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Mumbai Hoarding Incident SIT Formed For Investigation | मुंबई होर्डिंग हादसा- जांच के लिए SIT का गठन: SIT ने आरोपी भिंडे के घर से दस्तावेज जब्त किए, बैंक खातों की भी जांच जारी

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मुंबईकुछ ही क्षण पहले

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भावेश भिंडे को पुलिस ने उदयपुर से गिरफ्तार किया था।  - दैनिक भास्कर

भावेश भिंडे को पुलिस ने ओपन से गिरफ्तार कर लिया था।

13 मई को मुंबई के घाटकोपर में कचराभरी तूफान आने के बाद घाटकोपर में एक अवैध होर्डिंग पेट्रोल पंप गिर गया था। इसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी। मामले की जांच के लिए अब मुंबई शोरूम ने एसआईटी का गठन किया है। इस एसआईटी में 6 अधिकारी शामिल हैं।

एसआईटी ने मुख्य नाबालिग भावेश भिंडे के आवास की भी जांच की। भावेश एगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं। घाटकोपर में गिरा 250 टन वजनी होर्डिंग इसी कंपनी ने लगाया था। दुर्घटना के बाद भावेश पर गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था। 16 मई को उसे यूके से गिरफ्तार कर लिया गया।

एसआईटी टीम ने भावेश के घर से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किये हैं। भावेश के अलग-अलग पदों में कुल 7 निशान हैं। एसआईटी इन बैंक दस्तावेजों की जांच करते हुए पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भावेश को जमाखोरी का ठेका कैसे मिला और इससे कितनी कमाई हुई। एसआईटी ने भावेश की कंपनी के कुछ अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए हैं।

मूल भावेश पर 23 केस दर्ज
भावेश को इसी साल जनवरी में एक बलात्कार मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि, बाद में बेल उन्हें मिल गई। उन्होंने 2009 में स्कॉटलैंड विधानसभा चुनाव में भी संघर्ष किया। युनिवर्सिटी हाफनेम में उसने बताया कि उसके खिलाफ 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इन चेक बाउंस, होर्डिंग्स-बैनरों के लिए कई रेलवे और ग्रेटर मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अधिग्रहण हासिल करने जैसे मामलों में मुंबई नगर निगम अधिनियम और नेगोशिबल अधिनियम अधिनियम के तहत कई मामले शामिल हैं। बीएमसी ने जहरखुरानी मामले में भी अपने खिलाफ केस दर्ज कराया था।

एगो मीडिया से पहले भावेश गुजू एड्स नाम की एक कंपनी थी। हालाँकि, बीएमसी ने कई केस दर्ज होने के बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बाद भावेश ने होर्डिंग और बिलबोर्ड का पेटेंट हासिल करने के लिए ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम से दूसरी कंपनी लॉन्च की थी।

होर्डिंग फॉल के बाद 66 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
13 मई की शाम को धूलभरी तूफ़ान और बेमौसम बारिश के बाद घाटकोपर में पेट्रोल पंप के पास 120 फीट*120 फीट का होर्डिंग गिरा था। इसके नीचे दबने से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 75 घायल हो गए। होर्डिंग का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में सबसे बड़ा होर्डिंग के रूप में दर्ज किया गया था।

रेलवे के प्रशासनिक पुलिस आयुक्त (प्रशासन) ने होर्डिंग हादसे पर बयान जारी कर बताया कि जिस पेट्रोल पंप पर होर्डिंग गिरा है, वह भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का है। यह पेट्रोल पंप रेलवे पुलिस की जमीन पर बना हुआ है। जीआरपी कमिश्नर कैसर कंपनी के शेयर ने दिसंबर 2021 में भावेश की को 10 साल के लिए पेट्रोल पंप के पास होर्डिंग्स के उपयोग की मंजूरी दी थी।

म्यूनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी ने बताया कि होर्डिंग के लिए बीएमसी से कोई बकाया नहीं लिया गया था। होर्डिंग के आसपास के पेड़ों को जहर देकर सुखाने के मामले में पुलिस में शिकायत भी दर्ज की गई थी।

बीजेपी नेता का आरोप- यूपी सरकार ने होर्डिंग की ओर इशारा किया था
बीजेपी ने पूरे मामले पर महाराष्ट्र के पूर्व सीएम युसुथ ठाकुर पर हमला बोलने का आरोप लगाया है. पूर्व अल्पसंख्यक और भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा कि 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री बने। उनकी सरकार में होर्डिंग स्थापना की अंतिम तालिका दी गई थी। भावेश भिंडे को 7 दिसंबर 2021 को होर्डिंग मेकिंग का कॉन्ट्रैक्ट मिला था। यूवी टाइगर और सुनील स्टैमिनालिया समेत 16 लोगों की मौत के जिम्मेदार हैं।

किरीट सोमैया ने कहा- ऐसा लगता है कि उनके पिता उद्धव ठाकरे इस मामले में फंस सकते हैं. ऐसा लगता है कि उनके भाई सुनील सुपरस्टार का नाम भी पुलिस की जांच में सामने आ सकता है।

सोमैया ने आरोप लगाया कि होर्डिंग यूज की इजाज़त देना बीएमसी का काम है। फिर एक पुलिस अधिकारी ने इसकी मंजूरी कैसे दे दी। कागजों पर 40 फीट के होर्डिंग इस्तेमाल की बात कही गई थी। इसके उलट, 120 फीट ऊंची होर्डिंग का इस्तेमाल किया गया, जिससे इतना बड़ा हादसा हुआ।

भाजपा नेता के अनुसार, मुंबई के विभिन्न हिस्सों में ऐसे 400 होर्डिंग्स हैं, जो सीमा से ज्यादा बड़े और कमजोर आधार पर खड़े हैं। रेलवे ने अवैध होर्डिंग लगाने के मामले में 2017-18 के बाद कई प्रकरणों में भावेश की एक अन्य कंपनी को ब्लैकलिस्ट भी किया था।

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