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एआई सुपर एप के लिए डेटा पर कब्जे की जंग:चीनी नववर्ष पर यूजर्स को लुभाने के लिए अलीबाबा-टेंसेंट जैसी कंपनियों ने खर्चे 11 हजार करोड़; मुनाफा छोड़, यूजर बेस बढ़ाने में जुटे टेक दिग्गज

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चीन में लूनर नव वर्ष के दौरान लोग लाल लिफ़ाफ़ों में पैसे देने की परंपरा (हांगबाओ) रखते हैं, इस बार यह नए रूप में बनी है। होटल दिग्गज उद्यमों ही लोगों को डिजिटल हांगबाओ ग्लासगो। पिछले कुछ दिनों में केरल में अलीबाबा, बेडांस, टेन्सेंट और बायडू ने 11 हजार करोड़ रुपये के सिम और कैश रिवॉर्ड धारक लोगों को अपने फ्लैट ऐप डाउनलोड करने के लिए इस्तेमाल किया। चीन में इस रियायती होड को ‘होंगबाओ वॉर’ कहा जा रहा है। यह नए साल पर जाने वाले लाइफ़ों के नाम पर है। ज्यादातर चीनी आर्किटेक्चर पहले ही अपने मॉडल मुफ्त दे रही थीं। अब वे ग्राहकों को पैसेज दुकानदार इस्तेमाल करा रही हैं। यूक्रेनी औद्योगिक एजेंट सेवा बनाने और प्रोमोट करने में बड़ा निवेश कर रही हैं। चीनी नव वर्ष से ठीक पहले अलीबाबा और बाइडांस ने चैटबॉट का लॉन्च लॉन्च किया। सिद्धांत के बाद इन बॉट आर्किटेक्चर की ओर से कई कार्य कर सकते हैं। इस मशीन पर अलीबाबा के चैटबॉट क्वीन के जरिए 10 करोड़ से ज्यादा बेवरेज को खत्म कर दिया गया। वहीं, बेडांस के चैटबॉट डूबाओ ने टीवी शो के दौरान कुछ ही घंटों में 2 अरब के जवाब दिए। पादरियों का कहना है, ‘यह सिर्फ प्रचार नहीं है, बल्कि डिजिटल बाजार पर व्यवसाय की रणनीति है। जो कंपनी सबसे पहले सबसे बड़ी शामिल हुई, वही आगे वास्तु-आधारित सुपर ऐप बनाया गया। जिसमें बातचीत, खरीदारी, भुगतान और टिकटें शामिल हैं, यह एक ही जगह हो सकती है। स्टैनफोर्ड की कंपनी के शेयरधारकों की रिपोर्ट बताती है कि लीडरशिप बेस बेहद अहम है, क्योंकि इससे कंपनी में सबसे ज्यादा डेटा और मॉडल तेजी से बेहतर होते हैं। इसी कारण से ग्राहकों की मांग पर खर्च कर रही हैं। इस रत्न के नकारात्मक प्रभाव भी दिखने लगते हैं। उद्यम को यकीन नहीं है कि भविष्य में इतना बड़ा खर्च आएगा। उदाहरण के तौर पर, हांगाबाओ युद्ध शुरू होने के बाद अलीबाबा के शेयर में 30% की गिरावट आई। उद्योगों के अंदर दबाव भी बढ़ रहा है। हाल ही में ‘क्वॉन’ के मुख्य अभियंता लिन जुनयांग ने इस्तीफा दे दिया। बढ़ते दबाव को इसके पीछे प्रमुख कारण माना जा रहा है। चिप नहीं, बल्कि मानव मस्तिष्क की खोज है। सिंगापुर कंपनी में भी सेंटर बना रही है। इन ‘बायोकेमिकल कंप्यूटर्स’ में लैब में तैयार किए गए सिलिकॉन सिलिकॉन प्लांट लगाए जाते हैं, जो बिजली के उपकरणों से फीडबैक देते हैं और प्रमुख खिलाड़ी ब्लॉक किए जाते हैं। ये बेहद कम ऊर्जा खर्च करते हैं। स्ट्रेचर ने सबसे पहले अपने कंसोल को ‘पोंग’ गेम खेलना सिखाया था। अब वे डूम इवेंट में भी सफल रहे। विश्वास है कि प्रयोग प्रारंभिक चरण में है, लेकिन भविष्य में पारंपरिक चिप को चुनौती दी जा सकती है



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