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Mia Khalifa Post: मिया खालिफा ने हाल ही में लेबनानी में लगातार हमले को लेकर इजरायल और अमेरिका को लताड़ा है. उनका एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें मिया ने कहा कि यह देखकर उनका दिल टूट गया है कि उनके टैक्स के पैसों से उनकी ही मातृभूमि को तबाह किया जा रहा है. उन्होंने अमेरिका और इजरायल को ‘आतंकवादी और फासीवादी’ देश करार देते हुए कहा कि इन पर हेग कोर्ट में मुकदमा चलना चाहिए. मिया ने 10 मिनट के भीतर हुए 160 हवाई हमलों को बेहद दर्दनाक बताया, जिसमें सीजफायर के दौरान अस्पतालों और स्कूलों को निशाना बनाया गया.
लेबनानी-अमेरिकी मीडिया पर्सनैलिटी मिया खलीफा का एक बेहद भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में मिया अपने मातृभूमि लेबनान पर हो रही बमबारी को लेकर बुरी तरह टूट हुई दिखीं. उन्होंने रोते हुए अमेरिका और इजरायल की सरकारों फटकारा है, साथ ही उन्होंने दोनों देशों को आतंकवादी देश करार दिया है.

अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो शेयर करते हुए मिया खलीफा ने कहा कि लेबनान से आने वाले विजुअल्स इतने विचलित करने वाले हैं कि उन्हें शब्दों में बयां करना काफी मुश्किल है. मिया ने दुख जताते हुए कहा, ‘मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं इस बात को कैसे स्वीकार करूं कि मेरे ही टैक्स के डॉलर्स का इस्तेमाल मेरी मातृभूमि को तबाह करने के लिए किया जा रहा है.’ उनका यह बयान उनके मानसिक द्वंद्व और लेबनान के प्रति गहरे जुड़ाव को दिखाता है.

हवाई हमलों की इंटेंसिटी पर गुस्सा जताते हुए मिया ने अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोला. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि लेबनान में जो हो रहा है, वह इन दोनों देशों द्वारा प्रायोजित आतंकवाद ही है. मिया ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए दोनों राष्ट्रों को ‘आतंकवादी और फासीवादी’ करार दिया. उन्होंने दावा किया कि इनके युद्ध अपराध इतने जघन्य हो चुके हैं कि भविष्य में एक न एक दिन इन दोनों देशों के नेताओं पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (हेग) में मुकदमा जरूर चलाया जाएगा और उन्हें सजा मिलेगी.
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मिया ने हालिया हमलों की भयावहता का जिक्र करते हुए कहा कि यह सोशल मीडिया पर तक के सबसे मुश्किल पलों में से एक था. उन्होंने बताया कि किस तरह महज 10 मिनट में लेबनान पर 160 से ज्यादा हवाई हमले किए गए. इन हमलों में रिहायशी इमारतों, स्कूलों, अस्पतालों, आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे और यहां तक कि कब्रिस्तानों को भी बेरहमी से निशाना बनाया गया. मिया ने बताया कि यह बमबारी तब हुई जब लोग वहां अंतिम संस्कार की यात्राएं निकाल रहे थे.

इजरायल ने लेबनान पर तब बमबारी किया जब युद्धविराम लागू था. मिया खलीफा ने इस बात पर गहरी निराशा जताई कि शांति समझौते का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने लेबनान के कम से कम दो शहरों पर हवाई हमले किए. इस सैन्य कार्रवाई ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे पहले से ही सीजफायर समझौते पर भारी दबाव डाल दिया है और मध्य पूर्व में क्षेत्रीय स्थिरता को पूरी तरह से खतरे में डाल दिया है.

इजरायल का दावा है कि उसने ईरान समर्थित समूह हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों को ही निशाना बनाया है. बयानों के मुताबिक, बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान भर में 100 से अधिक साइटों को टारगेट किया गया. लेकिन लेबनान के नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के आंकड़े दूसरी कहानी बयां करते हैं. उनके अनुसार, इन भीषण हमलों में कम से कम 254 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1,100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. मरने वालों में बड़ी संख्या में निहत्थे नागरिक और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से लेबनान में सैन्य कार्रवाई को कम करने का आग्रह किया था. लेकिन इजरायल के न रुकने पर हिजबुल्लाह ने भी कड़ी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के शहरों को निशाना बनाते हुए भारी रॉकेट दागे हैं. शुक्रवार को हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने इजरायल-लेबनान सीमा के पास स्थित किर्यात शमोना और अपर गैलिली क्षेत्र के मिसगव अम में सीधे तौर पर रॉकेट हमले किए हैं.

हिजबुल्लाह ने अपनी इस सैन्य कार्रवाई को न्यायोचित ठहराया है. समूह ने इसे अमेरिका-ईरान सीजफायर समझौते के इजरायली उल्लंघन का सीधा जवाब बताया है. हिजबुल्लाह ने एक बयान जारी करते हुए खुली चेतावनी दी है कि उनका यह पलटवार तब तक जारी रहेगा जब तक कि उनके देश और नागरिकों के खिलाफ इजरायली-अमेरिकी आक्रामकता पूरी तरह से रुक नहीं जाती.





