिर पड़े। कुछ सेकंड तक तुम ही वे बेहोश रहे। लोगों को लगा कि वे प्रदर्शन कर रहे हैं। शिविर संचालक आरके जैन ने बताया कि 2008 में छाबड़ा की बाईपास सर्जरी हुई थी।

योग शिविर में मौत से तीन मिनट पहले वे तिरंगा लहरें झेल रहे थे।
पहले भर चुके थे अंगदान का फॉर्म, मोबाइल में मिला
चश्मेदों ने बताया कि जब छाबड़ा को अस्पताल में मृत घोषित किया गया तो उनके मोबाइल से पता चला कि उन्होंने अंगदान का फॉर्म भर रखा है। इस पर परिवार को सूचना दी। जब वे बातचीत करने आए तो मौके पर ही मुस्कान ग्रुप के माध्यम से उनकी आंखें और आंखें दान कर दी गईं।

रिटायर्ड फौजी बलविंदर सिंह छाबड़ा।
निःशुल्क योग मनोरंजन के संचालक डॉ. आरके जैन ने बताया कि स्कीम 71, द्वारकापुरी, सुदामा नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, सूर्यदेव नगर, सत्यदेव नगर आदि कॉलोनियों के युवाओं को विशेष रूप से योग के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इसी प्रकार शिविर सुबह 6.15 से 7.15 तक लगे हुए हैं। इसी में ये घटना हुई।

अग्रसेन धाम में योग शिविर में सूर्य नमस्कार करते हुए। इसी कार्यक्रम में छाबडी प्रस्तुति दे रहे थे, तब मंच से गिर गए।
सीपीआर दिया तो उठकर बैठ गए, अस्पताल में मौत : शिविर संचालक
शिविर आयोजक एवं प्रत्यक्षदर्शी आरके जैन ने दैनिक भास्कर बताया गया है कि 20 साल से नि:शुल्क योगा क्लासेस चल रही है। शहरभर के अलग-अलग योगाचार्य आते हैं और प्रशिक्षण देते हैं। योग मित्र संस्था के सहयोगी राकेश चौधरी के माध्यम से सेवानिवृत्त फौजी बलविंदर सिंह छाबड़ा और उनके साथी आज शुक्रवार को पहली बार हमारे योग शिविर में आए थे। वे मुख्य रूप से लोफ्टर योगा और वेट लॉस के योगाभ्यास हैं।
बलविंदर ने सुबह 6.20 बजे प्रस्तुति दी और कहा कि सबसे पहले दो देशभक्ति गीत गाऊंगा और डांस करूंगा। इसके बाद मेरे साथी लॉफ्टर का कार्यक्रम आगे बढ़ाएंगे, लेकिन पहली प्रस्तुति के दो मिनट के भीतर ही वे स्टेज पर गिर गए। हमें लगा कि यह प्रस्तुति का हिस्सा है। कुछ सेकंड इंतजार किया गया, लेकिन जब कोई जवाब नहीं आया तो सीप्र दिया। कुछ देर के लिए उठकर बैठ गए और पूछा कि मुझसे हो गया। इसके बाद हमें संदेह हुआ तो हम अरिहंत अस्पताल में चले गए। वहां उनका ईसीजी हुआ। चेकअप किया और उसी के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। खतरे की खबर लिखी गई।
