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India IT Rules 2026 | Deepfake Video-Photo 3 Hr Removal & AI Content Labeling

Published:


नई दिल्ली6 मिनट पहले

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एक्स (ट्विटर), यू-ट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कल 20 जनवरी से अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर होने वाले एआई (आर्टिफिशियल प्लेटफॉर्म) पर चर्चा पर लेबल अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही अगर कोई डीपफेक वीडियो-फोटो अपलोड करता है, तो उसे 3 मिनट में हटाना होगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी नियम 2021 में बदलाव किया है, जिसका ड्राफ्ट सरकार ने 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया था। इसके बाद मंत्रालय ने 10 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी कर मंचों पर नए नियमों का पालन करने का आदेश जारी किया था।

नए नियम डीपफेक और एआई से बनी सामग्री को लेबल और ट्रेस करने के लिए हैं। मतलब, अब AI किताब में साफा लिखना होगा कि यह किताब असली नहीं है, AI वाला है। इससे मिस इन फॉर्मेशन और लॉज धांधली जैसी नौकरियों पर लगाम।

बोले- रचना पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत है

मैट ने आज एआई समिति में समीक्षा के दौरान सुझाव दिया कि जिस तरह खाने के सामान पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, उसी तरह डिजिटल सामान पर भी स्पष्ट लेबल होना चाहिए। इन लोगों को पता चल गया है कि क्या बनाया गया है और क्या बनाया गया है (फैब्रिक द्वारा निर्धारित)।

सभी एआई वीडियो-वीडियो लेबल लोड होंगे

नए रूल 3(3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एआई पेज जैसे ‘सिंथैटिकली क्रेटेड इन फॉर्मेशन’ क्रिएटर करेंगे, उन्हें हर ऐसे पैकेज पर प्रमुख लेबल लगाना होगा। स्थायी यूनिक मेटाडेटा/आइडेंटिफ़ायर एंबेडेड भी करना।

ये लेबल विजुअल में कम से कम 10% एरिया कवर विज़िट या ऑडियंस में पहले 10% समय में तय किया गया। मेटाडेटा को कोई परिवर्तन, हाइड या डिलीट नहीं किया जाएगा। प्लेटफॉर्म्स को टेक्निकल तरीके से उपयोग किया जाएगा ताकि अपलोड होने से पहले ही चेक हो जाए कि ये एआई वाला है या नहीं।

नवंबर में रश्मीका मंदाना का डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था।

नवंबर में रश्मीका मंदाना का डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था।

सचिन सावंत का डीपफेक वीडियो, जिसमें वे गेम ऐप को प्रोमोट करते थे।

सचिन सावंत का डीपफेक वीडियो, जिसमें वे गेम ऐप को प्रोमोट करते थे।

नए आईटी डिजाइन में ये 3 बदलाव भी

  • लेबल लेबल या छिपाना अब बाज़ारिया नहीं : सोशल मीडिया अब एआई लेबल या उसके मेटाडेटा (पहचान की जानकारी) को हटा नहीं सकता है। एक बार लेबल चला गया, तो उसे वैसे ही रखना होगा।
  • पहेली और पहेली साज़िश पर लगाम : सरकार ने निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स (सॉफ्टवेयर) का इस्तेमाल करें, जो एआई के जरिए गैर-कानूनी, अश्लील या धोखाधड़ी वाले सामान को बनाए रखें।
  • हर 3 माह में चेतावनी देना अनिवार्य : कंपनी को हर 3 महीने में कम से कम एक बार अपने ग्राहकों को वॉर्निंग ऑफर मिलेगी। उन्हें बताना होगा कि यदि उन्होंने एआई का गलत इस्तेमाल या नियमों का उल्लंघन किया है, तो उन्हें दंड या दंड देना पड़ सकता है।

उपभोक्ता और प्रतिष्ठान क्या दिखते हैं?

उपभोक्ता अब आगमन सामग्री आसानी से पहचाने जाने योग्य, मिसिन फॉर्मेशन कम होगी। लेकिन क्रिएटर्स एक्स्ट्रा स्टेप्स करेंगे, जैसे लेबलिंग। संस्थान के लिए चुनौती ये होगी कि उन्हें मेटाडेटा और उनके सहयोगियों के लिए टेक जांच करनी होगी, जो संचालन को थोड़ा महंगा कर सकते हैं।

लेकिन ओवरऑल, ये एआई मिसयूज प्रतिबंध में मददगार साबित होगा।

मंत्रालय ने इन संस्थागत पर क्या कहा?

सूचना परामर्श मंत्रालय ने साफा ने कहा कि ये स्टेप ‘ऑपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट’ बनाने के लिए है, जो जनरेटिव एआई से आने वाली मिसिन फॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपोलेशन जैसे जोखिम को संभालना चाहता है। इससे इंटरनेट का अधिकांश स्वामित्व बनता है।

डीपफेक क्या है?

डीपफेक एक तरह की लॉन्च की गई वीडियो है, जिसमें किसी विशेष के चेहरे, आवाज और एक्सप्रेशन की अदला-बदली होती है। एआई के माध्यम से एडिटिंग जैसे स्वच्छता उपकरण से होता है कि सही और डाउनलोड किए गए वीडियो को पहचानना काफी मुश्किल होता है।

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ये खबर भी पढ़ें…

एक्स ने पोर्न एआई सामग्री पर सरकार को जवाब दिया: आईटी मंत्रालय जांच कर रहा है, महिलाओं की तस्वीरें बनाने वाले पर शेयर करने का आरोप

दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क के एआई चैटबोट ग्रोक (ग्रोक) के माध्यम से महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार को अपना जवाब दिया है। आईटी मंत्रालय ने 2 दिसंबर को मस्क की कंपनी को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया था।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश कर दी है, एजेंसी जांच कर रही है। सरकार ने चेतावनी दी कि अगर एआई टूल्स के गलत इस्तेमाल पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो एक्स को भारतीय कानून के तहत मिल रही कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

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