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रजत शर्मा का ब्लॉग | क्या धर्म के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण मिलना चाहिए?

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इंडिया टीवी के टाइम्स एवं प्रोडक्शन हाउस के चीफ रजत शर्मा।

छठे दौर के मतदान से ठीक पहले चुनाव में हिंदू-मुसलमान बड़ा मुद्दा बन गया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस राम मंदिर का विरोध करती है, समान नागरिक संहिता के खिलाफ है, क्योंकि कांग्रेस देश में मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरिया) लागू करना चाहती है। हिमाचल और पंजाब की राजधानियों में मोदी ने कांग्रेस पर देश में शरीयत लागू करने के मंसूबे पूरे करने का इल्जाम लगाया। मोदी ने कहा कि राम मंदिर बनने से, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने से पूरा देश खुश है, लेकिन कांग्रेस दुखी है, कांग्रेस को अपने वोट बैंक की चिंता है। मोदी ने कहा कि कांग्रेस सीएए के खिलाफ है, यूसीसी का भी विरोध कर रही है, क्योंकि वह देश में शरिया लागू करना चाहती है। मोदी ने अपनी बात नरम तरीके से कही, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथियों के मनसूबे खतरनाक हैं, ये लोग मुसलमानों को सिर्फ आरक्षण नहीं देना चाहते बल्कि देश में पर्सनल लॉ लागू करना चाहते हैं, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग बेटियां बुर्का पहनकर घर से निकलना चाहती हैं लेकिन हिंदुस्तान इस तरह की साजिशों को कभी सफल नहीं होने देगा। आजमगढ़ में शनिवार को मतदान हुआ, धर्मेन्द्र यादव समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं। धर्मेन्द्र यादव ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को आरक्षण देना क्या गलत है? संसद ने ऐसा माना है तो ये असंवैधानिक कैसे हुआ? धर्मेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा का काम सिर्फ नफरत फैलाना है, असली मकसद हिंदुओं और मुसलमानों को लड़ाकर चुनाव में फायदा उठाना है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने धर्मेंद्र यादव को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर आरक्षण देने की अपेक्षित संविधान में नहीं है, मुस्लिम आरक्षण अब पूरे देश से खत्म होना चाहिए, यह हिन्दुओं पर प्रहार है। सैनिकों, सैनिकों और आदिवासियों को भी अब भारतीय अलायंस के इरादे को समझकर एकजुट होना चाहिए, वरना ये लोग भारत को पाकिस्तान बना देंगे।

एनसीपी के संस्थापक शरद पवार ने कहा कि वे बीस साल पहले महाराष्ट्र में मुसलमानों को… 1. 1. 2. 3. 4. 5. 6. 7. 8. 9. 1 … दे दिया था। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि मोदी, अमित शाह और योगी सिर्फ और सिर्फ मुसलमान-मुसलमान रहते हैं क्योंकि वे महंगाई पर बोलना नहीं चाहते। बिहार और झारखंड की जातियों में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस और भारतीय अलायन्स में मुसलमानों के अधिकारों में सबसे ऊपर है। इस मोदी-विरोधी मोर्चे में दलितों, पीड़ितों और आदिवासियों का आरक्षण छीनकर मुसलमानों को देने की साजिश कर रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि बंगाल में ममता बनर्जी ने भी कोशिश की लेकिन सुप्रीम कोर्ट कामयाब नहीं हुई। जवाब में ममता ने कहा कि बीजेपी जानबूझ कर चुनाव में हिंदू-मुसलमान की बात कर रही है क्योंकि बीजेपी को हार का डर है, बंगाल में जिन मुसलमानों को आरक्षण मिला था वो मिलेगा। बंगाल के मथुरापुर और जयनगर में रैलियों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दोनों जगहों पर हाई कोर्ट के आदेश का जिक्र किया। ममता ने कहा कि अभी कोर्ट में गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं, जैसे ही कोर्ट खुलेगा, उनकी सरकार इस आदेश को चुनौती देगी। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कई जज राजनीतिक प्रभाव में आकर फैसला दे रहे हैं लेकिन वो मुसलमानों का हक किसी कीमत पर किसी को छीनने नहीं देंगे। शरद पवार और इंडी एलायंस के नेता ऐसी बातें क्यों कहते हैं, इसे योगी ने बताया। योगी ने कहा कि कांग्रेस और उनके साथी पहले मुस्लिम तुष्टिकरण का काम करते थे, लेकिन अब खुलकर बोलने लगे हैं। महाराजगंज की रैली में योगी ने कहा कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की बात तो पुरानी है, लेकिन पश्चिम बंगाल का मामला तो ताज़ा है, बंगाल में ममता सरकार ने मुसलमानों को धर्म के आधार पर आरक्षण देने की कोशिश की, लेकिन उच्चतम न्यायालय के कारण वह कामयाब नहीं हो सकी। हो पायें।

