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West Bengal Governor Molestation Case; Female Employee | FIR | बंगाल गवर्नर सेक्शुअल हैरेसमेंट केस- राजभवन के कर्मचारियों पर FIR: CCTV फुटेज में 3 लोग महिला को रोकते दिखे थे; आनंद बोस के खिलाफ अबतक 2 मामले

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कोलकाता5 मिनट पहले

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यौन शोषण के आरोप के बाद गवर्नर आनंद बोस ने स्कॉटलैंड में पुलिस के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था।  - दैनिक भास्कर

यौन शोषण के आरोप के बाद गवर्नर आनंद बोस ने स्कॉटलैंड में पुलिस के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था।

पश्चिम बंगाल के गवर्नर आनंद बोस सेक्शुअल हेरासेमेंट केस में कोलकाता पुलिस ने निकोलाई के तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शनिवार (18 मई) को हुई एक्शन में पुलिस ने एसएस राजपूत, कुसुम छेत्री और संत लाल का नाम शामिल है।

इन राज्यों में बंगाल पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाली है। इन पर 2 मई को छेड़छाड़ की घटना के बाद निकोलस की महिला कर्मचारी पर गलत तरीके से प्रतिबंध लगाने का आरोप है।

कैथोलिक में ही काम करने वाली महिला का आरोप था कि घटना के बाद उसके स्टाफ ने उसे पकड़ लिया था। 2 मई को उस पर गंदे रहने के लिए दबाव डाला गया। पीड़ित इस मामले में पहले ही एक मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत बयान दर्ज करा चुका है।

राज्यपाल पर लगे यौन शोषण के 2 आरोप…

  • पहली महिला स्टाफ ने कहा: 2019 से कैथोलिक में सात्विक पर काम कर रही महिला ने 3 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वह 24 मार्च को स्थायी नौकरी का अनुरोध लेकर राज्यपाल के पास गये थे। तब गवर्नर ने बदसालूकी की। अगले दिन फिर यही हुआ तो उसने स्टेट पुलिस अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई।
  • द्वितीय शास्त्रीय नर्तक ने अनुमान लगाया: एक ओडिसी क्लासिकल डांसर पर दिल्ली के 5 स्टार होटल में सेक्सुअल प्रमोशन का आरोप है। याचिका अक्टूबर 2023 में दर्ज कराई गई थी। 14 मई को मामला सामने आया। ओडिसी डांसर ने अपनी याचिका में बताया है कि वह विदेश यात्रा से जुड़ी समस्याओं को लेकर गवर्नर से मदद के लिए गई थी।

राज्यपाल ने सीसीटीवी कैमरे में कैद की थी तस्वीर

आनंद बोस ने खुद पर लगाए गए आरोप को खारिज कर दिया था। उन्होंने 9 मई को 100 आम लोगों को 2 मई का एसआईटीए चित्र दिखाया। गवर्नर ने 2 मई शाम 5:30 बजे सीसीटीवी कैमरे के सामने बोल्टन के गेट पर ताला लगा दिया। एक घंटे के वीडियो में वह महिला भी नजर आईं, जिस पर राज्यपाल पर लगाया आरोप। पढ़ें पूरी खबर…

गवर्नर के अभी तक कोई खिलाफ एक्शन क्यों नहीं हुआ
सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 361 (2) के तहत गवर्नर के पद पर रहने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा अनुच्छेद 361 (3) के तहत राज्यपाल के पद के दौरान उनके विरुद्ध जेल या जेल अधीक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है।

ऐसा कोई भी नहीं है। लेकिन, इससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों की भी जांच हो सकती है।

ऐसे में गवर्नर के पद से हटने या पद से हटने के बाद गवर्नर के खिलाफ नए चेयरमैन पर मुकदमा दर्ज हो सकता है। एनोटेट-361 (3) के मित्र के अधीन गवर्नर बनने से पहले कोई मामला दर्ज होता है तो उनके पद पर रहने तक उन पर भी रोक लगा दी जाती है। यानी पुराने मामलों में भी राक्षस, अपराधी और जेल पर कार्रवाई नहीं हो सकती। पूरी खबर पढ़ें…

ममता बनर्जी ने कहा था- गवर्नर के पास भी पाप

बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने 11 मई को एक रैली में कहा था कि राज्यपाल आनंद बोस के बारे में अभी तक कुछ भी सामने नहीं आया है। एक और वीडियो और पेन ड्राइव है। ममता ने कहा- अगर अब मुझे बुलाया जाएगा तो मैं नहीं जाऊंगी. अगर राज्यपाल मुझसे बात करना चाहते हैं तो वह मुझे सड़क पर बुला सकते हैं। मैं अन्यत्र मिल नमूने। उनके पास की किताब भी अब पाप है।

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