जब भी कोई दूसरे देश में जाता है तो सबसे पहले दिमाग में यही रहता है कि इस देश में चीजें सस्ती है या महंगी. लेकिन क्या हो अगर आपको एक कप चाय के लिए 20 हजार का बिल भरना हो. सुनकर शायद आपके होश उड़ जाएंगे. दक्षिण-पूर्वी एशिया का खूबसूरत देश लाओस में आपको सच में इतनी कीमत चुकानी होगी. वहीं एक ठीक-ठाक लंच का बिल 1 लाख के पार चला जाता है. लेकिन इतना घबराने की जरूरत नहीं है. दरअसल, कीप लाओस की मुद्रा है. वहां की मुद्रा में आपको 20 हजार कीप चुकाने होंगे लेकिन अपनी मुद्रा में यह 50 रुपये के आसपास ही होगा. इसलिए लाओस दुनिया के सबसे सस्ते देशों में से एक है.लाओस अपनी इसी अनोखी अर्थव्यवस्था के लिए दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन लाओस जाने वाले टूरिस्ट अक्सर हाथ में नोटों की गड्डियां लिए फिरते हैं और उन्हें गिनते-गिनते पसीने छूट जाते हैं.
हर कोई बन जाता है करोड़पति
इससे पहले कि आप लाओस को दुनिया का सबसे महंगा देश मान लें, आपको इसकी मुद्रा का गणित समझना होगा. दरअसल, लाओस की करेंसी ‘कीप’ की वैल्यू भारतीय रुपये के मुकाबले इतनी कम है कि वहां पहुंचते ही एक सामान्य भारतीय भी करोड़पति बन जाता है. यही कारण है कि यहां हर तरफ विदेशी सैलानियों का तांता लगा रहता है, क्योंकि लाखों का बिल चुकाने के बावजूद यह आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ता. यही कारण है कि इस छोटे से देश में पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है. यहां वर्तमान में हर साल 55 लाख विदेशी पर्यटक आते हैं और वहां की अर्थव्यवस्था में 1 अरब डॉलर का योगदान देते हैं. लेकिन यहां लोग पैसा गिनते-गिनते थक जाते हैं.
1 रुपये कितने लाओसी कीप
मार्च 2026 की मौजूदा विनिमय दर के अनुसार 1 भारतीय रुपया लगभग 232 लाओशियन किप -LAK के बराबर है. लाओस भारतीय पर्यटकों के लिए एक बहुत ही किफायती और सुंदर देश है. यहां घूमने और सुकून के पलों को बिताने के लिए कई चीजें है. चलिए पहले यह बताते हैं कि लाओस में कुछ चीजों को खरीदने के लिए वहां के कितने किप चुकाने होंगे. अगर आप लाओस में एक पानी की बोतल खरीदेंगे आपको वहां 8 से 12 हजार लाओशियन किप चुकाना होगा. इसके लिए आपको 35 से 50 भारतीय रुपये चुकाने होंगे. अगर आप वहां बिस्किट का पैकेट खरीदेंगे तो इसके लिए 10,000 से 25,000 लाओशियन किप खर्च करने होंगे. वहीं यह भारतीय रुपयों में 45 से 100 रुपये तक होगा. अगर आप लाओस में नाश्ता करेंगे तो इसके लिए 25 से 50 हजार देना होगा. इसका मतलब यह है कि आपको भारतीय रुपये में 170 से 400 रुपये तक खर्च करना होगा. अब अगर आपको वहां को होटल में रहना है तो एक रात के लिए एक रूम का किराया सवा लाख से साढ़े तीन लाख लाओशियन किप भरना होगा. यह सामान्य होटलों के लिए है. लेकिन भारतीय रुपयों में यह 500 से 2000 के बीच ही होगा. इसलिए ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है. लाओस खूबसूरत देश है और वहां कम खर्च करना पड़ता है. इसलिए आजकल अधिकांश भारतीय लाओस का रुख कर रहे हैं. भारतीयों के लिए लाओस ‘वीजा ऑन अराइवल’ की सुविधा देता है.
लाओस में क्या-क्या है खास
लाओस दक्षिण-पूर्वी एशिया का एक ऐसा देश है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध संस्कृति और शांत जीवनशैली के लिए जाना जाता है. यदि आप भीड़भाड़ से दूर किसी सुकून भरी जगह की तलाश में हैं, तो लाओस एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. आइए यहां के 5 आकर्षक जगहों के बारे में जानते हैं.
लुआंग प्रबांग : यह लाओस का सबसे प्रसिद्ध बौद्ध मठ है. इसे यूनेस्को के विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है. मेकांग नदी के किनारे बसा यह शहर अपनी फ्रांसीसी औपनिवेशिक वास्तुकला और प्राचीन बौद्ध मठों के अद्भुत मेल के लिए जाना जाता है. यहां का सबसे मुख्य आकर्षण आल्म्स गिविंग सेरेमनी है, जहां सुबह के समय केसरिया वस्त्र पहने सैकड़ों भिक्षु मौन होकर दान स्वीकार करते हैं. यहां का नाइट मार्केट हस्तशिल्प के लिए विश्व प्रसिद्ध है.
कुआंग सी झरना : लुआंग प्रबांग से कुछ ही दूरी पर स्थित कुआं सी झरना लाओस की सबसे सुंदर प्राकृतिक जगहों में से एक है. इसकी खासियत इसका दूधिया नीला पानी है, जो सीढ़ीनुमा चूना पत्थर के कुंडों में गिरता है. इन प्राकृतिक कुंडों में पर्यटक स्नान कर सकते हैं. झरने के आसपास का घना जंगल और ठंडी हवा इसे पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए एक जादुई स्थान बनाती है.
वेंग विएंग : जो लोग एडवेंचर के शौकीन हैं उनके लिए वेंग विएंग स्वर्ग से कम नहीं है. नाम सोंग नदी के किनारे स्थित यह कस्बा ऊंचे चूना पत्थर के पहाड़ों से घिरा है. यहां टयूबिंग नदी में टायर के ट्यूब पर तैरना, कयाकिंग और हॉट एयर बैलून राइड बहुत लोकप्रिय हैं. यहां की ब्लू लैगून और थाम चांग जैसी गुफाएं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं.
फा टैट लुआंग, वियनतियाने : लाओस की राजधानी वियनतियाने में स्थित यह स्वर्ण स्तूप देश का सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतीक और धार्मिक स्मारक है. माना जाता है कि इसमें भगवान बुद्ध के अवशेष रखे गए हैं. इसकी पूरी बाहरी संरचना असली सोने की परतों से ढकी है. यह लाओस की संप्रभुता और बौद्ध धर्म के प्रति उनकी गहरी आस्था का प्रतीक है.
प्लेन ऑफ जार्स : इतिहास और रहस्य के शौकीनों के लिए यह जगह किसी अजूबे से कम नहीं है. जियांग खुआंग पठार पर स्थित इस मैदान में पत्थर के हजारों विशाल मर्तबान बिखरे पड़े हैं, जो करीब 2000 साल पुराने हैं. पुरातत्वविदों के लिए आज भी यह रहस्य है. ये विशाल मर्तबान किस लिए बनाए गए थे, इसका पता आज तक नहीं लगा है.





