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Pune Porsche Car Accident Controversy Update; Devendra Fadnavis | Pune News | पुणे पोर्श केस: आरोपी के दादा का अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन: भाई से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद में डॉन छोटा राजन से मदद मांगी थी

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पुणे5 मिनट पहले

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18 मई की रात को नाबालिग नाबालिग ने अपनी लग्जरी कार से दो लोगों से टक्कर मारी थी।  क्रांतिकारी के बाद लोगों ने ग्रैंडमास्टर और उसके दोस्तों को पकड़ लिया और सहयोगियों की थाह ले ली।  - दैनिक भास्कर

18 मई की रात को नाबालिग नाबालिग ने अपनी लग्जरी कार से दो लोगों में टक्कर मारी थी। क्रांतिकारी के बाद लोगों ने ग्रैंडमास्टर और उसके दोस्तों को पकड़ लिया और सहयोगियों की थी।

पुणे में शराब के नशे में पोर्श कार चलाकर दो इंजीनियरों की जान लेने वाले नाबालिग अवतार के दादा सुरेंद्र अग्रवाल का अंडरवर्ल्ड से संबंध निकला है। बताया जा रहा है कि 2021 में सुरेंद्र ने अपने भाई आरके अग्रवाल के साथ संपत्ति को लेकर विवाद निपटाने के लिए डॉन छोटे राजन से मदद मांगी थी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि इसकी भी जांच होगी।

दूसरी ओर, पुलिस ने नाबालिग अल्ट्रासाउंड से उसके पिता विशाल अग्रवाल पर इल्जाम लगाया है। एफआईआर के मुताबिक, रियल एस्टेट रियल एस्टेट डेवलपर को पता चला कि उसका बेटा इंजीनियर है। फिर भी उन्होंने बेटे को न सिर्फ 2.50 करोड़ कीमत वाली बिना नंबर प्लेट के पोर्श कार दी, बल्कि पब में शराब पार्टी के लिए अपना क्रेडिट कार्ड भी दिया था।

इस कार्ड से 90 मिनट में 48 हजार रुपये का बिल चुकाया गया। कार के ड्राइवर ने माँ को गाड़ी देने से मना कर दिया था, लेकिन पिता विशाल ने गाड़ी छोड़ दी। 18 मई की रात को सुपरमार्केट ने पब से शराब पार्टी के बाद बाइक सवार युवा-युवती को कार से टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौत हो गई थी।

पिता से इन 4 सवालों के जवाब मांग रही पुलिस…

1.बच्चे को पॉकेट मनी कितने रुपये में खर्च करनी पड़ी? 2. जिस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ, वो सड़क पर कैसी निकली? 3. विशाल अग्रवाल के केस दर्ज करने के बाद क्यों हो रहा था? 4. विशाल के पास फीचर फोन मिला। स्मार्ट फ़ोन कहाँ हैं?

जुवेनाइल बोर्ड ने 5 जून तक बाल बनाए सुधार गृह सेड

ये तस्वीर पब के सीसीटीवी कैमरे की है।  हादसे से पहले नाबालिग ने अपने दोस्तों के साथ शराब पी और नशे में कार लेकर निकल गया।

ये तस्वीर पब के सीसीटीवी फुटेज की है। दुर्घटना से पहले नाबालिग ने अपने दोस्तों के साथ शराब पी और ड्रग्स में कार लेकर निकल गया।

घटना के अगले दिन किशोर न्याय बोर्ड ने 7500 हजार रुपए के बांड और सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध लिखने की सजा सुनते हुए नाबालिग आदर्श को जमानत दे दी थी। इस जजमेंट का विरोध किया गया। पुणे में लोगों ने हड़ताल की तो महाराष्ट्र सरकार ने बोर्ड से फैसले पर फिर विचार करने को कहा।

रविवार (22 मई) को बोर्ड ने निवेशकों से पूछताछ के लिए फिर से फोन किया। यहां पुलिस ने बताया कि किस तरह से क्राइम क्रूज़ को अंजाम दिया गया। 17 साल 8 महीने का है। वह डैमेज कार का प्रदर्शन कर रही है। शराब पीता है और उसका व्यवहारिक बालिग है। इसलिए इसे भी नॉमिनल में ले लिया जाए। इसके बाद बोर्ड ने 5 जून तक के लिए किशोर सुधार गृह भेज दिया गया।

