नारायणपुर में ग्रामीणों ने मोबाइल टावर में आग लगाने के बाद पर्चे फेंकने वाले वैद्यराज मांझी को धमकी दी है।
छत्तीसगढ़ के पद्मश्री वैद्यराज हेमचंद्र मांझी ने सम्मान लौटाने का फैसला किया है। धांधलियों ने उन पर निको माइंस में दलाली करने का आरोप लगाकर जान से मारने की धमकी दी है। इसके अलावा देवताओं ने नारायणपुर में दो मोबाइल टावरों में भी आग लगा दी है। हालाँकि इ
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मामला छोटे डोंगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, गौरदंड गांव और चमेली गांव में रात करीब 12 बजे बीएसएनएल के टावरों में देवताओं ने आग लगा दी। वहां पर रावण के बैनर और पोस्टर फेंके गए हैं। इस पर पद्मश्री मांझी को देश से मार भगाने की बात कही गई है। इससे पहले उनकी बेटी कोमल मां की भी हत्या कर दी गई थी।
पद्मश्री मांझी नक्सलियों के डर के चलते करीब 6 महीने से गांव छोड शहर में रह रहे हैं। मुसलमानों से जान के खतरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने वैद्यराज को जिला मुख्यालय स्थित सेफ हाउस में सुरक्षा दी है। उन्होंने कहा कि वह लोगों का इलाज भी बंद कर देंगे।

हेमचन्द्र मांझी जड़ी-बूटियों के जरिए करीब 50 सालों से बीमारियों का इलाज कर रहे हैं।
जनअदालत पूछताछ करें, फिर भी मार दें
हेमचंद मांझी ने कहा कि, लाल पर्चे में धमकी दी गई है कि हम पैसे खाए हैं, इसलिए हम लोग एक पैसा भी नहीं खाए हैं। उन्होंने कहा कि, जनअदालत मुझे मीडिया के साथ बुलाती है और घटनाओं के सामने दूसरों से पूछताछ करती है, फिर भले मार देते हैं। जिसने आरोप लगाया है कि 11 करोड़ रुपये उसके सामने हैं।
मांझी ने कहा कि, बार-बार पर्चा फेंककर धमकी देना ये बेइज्जती जैसा करना ठीक नहीं है। हम लोग खुद कमाकर खाने वाले लोग हैं। अभी भी हमारे यहां 20-22 लोग काम करते हैं। हमारी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने 3-4 गार्ड दिए हैं। मेरे छोटे डोंगर के मकान को बना दें, सुरक्षा दें, मैं वहीं जाऊँगा।
उन्होंने कहा कि, सरकार कुछ नहीं करेगी तो सम्मान देकर क्या करूंगी, उसे वापस करूंगी। जनसेवा करते हो, किसी का पैसा नहीं खाते। गरीब लोग जाते हैं, तो उन्हें जड़ी-बूटी देते हैं। उसे भी देना छोड़ देना। उसी के लिए तो लोग मरते हैं।

वैद्यराज हेमचंद मांझी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया था।
खतरे के बाद मिली सुरक्षा
आतंकवादियों से खतरे के बाद हेमचंद माझी को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। गृह विभाग की ओर से इसका आदेश जारी हो गया है। जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ शासन हेमचंद माझी को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है। राज्य शासन द्वारा संरक्षण समीक्षा समूह की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
हेमचंद मांझी वैद्यराज के नाम से प्रसिद्ध
नारायणपुर जिले के रहने वाले हेमचंद्र मांझी वैद्यराज के नाम से प्रसिद्ध हैं। वह पारंपरिक तरीके से जंगली जड़ी-बूटियों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज करते हैं। मांझी ने अपना पूरा जीवन जीने की खोज की और उन लोगों का इलाज करने में जुट गईं। लगभग पांच दशक तक उन्होंने हजारों लोगों को ठीक किया है।
मांझी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हेमचंद मांझी उस समय से लोगों का इलाज कर रहे हैं, जब उस इलाके में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं पहुंचीं। अपने ज्ञान और सेवाभाव की बुरी आदतों से उन्होंने लोगों का इलाज शुरू किया
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। उन्होंने वैद्यराज हेमचंद मांझी का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनका निःस्वार्थ सेवाभाव हम सबके लिए प्रेरणा और आनंदमय है। पढ़ें पूरी खबर…

नारायणपुर जिले में निवासियों ने 2 मोबाइल टावर को आग के गोले कर दिए हैं।
आईटीबीपी के जवान सर्च ऑपरेशन चला रहे
एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि दोनों मोबाइल टावरों को जल्द ही शुरू किया गया था, लेकिन उससे पहले ही आतंकवादियों ने आग के हवाले कर दिया। आस-पास क्षेत्र में जिला पुलिस बल और आईटीबीपी के जवान सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
