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How Rajkot’s ‘fun zone’ became a ‘dead zone’ | राजकोट का ‘फन जोन’ कैसे बन गया ‘डेड जोन’: गेम जोन में पड़ा सामान आग पकड़ने का इंतजार कर रहा था, मशीनें आग फैलने का कारण बनीं – Gujarat News

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पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव के मुताबिक यह पूरा दंबग ही लोगों पर डाला गया था, जिससे लोग बाहर नहीं भाग सके।

गुजरात के राजकोट शहर के कालावड रोड स्थित टीआरपी गेम जोन में शनिवार शाम 4.30 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 12 बच्चों समेत 24 लोगों की मौत हो गई। अब तक 25 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

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आइए अब उन पहलुओं पर नजर डालें, जिससे यह ‘फन जोन’ ही ‘डेड जोन’ में जुड़ गया।

टीब्रीब गेम जोन के लिए राजकोट के तेजी से विकसित हो रहे कालावाड रोड पर फाइव स्टार होटल सयाजी के बगल में एक विशाल अस्थायी ढांचा खड़ा किया गया था। इसके संचालकों का दावा है कि यह शहर का सबसे बड़ा गेम जोन था। अत्याधुनिक उपकरणों के साथ इनडोर और आउटडोर गेम्स वाले एक गेम जोन का विज्ञापन भी जारी किया गया था। वर्ष 2021 से यह स्थान बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षण का एक बड़ा केंद्र था।

गेम जोन के लिए यहां भारी संख्या में टायर और फर्नीचर से लेकर लक्ज़री का भी काफी मटेरियल मौजूद था और यही सामान भीषण आग का कारण बना। खास बात यह है कि ईंट, क्रैंककेट के बजाय पूरे गेम जोन का स्ट्रक्चर लक्सिस और शीट के शेड से किया गया था।

गर्मियों में बिजली से संचालित थे
ऐसा माना जाता है कि इस प्रकार की संरचना के निर्माण का उद्देश्य यह था कि भविष्य में इस स्थान का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जा सके। इसके साथ ही गेम जोन में इस्तेमाल होने वाले फाइबर और टायरों की भारी
मात्रा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। इसके अलावा गेम जोन की ज्यादातर बिजली से संचालित होते थे।

सबसे बड़ा गो-कार्टिंग ट्रैक
गो-कार्ट रेसिंग कार को चलाने के लिए एक विशेष ट्रैक डिजाइन किया गया है। राजकोट का सबसे बड़ा गो-कार्ट रेसिंग ट्रैक इसी टीआरपी गेम जोन में बनाया गया था। रेसिंग के लिए ट्रैक को बैरिकेड करने के लिए केवल टायरों
का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन टायरों को भी पेंट किया गया था। आमतौर पर टायर बहुत जल्दी आग पकड़ लेते हैं और टायरों पर ऊपर से पेंट लगा होने के कारण आग फैलने की संभावना और बढ़ जाती है।

पात्रा के शेड की पूर्ण संरचना
यहां आमतौर पर शनिवार और रविवार को ज्यादा भीड़ रहती है। यहां पहुंचे लोगों को कभी भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि उनकी मौत ऊपर मंदर रही है। क्योंकि, टीआरपी जोन की छतें और पिघली हुई चादरों से बनी थीं।
खूबसूरत दिखने के लिए गुंबद का निर्माण भी चादरों से किया गया था। पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव के मुताबिक यह पूरा दंबग ही लोगों पर डाला गया था, जिससे लोग बाहर नहीं भाग सके।

अॅनकर के पोस्टर लगे थे
दीवारों को फर्श पर लगा पूरी सामग्री भी लकड़ी और कृत्रिम से बना था। यहां बनी सबसे बड़ी बॉलिंग एली में, गो-कार्ट ट्रैक की तरह, बहुत अधिक सिंथेटिक और लकड़ी का उपयोग किया गया था। जिससे आग तेजी से फैलती चली गई।

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राजकोट के गेम जोन में आग, 24 की मौत:मरने वालों में 12 बच्चे

गुजरात के राजकोट शहर के कालावड रोड स्थित टीआरपी गेम जोन में शनिवार शाम 4.30 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 12 बच्चों समेत 24 लोगों की मौत हो गई। अब तक 25 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। पूरी खबर पढ़ें…



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