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- पुणे पोर्श कार दुर्घटना जमानत विवाद अपडेट; विशाल अग्रवाल | पुणे समाचार
पुणे4 मिनट पहले
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18 मई की रात को एक्सीडेंट के बाद राहगीरों ने एमएफ को पीटा था।
पुणे पोर्श केस की जांच अब पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी। कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि यरवदा थाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। मामले की आगे की जांच अब वही होगी।
उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच से पहले ही प्रभावशाली माइनर के पिता विशाल अग्रवाल और घटना से पहले प्रभावशाली ने जिन पब में शराब पी थी, उनके मालिकों के खिलाफ जांच कर रही है।
वहीं, इस मामले में वायरल बुखार पर यरवदा के एसएसपी पदस्थ इंस्पेक्टर राहुल जगदाले और एएसआई विश्वनाथ टोडकरी को मामले की जानकारी अपने सीनियर्स (रात को ड्यूटी पर तैनात पुलिस डिप्टी कमिश्नर) को देने के प्रोटोकॉल का पालन करने पर सस्पेंड नहीं किया गया है।
18 मई की रात जब घटना हुई तब इंस्पेक्टर जगदाले और एएसआई टोडकरी मौके पर पहुंचे, लेकिन दोनों ने घटना की जानकारी कंट्रोल रूम को नहीं दी। पुलिस पर आरोप है कि मरीजों को विशेष उपचार दिया गया था।

सीसीटीवी में तेज रफ्तार से दौड़ती नजर आ रही है।
7 जून तक की पुलिस रिमांड पर आए पिता
वहीं, स्पेशल कोर्ट ने 24 मई को नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल समेत सभी छह आरोपियों को 7 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि इस मामले में पुलिस का पक्ष रखने के लिए स्पेशल काउंसिल नियुक्त की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी। ताकि यह शो जा सके कि कोई नाबालिग गाड़ी नहीं चला रहा था। पुलिस ने प्रतिमा के पिता, बार मालिकों और मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 भी दर्ज कर ली है।
कमिश्नर ने कहा, ‘हमारे पास नाबालिगों के पब में शराब पीते हुए सीसीटीवी फुटेज हैं। ऐसे में हम सिर्फ ब्लडप्रूडल रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहेंगे। साथ ही, इंटरनैशनल इन्क्वायरी में पता चला है कि कुछ लोगों की ओर से गलती हुई थी और सबूत नष्ट करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

ये तस्वीर पब के सीसीटीवी फुटेज की है। हादसे से पहले नाबालिग ने अपने दोस्तों के साथ शराब पी और ड्रग्स में कार लेकर निकल गया।
नाबालिग के पिता-दादा का दावा था- गाड़ी ड्राइवर चला रहा था
अंकित नाबालिग के दादा सुरेंद्र अग्रवाल ने 23 मई को दावा किया था कि घटना के समय उनका पारिवारिक ड्राइवर भाग रहा था। नाबालिग के दोस्तों ने भी ड्राइवर की बात कही है। पुलिस की पूछताछ में ड्राइवर ने भी अपने पहले बयान में गाड़ी चलाने की बात स्वीकार की है।
वहीं, पुलिस की गिरफ्त में मौजूद आदर्श के पिता विशाल अग्रवाल ने भी पुलिस को कहा था कि गाड़ी उसका बेटा नहीं, बल्कि हमारा फैमिली ड्राइवर चला रहा था। वहीं, पुलिस ने विशाल का फोन जब्त कर लिया है। विशाल की कॉल डिटेल और अन्य जानकारी निकालने की कोशिश कर रही है।
दूसरी तरफ पुणे के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने 25 साल की उम्र के पहले माइनर को लाइसेंस जारी नहीं किया। साथ ही आरटीओ ने पोर्श कार का टेम्परेरी रजिस्ट्रेशन 12 महीने के लिए रद्द कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
90 मिनट में 48 हजार रुपए की शराब पी थी
पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि 18 मई को रात करीब 10:40 बजे वीडियो पब किया गया था। यहां उन्होंने 90 मिनट में 48 हजार रुपए का बिल चुकाया। इसके बाद वह रात 12:10 बजे ब्लैक क्लब मैरियट होटल गया था। यहां से निकलने के बाद रात 2 बजे उनकी कार से एक्सीडेंट हुआ था। वह 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार चला रहा था।
एसीपी मनोज पटेल ने कहा- आदर्श का ब्लड टेस्ट कराया गया है। एफआईआर में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185- शराब पीकर गाड़ी चलाना यानी ड्रिंक एंड ड्राइव का चार्ज जोड़ा गया है। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
