जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना और एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने सोमवार को लोगों से बातचीत की।
जबलपुर में कोर्स की पुस्तकों, वर्दी और अन्य शिक्षण सामग्री के नाम पर शिशुओं से राशि वसूलने वाले निजी विद्यालयों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ऐसे स्कूलों से प्रतिमाह 81.30 करोड़ रुपए की फीस वापस कराई गई है। साथ ही इन खेलों पर
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प्रशासन ने 51 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है। विभिन्न स्कूलों के बेंच, मार्केट, सीईओ, मैनेजर, सदस्य, बैंकों सहित 20 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
अप्रैल 2018 से अप्रैल 2024 तक राशन शुल्क की जांच
उत्साहित, नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद 1 अप्रैल 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निजी स्कूलों की डांस रोकने के लिए निर्देश दिए थे। इस पर जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने अप्रैल 2018 से अप्रैल 2024 तक लाभार्थियों से मुआवजा शुल्क की जांच कराई थी। जिसमें बस्तों के वजन गाइडलाइन के अनुसार नहीं पाए गए।
जांच में 4.12 करोड़ रुपए की कमीशनखोरी भी हुई उजागर
11 स्कूलों की जांच में फीस, बस्ते और ड्रेस में 4.12 करोड़ रुपये की कमीशनखोरी भी उजागर हुई है। इसके बाद 51 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसमें स्कूल प्रबंधन से जुड़े 30 लोग, 5 पुस्तक विक्रेता और 16 प्रकाशक से संबंधित लोग हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी और डुप्लीकेट पुस्तकों के अलावा, नवीन पुस्तकों को भी जांच में शामिल कर बस्तों का बोझ बढ़ाया गया है।
कलेक्टर-एसपी ने सोशल मीडिया पर लोगों से किया संवाद
जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना और एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने निजी हाथों की फीस भुगतान और पुस्तक स्टेशनरी में की जा रही कमीशनखोरी की जांच के बाद सोमवार को लोगों से फेसबुक पर लाइव बातचीत की। दोनों ही अधिकारियों ने निजी दायित्वों की फीस वसूली की जांच में आने वाली जानकारी दी। साथ ही कहा कि ऐसे मामलों से प्रशासन को अवगत कराया जाना चाहिए। जिससे कार्रवाई की जा सके।
1 अप्रैल 2024 को सीएम डॉ. मोहन यादव ने ये ट्वीट किया

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 अप्रैल 2024 को यह निर्देश दिया था।