अब तक आदर्श के पिता सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया पुणे पुलिस ने आदर्श युवक के पिता बिल्डर विशाल अग्रवाल को मंगलवार (21 मई) को गिरफ्तार किया था। उसे बुधवार (22 मई) को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। कोर्ट से ले जाने के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस वैन पर हासिल फेंकी और चप्पलें पहनीं।

पुलिस ने अब तक नवजात के पिता विशाल अग्रवाल समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिन 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें पुणे के कोजी रेस्टोरेंट के मालिक का बेटा नमन प्रह्लाद भूतड़ा, उनके मैनेजर सचिन तेंदुलकर, ब्लैक क्लब होटल के मैनेजर संदीप सांगले और उनके कर्मचारी जयेश बोनकर शामिल हैं। इन पर मॉस्किटो हॉस्टल को शराब बेचने का आरोप है।

प्रहलाद भूतड़ा, सचिन कटारिया और संदीप सांगले को 21 मई को अदालत में पेश किया गया था। त्रिपाठी को 24 मई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। कोजी रेस्टोरेंट और ब्लैक क्लब होटल को सील कर दिया गया है।

कई कारें बदलीं, ‘पागल’ के पिता ने पुलिस को बदलने के लिए बनाईं कई कारें
बेटे के क्रांतिकारी की खबर सुनने के बाद बिल्डर विशाल अग्रवाल ने पुलिस से बचने के लिए प्लान लिया था। पुलिस को अनारक्षित करने के लिए उसने अपनी कार घर से लेकर निकला और ड्राइवर से मुंबई जाने के लिए कहा। उन्होंने दूसरे ड्राइवर को अपनी दूसरी कार से गोवा जाने के लिए कहा।

विशाल मुंबई जाने के दौरान बीच रास्ते में कार से उतर गया। इसके बाद उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जाने के लिए एक दोस्त की कार का इस्तेमाल किया। पुलिस के मुताबिक, विशाल अग्रवाल ने अनारक्षित करने के लिए ही कई गाड़ियों का इस्तेमाल किया। उसने एक नए सिम कार्ड का भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, ताकि उसका नंबर ट्रैक न हो सके।

जब पुलिस को जानकारी मिली कि वह अपने दोस्त की कार में है, तो उसने जीपीएस के जरिए गाड़ी को ट्रैक करना शुरू कर दिया। पुणे कंपनी की एक टीम ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का उपयोग करके विशाल अग्रवाल की पहचान की। अंततः 21 मई की रात संभाजीनगर के एक लॉज में पुलिस ने विशाल और दो अन्य लोगों को गिरफ़्तार कर लिया।

नवजात शिशु के पिता विशाल अग्रवाल को बुधवार को अदालत में पेश किया गया।  इस दौरान पुलिस वैन पर कुछ लोगों ने सामान रखा।  कोर्ट ने विशाल को 24 मई तक पुलिस मजिस्ट्रेट में भेज दिया है।

नवजात शिशु के पिता विशाल अग्रवाल को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस वैन पर कुछ लोगों ने सामान रखा। कोर्ट ने विशाल को 24 मई तक पुलिस मजिस्ट्रेट में भेज दिया है।

2.44 करोड़ की कार, 1758 रुपये की बुकिंग नहीं हुई
आरटीओ के अधिकारी संजीव भोर के मुताबिक, आदर्श के पिता ने इलेक्ट्रिक लग्जरी स्पोर्ट्स टेंपो पोर्श कार मार्च में बेंगलुरु के एक डीलर से 2.44 करोड़ रुपए में खरीदी थी। डीलर ने अस्थायी रजिस्ट्रेशन के बाद यह कार विशाल को दिखाई। यह 18 मार्च 2024 से 17 सितंबर 2024 तक वैध है।

कार ऑनर 18 अप्रैल 2024 को पुणे के आरटीओ ऑफिस में रजिस्ट्रेशन के लिए आया था। जांच और सभी प्रक्रियाएं उसी दिन पूरी कर दी गई थी। 1758 रुपए का शुल्क भुगतान नहीं करने के कारण कार का रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं किया गया।

डॉन ने अधिनियम के अनुसार बताया कि यदि किसी सामान्य कर्मचारी के साथ कोई दुर्घटना होती है, तो उसे 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिल सकता है। फ्लाइंग स्क्वॉड को निर्देश दिया गया है कि शहर में बिन नंबर की मशीनरी को जब्त कर लिया जाए।

