4 मिनट पहले
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राजनीति में कोई लम्पट नहीं हो सकता, जितना किसी और प्रोफ़ेशन में संभव नहीं है। राजनीति में न उम्र का कोई बंधन है और न ही चरित्र के किसी आधार पर कोई रोक-टोक। कई महिलाओं का बलात्कार करने और उनका वीडियो बनाने के बाद एक युवा सांसद विदेश में भाग जाता है और उसके दादा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा सोनिया गांधी के सामने बैठे रहते हैं।
इस मामले में उन्होंने कोई चरित्र नहीं दिखाया और न ही जिम्मेदार व्यक्ति होने का परिचय दिया। प्रज्वल रेवन्ना के विदेश भाग जाने के लगभग एक महीने बाद अब देवगौड़ा ने मुंह खोला है कि मैं प्रज्वल से कहना चाहता हूं कि तुरंत देश लौटें और जांच का सामना करें।

26 अप्रैल को कर्नाटक में हसन सीट पर मतदान हुआ था, जिसके बाद प्रज्वल देश छोड़कर चले गए।
अगर प्रज्वल ने मेरी बात नहीं मानी तो उसे पूरे परिवार के ग़ुस्से का सामना करना पड़ेगा। देवगौड़ा ने यह भी कहा कि हमारा परिवार जांच के कार्य में किसी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। अगर देवगौड़ा साहब को क़ानून और जाँच तथा न्याय व्यवस्था पर इतना ही भरोसा है तो क्यों दिया गया?
सवाल यह है कि परिवार की दुहाई देने वाले नेताजी से पहले प्रज्वल ने क्या फैसला सुनाया? ज़रूर किया ही होगा लेकिन इसके किसी के पास कोई सबूत तो नहीं हो सकता। ऐसा लगता है कि यह भी है कि कोई बड़ी उम्मीद मिलने पर ही देवगौड़ा ने देश लौटने की अपील की होगी। वर्ना एक महीने से मुँह में दही जमाए क्यों रहते हैं?
मामला यह है कि सांसद रहते हुए प्रज्वल ने घर में काम करने वाली सहित कई महिलाओं के साथ गुंडागर्दी की। किसी के साथ ज़बरदस्ती और किसी के साथ मर्ज़ी से रिश्वत के रूप में। उत्साहित रिश्वत में अस्मत का यह देश का सबसे बड़ा और अनोखा मामला है। महिलाओं की अस्मत लूटकर उन्हें अलग-अलग गानों में नौकरी दी गई।

सांसद रहते हुए प्रज्वल ने घर में काम करने वाली सहित कई महिलाओं के साथ गुंडागर्दी की।
पहचान उजागर होने के डर से कई महिलाएं अपना मुँह उजागर को तैयार नहीं करती हैं। इसके अलावा कर्नाटक के सबसे बड़े इस राजनीतिक परिवार का डर भी उनमें सता रहा है।
यह मामला पहली बार तब उजागर हुआ जब देवगौड़ा परिवार के घर पर काम करने वाली एक महिला ने प्रज्वल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस बीच कर्नाटक सरकार लगातार केंद्र सरकार की मांग कर रही है कि कई महिलाओं का यौन शोषण करने वाले प्रज्वल रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट तुरंत रद्द कर दिया जाए।
