1.3 C
New York

Raja Bhaiya Interview | Thakurs angry with BJP? | सवाल- क्या भाजपा से ठाकुर नाराज हैं: राजा भैया बोले- इससे इनकार नहीं किया जा सकता; अखिलेश से तल्खियां दूर हुईं – Uttar Pradesh News

Published:


भाजपा से ठाकुरों की नाराजगी के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने रघुराज प्रताप सिंह को ‘राजा भैया’ कहने का बुलावा भेजा। 15 दिन पहले बेंगलुरु में दोनों की मुलाकात हुई। फिर माना गया कि बिना शर्त भाजपा को समर्थन देते आ रहे राजा भैया इस बार भी पक्ष में खड़े हैं।

.

आखिर ये स्टैंड क्यों लिया गया? भास्कर ने राजा भैया से पूछा. उन्होंने कहा- जब गठबंधन ही नहीं है तो किसी भी समर्थक को वोट कर सकते हैं. ठाकुरों की भाजपा से निकोलस और तालिबान से तल्खियों पर भी उन्होंने फ्रैंक बात की। पढ़ें पूरा इंटरव्यू…

सवाल- 2018 में खुद की पार्टी बनी, लेकिन इस चुनाव में कोई चिंता नहीं, आखिर क्यों रही?
उत्तर-
देखें 2018 में जनसत्ता दल डेमोक्रेटिक के गठन के सिर्फ 6 महीने बाद ही 2019 का आम चुनाव हुआ। इसमें 2 सीट कौशांबी और साइंटिस्ट में अपनी संभावनाएं बताई गई हैं। हम जीते नहीं, बल्कि अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

सवाल- हमारे राज, विधान परिषद के चुनाव में भाजपा की मदद की। क्या इस चुनाव में भाजपा से गठबंधन की उम्मीद थी?
उत्तर-
देखिए इस पर सिर्फ इतना ही कहा गया है कि जब गठबंधन नहीं हुआ तो चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया गया। इस विषय में हम अपनी बात तीन पर ही ख़त्म करना चाहते हैं।

सवाल- सभी जानना चाहते हैं कि राजा भैया का समर्थन किधर है?
उत्तर-
प्रवेश के लिए आपको क्षेत्र में जाना होगा। हमारे कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा गया है कि किसी पार्टी का कोई लक्ष्य नहीं है, किसी से गठबंधन भी नहीं है, तो जहां वोट देना हो, दे सकते हैं।

सवाल- आपके कॉलेज में अमित शाह से मुलाकात हुई। आपके घर भाजपा नेताओं का आना-जाना शुरू हो गया। तो क्या निर्देश से मुलाकात इसी संदर्भ में थी?
उत्तर-
देखिए नियम यह है कि चुनाव के समय में जब कोई आता है, तो समर्थन के लिए ही आता है। भाजपा के भी लोग आए और अन्य पक्षों के भी लोगों का आना हुआ, लेकिन हमारा जो निर्णय है वो अटल है।

सवाल- एक चर्चा चल रही है कि बीजेपी से ठाकुर नाराज हैं? क्या भाजपा आपके डिजिटल डेटाबेस कंट्रोल की कोशिश कर रही है?
उत्तर उत्तर-
विचारधारा की बात मीडिया और समाज के लोगों के माध्यम से जानकारी में आई। इसे अस्वीकार नहीं किया जा सकता है कि दस्तावेज़ नहीं था, इसके कई कारण भी थे। मेरे आदेश जी से जो भी बात हुई, इस विषय पर कोई बात नहीं हुई।

प्रश्न- अगर नामांकन था तो क्या वह जायज़ था?
उत्तर-
कई क्षेत्र देखें, जैसे-राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी यूपी, जहां से डॉक्यूमेंट्री की बात सामने आई थी। अब मीडिया से ही जानकारी मिल रही है कि पेपर काफी हद तक दूर हो चुका है। मगर अन्यथा नहीं किया जा सकता। 4 तारीख को नतीजे आ रहे हैं, वो खुद ही सब स्पष्ट कर देंगे।

सवाल- पहले बृजभूषण, धनंजय फिर आपसे बात की गई। क्या आप जानते हैं कि बड़े ठाकुर नेताओं को मनाने की कोशिश की जा रही है?
उत्तर-
मैं मानकीकृत नहीं हूं, आपने जो 3 नाम लिए हैं उनके स्थान पर भी कई नेताओं से बात हुई होगी, कोई जरूरी बात ही है कि हम ही तीन लोगों से बात हुई होगी।

सवाल- आप पाइप के साथ लंबे समय तक रहें। भाजपा के भी साथ रह रहे हैं, तब की भाजपा और अब की भाजपा में क्या अंतर है?
उत्तर-
काफी समय से मैं भाजपा के साथ नहीं हूं। हां बीजेपी को जब भी जरूरत पड़ी, राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट हो, राज्य-विधान परिषद का हो, हमने वोट मांगा। हमने हर बार बिना किसी शर्त, कीमत और शेयर के उन्हें वोट दिया, हमारी भूमिका इतनी ही थी।

सवाल- आप कई बार सपाईट में मंत्री रहे हैं। इस चुनाव में अपने जन्मदिन को फ्री छोड़ दिया? आपको क्या लगता है कि भाजपा से बेहतर कांग्रेस थी?
उत्तर-
नहीं… इसको मैं नहीं कह सकता, ये अपने-अपने नजरिए पर निर्भर करता है। दूसरी बात जो मैंने कहा कि अफसोस को फ्री छोड़ दिया है, तो इस पर ये कहना है कि इस चुनाव में न तो हमारा किसी से गठबंधन है और न ही हमारा किसी दौर में है।