शनिवार को छठे राउंड की वोटिंग में 8 राज्यों की 58 सीटों पर वोटिंग हुई। इनमें से 14 विभाजन उत्तर प्रदेश के हैं। पिछले चुनाव में इन 14 में से 13 जोड़ों ने आत्महत्या कर ली थी। आजमगढ़ की सीट पर अखिलेश यादव जीते थे लेकिन मतगणना में इस सीट पर अखिलेश ने बाजी मार ली थी। निरहुआ ने धर्मेंद्र यादव को हराया था। इस बार फिर से दोनों के बीच मुकाबला है। इस बार समाजवादी पार्टी ने आजमगढ़ में मुस्लिम वोट बंटने से रोकने की कोशिश की है। पिछले चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर लड़ने वाले गुड्डू जमाली को अपने साथ ले लिया और मुस्लिम वोट के इसी चक्कर में ही पोलिंग से एक दिन पहले अब धर्मेन्द्र मुस्लिम आरक्षण को खुलकर समर्थन कर रहे हैं। जहां तक ​​शरद पवार के बयान का सवाल है तो महाराष्ट्र के सभी सीटों पर वोट पड़ चुके हैं। जब तक वोटिंग हो रही थी, तब तक शरद पवार खामोश रहे, लेकिन वो जानते हैं कि अब बोलने से महाराष्ट्र में उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन अन्य राज्यों में सहयोगी दलों को फायदा हो सकता है। इसीलिए अब शरद पवार भी खुल कर बता रहे हैं कि उन्होंने महाराष्ट्र में 20 साल पहले ही मुसलमानों को आरक्षण दे दिया था। यही हाल ममता बनर्जी का है। शनिवार को बंगाल की जिन आठ सीटों पर वोटिंग हुई, उनमें से 5 सीटें पिछले चुनाव में भाजपा ने जीती थीं। ममता की पार्टी को सिर्फ तीन सिद्धांत मिले थे। इसीलिए वोटिंग से एक दिन पहले ममता ने शुक्रवार को फिर कहा कि बंगाल में मुसलमानों को जो आरक्षण मिलेगा, वह मिलेगा। वो सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। अब ममता की कोशिश है कि किसी भी कीमत पर बंगाल में बीजेपी को रोका जाए। बंगाल में मोदी और ममता की तकरार लाइन बिल्कुल साफ है। ममता अपने मुस्लिम वोट बैंक को गोलबंद रखने के लिए मुसलमानों को आरक्षण देने की बात करती हैं। दूसरी तरफ बंगाल में मोदी और योगी आदित्यनाथ को ममता की ऐसी ही हस्तियों की याद आ रही है। वे ममता के “जय श्री राम” के नारे से चिढ़ने की बात कहते हैं, मुहर्रम के ताजियों को निकलने देने के लिए दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन पर लगी रोक के बारे में याद कर रहे हैं। (राजेश शर्मा)

देखें: ‘आज की बातरजत शर्मा के साथ’ 24 मई, 2024 का पूरा एपिसोड

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