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‘मैंने मुसलमानों के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला’, पीएम मोदी बोले- बस किसी को “खास नागरिक” स्वीकार नहीं कर सकता

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पीएम नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू में कहा, मैंने मुसलमानों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा, मैं किसी को भी देशद्रोही के रूप में स्वीकार नहीं कर सकता- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: पीटीआई
नरेंद्र मोदी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव 2024 के विपक्ष में हैं। इस बीच समय-समय पर पीएम मोदी द्वारा अलग-अलग चैनलों का इंटरव्यू दिया जा रहा है। इस बीच ट्वीट से बात करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने अल्पसंख्यकों के खिलाफ कभी एक शब्द भी नहीं बोला और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सिर्फ आज ही नहीं, बल्कि कभी भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल रही है। हालांकि इस दौरान मोदी ने यह साफ कर दिया कि वो किसी भी देश में किसी भी खास नागरिक की बात को स्पष्ट तौर पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संविधान के सिद्धांत तानेबाने की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रचार के दौरान उनके भाषणों का उद्देश्य वोट बैंक की राजनीति के साथ-साथ अल्पसंख्यकों का समर्थन करना, वेश्यालय आश्रमों की कोशिशों को बढ़ावा देना है।

“अल्पसंख्यकों के विरुद्ध मैंने एक शब्द नहीं बोला”

इंटरव्यू के दौरान जब मोदी से उनके खिलाफ अल्पसंख्यकों के बीच पैदा हुए खतरों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”अल्पसंख्यक अल्पसंख्यकों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला है। मैं सिर्फ राजनीति के खिलाफ कांग्रेस का वोट बैंक बोल रहा हूं। कांग्रेस के विरोध में कांग्रेस काम कर रही है, यही बात मैं कह रहा हूं। उन्होंने कहा, ”अब आप पलटे जा रहे हैं. उनका खुलासा करना मेरी जिम्मेदारी है। उस समय संविधान सभा में मेरी पार्टी का कोई सदस्य नहीं था। यह संस्था के उत्कृष्ट लोगों की सभा थी।”

मोदी बोले- हम सर्वधर्म समभाव में विश्वास रखते हैं

प्रधानमंत्री से जब एक बार फिर पूछा गया कि उनके चुनावी भाषणों में कभी अल्पसंख्यकों को शामिल नहीं किया गया तो उन्होंने कहा, ”भाजपा कभी अल्पसंख्यकों के बारे में नहीं रही।” केवल आज ही नहीं, बल्कि कभी भी नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टीकरण का रास्ता भटक रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, ”वे लोग तुष्टिकरण के रास्ते पर हैं, मैं तुष्टिकरण के रास्ते पर चलता हूं।” उन्होंने कहा, ”उनकी राजनीति तुष्टिकरण की है, मेरी राजनीति ‘सबका साथ-सबका विकास’ की है। हम ‘सर्व धर्म समभाव’ में विश्वास रखते हैं। हम सभी अपने साथ लेकर चलना चाहते हैं। हम किसी भी खास नागरिक को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, बल्कि सभी को एक समान समझा जाता है।”

बोले- बिना तर्क के प्रचार करना पाप है

प्रधानमंत्री से यह भी पूछा गया कि उन्हें ऐसा क्यों लगता है कि कांग्रेस में सत्ता आई तो ईसाइयों की संपत्ति को देवी या सिर्फ प्रचार के लिए यह बात कही गई थी। इस पर मोदी ने कहा, ”यह सिर्फ मेरे लिए इस तरह की राय का सवाल नहीं है।” बिना किसी तर्क के प्रचार करना पाप है। मैंने कभी ऐसा पाप नहीं किया और ना ही करना चाहा। उन्होंने (विपक्ष ने) ऐसे अतार्किक प्रचार अभियान चलाये हैं।” प्रधानमंत्री ने माना कि जिस दिन कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी किया था, उस दिन उन्होंने कहा था कि यह मुस्लिम लीग का प्रभाव है। उन्होंने कहा, ”कांग्रेस पार्टी को उसी दिन मेरी बात खंडन करनी चाहिए और कहना चाहिए कि ‘मोदी जी यह सही नहीं है।”

(इनपुट-भाषा)

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