कोलकाता9 मिनट पहले
- लिंक

महिला ने बंगाल के राज्यपाल पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब वह राजभवन से निकल रही थी तो तीनों स्टाफ ने उसे रोक लिया था।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के ओएसडी और राजभवन के दो कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस की जांच पर 17 जून तक रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने कथित तौर पर जमानत पर हैं। पुलिस के पास सबूत हैं। अब तक जो जांच हुई है, उसकी पूरी रिपोर्ट 10 जून को अदालत को सौंपी जाएगी। छुटियों के बाद नियमित बेंच मामले की सुनवाई होगी।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के खिलाफ एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। उन्होंने 2 मई को हरे स्ट्रीट इलाके में राज्यपाल के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि राजभवन के कमरे से निकलते समय राज्यपाल के ओएसडी एसएस राजपूत और दो अन्य कर्मचारी कुसुम छेत्री और संत लाल ने उसे पकड़ लिया था। पुलिस ने 15 मई को जांच शुरू की थी।
महिला ने आरोप लगाया कि वह 24 मार्च को स्थायी नौकरी का निवेदन लेकर राज्यपाल के पास गई थी। तब राज्यपाल ने बदसलूकी की। 2 मई को फिर यही हुआ तो वह राजभवन के बाहर तैनात पुलिस अधिकारी के पास शिकायत लेकर गई। संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत, किसी राज्यपाल के खिलाफ उसके कार्यकाल के दौरान कोई आपराधिक कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती है।
राज्यपाल ने क्या कहा
हालांकि राज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्स महिला के आरोपों का खंडन किया था। उन्होंने कहा- ये मुझे बदनाम करने की साजिश है। मेरे ऊपर बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। सत्य की जीत होगी। संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत, किसी राज्यपाल के खिलाफ उसके कार्यकाल के दौरान कोई आपराधिक कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती है।

ओडिशी नर्तक को भी राज्यपाल पर हैरेसमेंट केस लगा खत्म
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के खिलाफ यौन शोषण का एक और मामला सामने आया है। उन पर एक ओडिसी क्लासिकल डांसर ने दिल्ली के एक 5 स्टार होटल में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। शिकायत अक्टूबर 2023 में दर्ज की गई थी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बंगाल पुलिस ने राज्य सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपी है। 14 मई को मामला सामने आया है। ओडिसी नर्तक ने अपनी शिकायत में बताया है कि वह विदेश यात्रा से जुड़ी शक्तियों को लेकर राज्यपाल से मदद मांगती थी।

रिपोर्ट में क्या लिखा है
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सीसीटीवी फुटेज में राज्यपाल के होटल में प्रवेश और एग्जिट का समय और महिला ने अपनी शिकायत में जो समय बताया है, वह एक है। हालांकि ओडिसी डांसर ने यह नहीं बताया कि उसने 10 महीने बीतने के बाद अक्टूबर में शिकायत क्यों दर्ज कराई। पूरे मामले पर सीवी बोस या राजभवन की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
ममता बोलीं- राज्यपाल के पास भी पाप
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने 11 मई को हावड़ा में एक रैली में कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के बारे में अभी तक कुछ भी सामने नहीं आया है। एक और वीडियो और पेन ड्राइव है। ममता ने कहा- अगर अब राजभवन बुलाया जाएगा तो मैं नहीं जाऊंगी। अगर राज्यपाल मुझसे बात करना चाहते हैं तो वह मुझे सड़क पर बुला सकते हैं। मैं उनसे वहीं मिलूंगी। उनका पास बैठना भी अब पाप है।
महिला का आरोप- राज्यपाल ने राजभवन में यौन उत्पीड़न किया:, राज्यपाल रहते हुए सीवी बोस की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकती

2 मई 2024 की रात। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता स्थित राजभवन पहुंचने वाले थे। अगले दिन रात को उन्हें पश्चिम बंगाल के कई चुनावी कार्यक्रमों में शामिल किया गया। पीएम मोदी की वापसी से कुछ घंटे पहले एक महिला ने आरोप लगाया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दो अलग-अलग मौकों पर उनका यौन उत्पीड़न किया है। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब बंगाल के गवर्नर बोस बोले- दीदीगिरी नहीं लगाएंगे, यौन उत्पीड़न के आरोपों पर कहा- ममता बनर्जी गंदी राजनीति कर रही हैं

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों को टीएमसी की साजिश बताया है। सोमवार (6 मई) को केरल दौरे से लौटने के बाद कोलकाता एयरपोर्ट पर आनंद बोस ने कहा- मैं दीदीगिरी नहीं देखूंगा। ममता बनर्जी राज्य में गंदी राजनीति कर रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