सवाल- 2022 में अखिलेश ने कुंडा में बयान दिया था कि कुंडा में कुंडी लगा देंगे, इसके बाद आपकी काफी तल्खियां बढ़ीं, आपको क्या लगता है कि इस चुनाव में नीतीश का हश्र क्या होगा?
उत्तर उत्तर-
देखो, जो उनसे तल्खियाँ थीं, जो कटुता आई थी वो पूरी तरह से दूर हो चुकी हैं। बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुधि लेइ।

सवाल- आप 1993 से लगातार विधायक हैं, लेकिन आज तक आप कांग्रेस चुनाव नहीं लड़े, आखिर क्या वजह रही?
उत्तर उत्तर-
आपने पहले कभी सलाह ही नहीं दी, आगे विचार करेंगे। सही बात यह है कि स्टेट पॉलिटिक्स में ही ज्यादा दिलचस्पी रही। हां, जब भी मौका मिला जैसे डॉ. राम विलास वेदांतीजी, अक्षय प्रताप सिंह, शैलेन्द्र सरोज को जीताकर गांधीनगर भेजा गया।

प्रश्न-जंगल में धनंजय सिंह को जेल भेजा गया, उनकी पत्नी के टिकट काट दिए गए, आप क्या मानते हैं कि भाजपा साम-दाम-दंड-भेद की राजनीति कर रही है?
उत्तर उत्तर-
देखिए आप जो बात कर रहे हैं, जिसके बारे में बात कर रहे हैं, इस विषय में पहुँचने से सारी वही बेहतर जानकारी दे देंगे, हमें इस विषय की जानकारी नहीं है।

सवाल- बात कैसरगंज में हुई, बस्ती में एक ठाकुर नेता हुई, जार्ज में हुई, तुम भी हुई, लेकिन आप होटल गए, इसकी वजह?
उत्तर-
देखिए दल कोई भी हो, विधानसभा का चुनाव हो या कांग्रेस का, पार्टी को छोड़कर नई पार्टी में जाना, ये चुनाव की सामान्य प्रक्रिया है। ऐसा नहीं है कि 2024 में ये पहली बार हो रहा है। नटाल होना मेरा फैसला था।

प्रश्न- बृजभूषण हों, धनंजय हों या आप हों, इनके नाम के आगे बाहुबली शब्द लगा है, इस शब्द के मायने क्या हैं?
उत्तर-
देखिए, सैद्धांतिक अर्थ की बात करें तो भुजाओं में बल हो वो वामपंथी नेता हैं। लेकिन अब इस शब्द के खण्डन हो गए हैं। अब जो जीवविज्ञानी हैं, इससे धनार्जन करते हैं, जीविकोपार्जन करते हैं, उनके लिए यह शब्द प्रयोग में लाया जाता है। अगर जनता के एकजुटता के लिए इस शब्द का उपयोग किया जाए तो यह शब्द अच्छा है।

सवाल- इस चुनाव में राजा भैया का वोट किधर जा रहा है?
उत्तर-
देखिए, मैंने पहले भी कहा है कि केवल 2 वादे पर ही नहीं, बल्कि पूरे यूपी में, जहां भी पार्टी के कार्यकर्ता, शुभचिंतक हैं, सभी को मैंने कहा है- वह किसी को वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं। इस चुनाव में मेरे कई कार्यकर्ता आपको भाजपा के साथ भी दिखाएंगे और सपा व अन्य पार्टियों के साथ भी।

सवाल- बीजेपी से आपकी कोई बात क्यों हो गई?
उत्तर-
कोई दुखी नहीं है। लेकिन आप खुद ही सोचिए ना, हम एक दल हैं, विधानमंडल में हम 2 राष्ट्रीय पार्टियां कांग्रेस और होने से बड़ी हकीकत में हैं। हमारे 3 सदस्य हैं। जब किसी दल से कोई गठबंधन नहीं हुआ तो क्या हम ऐसे ही किसी दल का प्रचार करना शुरू करें।

सवाल- क्या आप सीएम योगी के बेहद करीबी माने जाते हैं, उन पर विपक्ष का एक आरोप है कि अपराध पर कार्रवाई के समान रूप से भेदभाव नहीं होता है?
उत्तर उत्तर-
मुझे लगता है कि जो दोषी हैं, सबके ऊपर समान रूप से कार्रवाई हो रही है। मुझे नहीं लगता कि कोई भेदभाव हुआ है।

प्रश्न- बुलडोजर पॉलिसी से कितने सहमत हैं?
उत्तर उत्तर-
बुलडोजर नीति की पूरे देश में सराहना हुई। बुलडोजर वहां चले हुए हैं, जहां अवैध निर्माण हुए हैं, कब्जे हुए हैं। हम इस कार्रवाई से पूरी तरह सहमत हैं।

सवाल- अखिलेश से आपकी दूरियां कम हो गई हैं, तो आप राजनीति में आगे क्या कर सकते हैं?
उत्तर-
समय आने पर ये बताया जाएगा और अगर दूरियां कम हुई हैं तो ये अच्छी बात है, इसमें क्या बुरी है। सब आज ही पूछो तो आगे क्या बचेगा।



Source link

Related articles

spot_img

Recent articles

spot_img