डोंगरगढ़ -आज छत्तीसगढ़ सरकार की वित्त मंत्री O. P. Choudhary द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,72,000 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया गया। बजट का आकार बड़ा अवश्य है, परंतु इसकी आत्मा में जनसरोकारों की स्पष्ट झलक नहीं दिखाई देती।
छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विष्णु लोधी ने बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह दस्तावेज जमीनी समस्याओं के समाधान से अधिक आंकड़ों की बाजीगरी प्रतीत होता है। किसानों की धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था, बढ़ती महंगाई से राहत, बिजली दरों में नियंत्रण और युवाओं को स्थायी रोजगार देने जैसे मूल मुद्दों पर कोई स्पष्ट और प्रभावी रोडमैप सामने नहीं आया है।
प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ रही है, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में हैं, किसान लागत और लाभ के अंतर से जूझ रहे हैं — ऐसे समय में बजट से ठोस राहत की अपेक्षा थी। परंतु यह बजट गांव, गरीब, किसान, मजदूर और युवा की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखने में असफल दिखाई देता है राजनांदगांव, डोंगरगढ़, डोंगरगांव और खुज्जी की अनदेखी क्यों?*
विष्णु लोधी ने विशेष रूप से राजनांदगांव जिले की उपेक्षा पर चिंता जताई। यह जिला कृषि, शिक्षा और व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन यहां सिंचाई विस्तार, ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन और स्थानीय उद्योगों के प्रोत्साहन हेतु कोई ठोस प्रावधान स्पष्ट रूप से नहीं दिखता।
इसी प्रकार डोंगरगढ़, जो मां बम्लेश्वरी की आस्था से जुड़ा प्रदेश का प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र है, वहां वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान बजट में प्राथमिकता नहीं बन सका। मार्गों की जर्जर स्थिति, शहर में बंद कृषि उपज मंडी,जर्जर बस स्टैंड, यातायात एवं पार्किंग की अव्यवस्था, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं की कमी, फुट ब्रिज की आवश्यकता, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के अभाव तथा स्थानीय व्यापारियों के लिए विशेष पैकेज की जरूरत — इन सभी मुद्दों पर सरकार मौन दिखाई देती है।
क्या ₹1,72,000 करोड़ के बजट में डोंगरगढ़ जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के लिए समग्र मास्टर प्लान, विशेष पर्यटन पैकेज और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार उन्मुख योजना शामिल नहीं की जानी चाहिए थी?
Bharatiya Janata Party की सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जनता ठोस परिणाम चाहती है, केवल घोषणाएं नहीं। बजट विकास का दस्तावेज होता है, न कि केवल राजनीतिक प्रचार का माध्यम।
विष्णु लोधी ने मांग की कि सरकार आंकड़ों के भ्रमजाल से बाहर निकलकर पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी कदम उठाए। किसानों के हितों की रक्षा, युवाओं के रोजगार की गारंटी, छोटे व्यापारियों को संरक्षण और राजनांदगांव, डोंगरगढ़, डोंगरगांव व खुज्जी के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तत्काल घोषित की जाए।
