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झुलसाने वाली गर्मी से कब मिलेगी राहत? 3 दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी, जानें मौसम का हाल

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नवीनतम फोटो- इंडिया टीवी हिंदी

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आईएमडी मौसम अपडेट: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी देने वाली लोगों का हाल बेहाल है। दिन-ब-दिन तापमान बढ़ने की वजह से राज्यों में गर्म हवाएं तेजी से चल रही हैं। देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के फलौदी में तापमान 49 डिग्री के पार पहुंच गया। फलौदी में सोमवार को तापमान 49.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली समेत राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब में अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।

मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने सोमवार को बताया कि उत्तर पश्चिमी भारत के राज्यों को 31 मई तक गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं, जबकि दिल्ली में मौसम बदलने के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में बादलों के साथ मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है, लेकिन तापमान में गिरावट का कोई अनुमान नहीं है।

पहाड़ी राज्यों का हाल?

मौसम विभाग के प्रमुख ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर की आर्द्रता के कारण उत्तर पश्चिम और मध्य क्षेत्रों में गरज के बाद हल्की बारिश संभव है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का असर बन रहा है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। उत्तराखंड के कुछ जवानों को भीषण गर्मी में छोड़कर अन्य स्थानों पर जाना पड़ रहा है। उत्तराखंड की राजधानी में तापमान 40 डिग्री के आस-पास और रात में 26 डिग्री के आस-पास बना हुआ है।

उफ्फ़ राजस्थान की गर्मी

पूरे प्रदेश में अभी हीटवेव चल रही है। राजस्थान का फलोदी 49.4 डिग्री के साथ पूरे देश का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं, बाड़मेर, जैसलमेर, पिलानी, श्रीगंगानगर, कोटा, बीकानेर, धौलपुर और चूरू में अधिकतम तापमान 48 डिग्री के पार दर्ज किया गया। प्रदेश में आज तापमान और ऊंचाई में गिरावट की संभावना दर्ज की गई है।

बंगाल में रेमल तूफान का असर

वहीं, पश्चिम बंगाल में भीषण तूफान ‘रेमल’ की वजह से भीषण तबाही देखने को मिली है। बंगाल के तटीय इलाकों में ‘रेमल’ तूफान के कारण 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 29 हजार से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 1700 बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचाया जाता है। अभी भी करीब 2 लाख लोगों को राहत केंद्रों में रखा गया है।

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