नई दिल्ली13 मिनट पहले
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ये सामाजी दिल्ली एयरपोर्ट का है। मंगलवार को बिभव को लेकर दिल्ली पुलिस मुंबई में छापेमारी हुई थी।
स्वाति मालीवाल केस में गिरफ्तार पीए विभव कुमार को दिल्ली पुलिस बुधवार को मुंबई से वापस ले आई। उन्हें मंगलवार को उनका आईफोन का डेटा रिकवर करने के लिए मुंबई ले जाया गया था।
विभव कुमार पांच दिन की पुलिस कस्टडी में हैं। उन्होंने सबसे पहले अपने आईफोन को डॉक्यूमेंट्री के जरिए डाला और पोस्ट किया। उन पर मुस्लिम समाज की स्वाति मालीवाल से दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास में रहने का आरोप है।
बिभव का फोन, लैपटॉप और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को पुलिस ने अपने व्यवसाय में लेकर प्रमाणिक जांच के लिए भेजा है। बिभव की कस्टडी गुरुवार तक है।
केस की जांच एसआईटी को
मामले की जांच अब विशेष जांच टीम (एसआईटी) करेगी। एसआईटी का नेतृत्व उत्तरी दिल्ली की डीसीपी अंजिता चेप्याला कर रही हैं। टीम में इंस्पेक्टर रैंक के 3 अधिकारी भी हैं। इनमें सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन का अधिकारी भी शामिल है, जहां मामला दर्ज किया गया था। एसआईटी अपनी जांच करने के बाद वरिष्ठों को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
उधर, पुलिस ने 13 मई को स्वाति से शौचालय और बदालुकी के वक्त सीएम आवास में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ और बयान दर्ज किए। पुलिस ने अब तक जो भी इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स जब्त किए हैं, उन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा गया है।
सीएम हाउस में क्राइम सीन रीक्रिएट हुआ था

पुलिस विभाग को शाम करीब 5.45 बजे सीएम हाउस का निरीक्षण और शाम 7.26 बजे बाहर।
13 मई को हुई घटना के बारे में जानने के लिए दिल्ली पुलिस 20 मई को विभव कुमार को सीएम आवास पर ले गई थी। क्लोज़ डोमेन घंटे तक क्राइम सीन पुनः निर्मित किया गया। पुलिस विभाग शाम करीब 5.45 बजे सीएम हाउस का निरीक्षण और शाम 7.26 बजे बाहर।
विभव कुमार 23 मई से दिल्ली पुलिस के कोटेशन में हैं। दिल्ली पुलिस ने 18 मई को 7 दिन की कस्टडी की छूट दी थी, लेकिन उन्हें 5 दिन की ही कस्टडी मिली। विभव पर 13 मई को सीएम आवास में स्वाति के साथ बदसालूकी और ट्यूशन करने का आरोप है।
एलजी ने कहा, स्वाति ने सबूतों के आधार पर दोषियों पर भी चिंता व्यक्त की है
स्वाति मालीवाल मामले में एलजी वीके सक्सेना ने कहा, ‘मुख्यमंत्री के आवास पर आम आदमी पार्टी के सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित हमले के मुद्दे पर पिछले कुछ दिनों से मीडिया में चल रही खबरों से मैं बहुत व्यथित हूं।’
सक्से ने कहा, ‘कल मैं स्वाति से मिला, उन्होंने मन ही मन दुखी होकर मुझे फोन किया।’ अपने ट्रैक्टर अनुभव और अपने ही वकील द्वारा उसे दी जाने वाली खतरे के बारे में बताया गया। स्वाति ने बताया कि ‘कथितार्थियों पर भी चिंता व्यक्त की जाती है।’

स्वाति ने लिखा- कल तक मैं लेडी सिंघम थी, आज बीजेपी एजेंट बन गई?
इधर, सोमवार रात 9.49 बजे स्वाति मालीवाल ने एक्स पर पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने लिखा, ”कल से दिल्ली के मंत्री का झूठ फैलाया जा रहा है कि मुझ पर मर्जर की एफआईआर हुई है, इसलिए बीजेपी के गठन पर मैंने ये सब किया।” ये एफआईआर 8 साल पहले 2016 में हुई थी, जिसके बाद मुझे सीएम और एलजी दोनों ने दो-दो बार महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया था। यह केस पूरी तरह से फर्जी है जिस पर 1.5 साल से हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है, प्रेमी का मानना है कि पैसे का कोई लेन देन नहीं हुआ है।”
स्वाति ने लिखा- ”विभव कुमार के खिलाफ याचिका दायर करने तक मैं उनमें से एक (आप) के खाते से लेडी सिंघम थी और आज बीजेपी का एजेंट बन गया हूं। पूरी तरह से ट्रॉल आर्मी मुझे दी गई, सिर्फ इसलिए क्योंकि मैंने सच बोला है। पार्टी के सभी लोग फोन करके बोला जा रहा है स्वाति का कोई पर्सनल वीडियो है तो भेजो, लाइक करना है।”
मालीवाल ने आगे लिखा- ”मेरे रिश्तेदारों की चट्टानों के नंबर से उनके डीटेल ट्विटर करवाकर उनकी जान खतरे में डाल रहे हैं।” खैर, झूठ ज्यादा देर तक टिक नहीं पाता है, पर सत्य के नशे में किसी को नीचा दिखाने वाले के चेहरे पर ऐसा न हो जाए, जब सच सामने आया तो अपने परिवार से भी नजरें न मिला पाओ। फ़ेफ़ (AAP) हर तरह से फैलाए गए झूठ के लिए सुरक्षा अदालत लेकर जाऊंगी।”
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दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट मामले में शुक्रवार को कई बड़ी घटनाएं हुईं। स्वाति की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। स्वाति ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना रिपोर्ट भी दर्ज किया। वहीं, घटना का एक वीडियो भी सामने आया। फिलहाल, दिल्ली पुलिस की 10 टीमें जांच कर रही हैं। सीएम अरविंद केजरीवाल और इस मामले के मुख्य आरोपी दिल्ली से बाहर हैं। पूरी खबर पढ़ें…
