दिल्ली की रौज एवेन्यू कोर्ट में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ सुनवाई हुई।
महिला पहलवानों से यौन शोषण मामले में भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उनके खिलाफ तय किये गये आरोप सुनाए। इसके बाद कोर्ट ने बृजभूषण से पूछा कि क्या आप अपने ऊपर लगाए गए आरोप स्वीकार करते हैं?
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कुश्ती संघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर ने भी अपने ऊपर लगे आरोप से इनकार कर दिया। कहा- मेरे पास सबूत हैं। किसी को अपने घर पर कभी बुलाया नहीं गया। न ही किसी को धमाकाया। सभी आरोपित कर्मचारी हैं। अगर दिल्ली पुलिस ठीक से जांच नहीं कर पाती है, तो अब तक सच सामने आ जाएगा।
कोर्ट से डॉक्यूमेंट्री ऑर्केस्ट्रा से मीडिया ने पूछा- आपने कहा था कि आरोप साबित हुआ तो फांसी पर लटक जाऊंगा। इस पर मगरमच्छ के खिलौने ने कहा- शाम को आ जाइए, लटके हुए हैं। मैंने कहा था कि जिस दिन आरोप साबित होंगे, मेरे खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। उन्हें अब इसे अदालत में साबित करना होगा और उनके पास मौजूद साक्ष्यों के बारे में बताना होगा। मेरे पास मेरी बेगुनाही के सभी साक्ष्य हैं।
11 मई को बृजभूषण पर तय हुआ आरोप
कोर्ट ने 11 मई को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय किये थे। कोर्ट ने कहा- 6 महिलाएं 5 ठेकेदारों की दलीलों में बहादुर भूषण के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत मिले। जिन धाराओं में उन पर आरोप तय किये गये हैं। इनकी धारा-354 में अधिकतर 5, 354-ए में अधिकतर 3 और 506 में अधिकतर 2 साल की सज़ा हो सकती है।

18 अप्रैल को सुनवाई के लिए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे बृजभूषण सिंह।
दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की सजा हो सकती है
ब्रिजेश भूषण को अब कोर्ट का सजा का सामना करना पड़ेगा। जिन धाराओं में उन पर आरोप तय किये गये हैं। इनकी धारा-354 में अधिकतर 5, 354-ए में अधिकतर 3 और 506 में अधिकतर 2 साल की सज़ा हो सकती है।
आरोप तय होने का मतलब क्या है?
आरोप तय होने का मतलब यह है कि बजरंगबली के खिलाफ वादी पक्ष और पुलिस की मंजूरी में साम्यवादी साक्ष्य हैं। बृजभूषण के यौन उत्पीड़न के खिलाफ मुकदमा जारी। जो आरोप लगाए गए हैं, वे अपने बचाव पक्ष के प्रतीकात्मक प्रतीक हैं। दोनों को देखने के बाद ही कोर्ट कोई निर्णय सुनेगा।

दिल्ली पुलिस ने 1500 पेज की अंतिम यात्रा की थी
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 15 जून 2023 को बृजभूषण के खिलाफ 1500 पन्नों का अंतिम संस्कार किया था। इसमें 44 गवाहों के बयान शामिल थे। ये गवाह 4 राज्यों के थे। इसमें रेसलर, रैफरी, कोच, साइकोथेरेपिस्ट और सपोर्टिंग स्टॉफ शामिल थे।
उनके खिलाफ धारा 354, 354-ए, 354-डी और 506 के तहत आरोप लगाए गए। इसी मामले में पहली बार 18 जनवरी 2023 को पहलवान बजरंग पूनिया, साकी स्वामी, विनेश फोगाट समेत 30 से ज्यादा पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था।
कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर
खेल मंत्रालय के आवेदकों के विरोध-प्रदर्शन के बाद इसे ख़त्म कर दिया गया। मामले में एक जांच कमेटी भी बनाई गई थी. हालाँकि, अप्रैल 2023 में एक बार फिर से रेसलरों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद टूल ने पकड़ बना ली। जमानतदार मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए कोर्ट पहुंचे थे। कोर्ट के आदेश पर ही दिल्ली पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर।
