सरकारी समाचार एजेंसी ‘केयूएनए’ ने कुवैत के विदेश मंत्रालय के एक बयान के हवाले से यह जानकारी दी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्लामाबाद में शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर वार्ता होनी है।
हालांकि, ईरान ने इन हमलों में खुद का हाथ होने से इनकार किया है। ईरान ने इन हमलों के लिए इजरायल को दोषी ठहराया है।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बृहस्पतिवार रात को हुए ड्रोन हमलों में ‘‘कुवैत के कुछ महत्वपूर्ण केंद्रों को निशाना बनाया गया’’।
इस बीच, सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी ‘सऊदी प्रेस एजेंसी’ ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से स्वीकार किया कि युद्ध में हुए हालिया हमले से उसकी महत्वपूर्ण ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ को नुकसान पहुंचा है।
इस पाइपलाइन से तेल लाल सागर तक जाता है और इसके मार्ग में होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं आता। ईरान ने युद्धविराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है।