सीसीटीवी में तेज रफ्तार से दौड़ती नजर आ रही है।

सीसीटीवी में तेज रफ्तार से दौड़ती नजर आ रही है।

दोनों मृतक मध्य प्रदेश में रहने वाले, घरवाले बोले- ये हादसा नहीं, हत्या
चश्मदीदों के मुताबिक, घटना के दौरान नाबालिग शराब के नशे में करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की सचिवालय से कार चली थी। उसने रात करीब 2 बजे कल्याणनगर में बाइक सवार आईटी इंजीनियर्स को पीछे से टक्कर मारी थी। कार का एयरबैग आउटलेट की वजह से आगे नहीं देखा जा रहा था। इसके बाद अनाथालय को मजबूरन कार रोकनी पोस्ट मिला। स्थानीय लोगों ने उस पर कब्ज़ा कर लिया।

हादसे में मध्य प्रदेश के रहने वाले इंजीनियर अनीश कालदासया और अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई। दोनों एक पार्टी से लौट रहे थे। लोगों ने बताया कि कार की टक्कर से बाइक सवार लड़की हवा में कई फीट उछलकर जमीन पर आ गिरी थी और युवक पास दूसरी कार में जा टकराया था।

अस्त्र-शस्त्र में जान गंवाने वाले युवा अनीश अवधिया मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बिरसिंहपुर और क्रीड़ा अश्विनी कोस्टा जबलपुर की रहने वाली थीं। एक का शव 20 मई को और दूसरे का 21 मई को उनके घर पहुंचे। अनीश के चाचा अखिलेश यादव ने कहा- ये हादसा कोई हत्या नहीं है. शहरी को वैध नहीं दी जानी चाहिए थी।

अश्विनी कोष्टा के पिता सुरेश कोष्टा ने कहा कि पारी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि लोगों को इससे सब मिले। मेरी बेटी ने अपनी पढ़ाई पुणे में पूरी की और उसे वहीं नौकरी मिल गई थी। भाई समरप्रीत ने बताया कि अश्विनी पुणे में 6 साल से थी, जनवरी में ही उन्होंने 24वां जन्मदिन मनाया था।

कार से टक्कर के बाद अनीश कालदासया और अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई थी।

कार से टक्कर के बाद अनीश कालदासया और अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई थी।

पुणे एक्सीडेंट केस से जुड़े रिपोर्ट

  • महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस यह घटना मंगलवार को पुलिस अधिकारियों के साथ पुणे में हुई बैठक की लेकर आई। उन्होंने कहा- पुलिस ने जुवेनाइल बोर्ड के खिलाफ दी गई याचिका में नाबालिग की उम्र 17 साल 8 महीने बताई है और उसके वयस्क की तरह पेशी पर आने का अनुरोध किया है।
  • कांग्रेस के विधायकों का आरोप- मॉस्को को स्टेशन में ज़ायकाद ज़ामिको गया: कांग्रेस विधायक रवींद्र धांगेकर ने आरोप लगाया है कि नाबालिग को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उसे पिज्जा-बर्गर खिलाया। घटना के 11 घंटे बाद भी उनका ब्लड सैंपल नहीं लिया गया। धांगेकर ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद येरवडा पुलिस स्टेशन में करोड़ों की लेन-देन हुई।
  • पुलिस कमिश्नर बोले-तस्वीर को न्याय मिलेगा: पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि पुलिस ने इस दुर्घटना के बाद सख्त कार्रवाई की है। कार्रवाई न करने के आरोप बेबुनियाद हैं। अगर किसी के पास इस बारे में कोई सुझाव है, तो वह हमारे पास आ सकता है। मैं ऑनलाइन बहस के लिए भी तैयार हूं।
  • एनसीपीसीआर चेयरपर्सन बोले- नाबालिगों की पहचान उजागर न करें: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने मीडिया से पुणे एक्सीडेंट केस में नाबालिग लड़की की पहचान उजागर न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसा करना किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपराध है। यह एक्ट नाबालिग अपराधियों की पहचान उजागर करने पर रोक लगाता है।
  • संजय राउत बोले- पुलिस कमिश्नर को बचा रहा, उन्हें सस्पेंड करें: उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि पुलिस कमिश्नर को बचाया जा रहा है। उसे सस्पेंड करें। प्रभावशाली धारी है, उसे जमानत मिल जाती है। मेडिकल रिपोर्ट पहले से मौजूद है। उसकी मदद कौन कर रहा है। उसे सस्पेंड मत करो तो पुणे की जनता की सतह पर उतरेगी।

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