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दिल्ली के भारत पैलेस में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट कमेटी 2026’ के पहले दिन केंद्र सरकार ने नरमी की छूट दी। सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार 17 फरवरी को कहा कि समित के पहले दिन की उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ इकट्ठा हुई, जिसके कारण लोगों को परेशानी हुई। समित के पहले सोमवार को हजारों की संख्या में स्टूडेंट फाउंडर्स, टेक स्टूडेंट और विदेशी डेलीगेट्स थे। भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा के कारण उत्तरी बिंदुओं पर लंबी कतारें लगी रहीं। फैक्ट्री फाउंडर्स, ग्लोबल टेक एसोसिएट्स के प्रतिनिधि और इंटरनेशनल डेलीगेट्स का इंतजार किया जा रहा है। 70 हजार से अधिक लोगों की भारी भीड़, समिति के दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह दुनिया की सबसे बड़ी एआई समिति है। इवेंट के पहले दिन ही 70 हजार से ज्यादा लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। अब तर्क ठीक हैं, लेकिन अगर कल किसी को परेशानी हुई तो हम उसके लिए माफ़ी मांगते हैं। हमारी पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की सलाह के लिए तैयारी और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक ‘वॉर रूम’ बनाया गया है जो चौबीसों घंटे काम कर रहा है। ‘वॉर रूम’ एक ऐसा कंट्रोल सेंटर है जहां से पूरे वेन्यू का रियल-टाइम मॉनिटरिंग किया जाता है। यहां एसोसिएट्स को इंस्टेंट हल करने के लिए स्टूडेंट्स की टीम रहती है। फाउंडर का दावा- सुरक्षा घेरे के बीच में वायरएबल्स लगे हुए थे, कई ईकोबिटर्स ने प्रधानमंत्री के आगमन से पहले सुरक्षा जांच के नाम पर याचिका दायर की थी और उन्हें अपने ही स्टॉल से बाहर कर दिया था। फैक्ट ‘नियो सेपियन’ के सीईओ धनंजय यादव ने आरोप लगाया कि जब सुरक्षा जांच के लिए उन्हें स्टॉल से बाहर भेजा गया, उसी दौरान उनके कीमती एआई वियरेबल्स गायब हो गए। प्रोफेशनल और खराब कम्युनिकेशन पर भी उठो सवाल रिस्किल के संस्थापक पुणे जैन और एंटरप्रेन्योर प्रियांशु रत्नाकर ने मजबूत सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पैची वाई-फाई, मोबाइल नेटवर्क की समस्या और सर्च में बार-बार हो रही परेशानियों का अनुभव बहुत बुरा हुआ। फाउंडर्स का कहना था कि वीआईपी लोगों की वजह से उन लोगों के घर खड़े हो गए जो देश का एआई भविष्य बना रहे हैं। कांग्रेस बोली- मोदी की ‘रिल’ के चक्कर में देश की छवि टूटी, हुई व्यवस्था पर कांग्रेस ने एक पोस्ट किया है। लिखा- दिल्ली में एआई समित हो रही है, लेकिन वहां के हालात बहुत भयानक हैं। समिति में मिस-मैनेजमेंट से फाउंडर्स और स्कॉलर बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि पीएम मोदी के आने के लिए मेन हॉल खाली करवा दिया गया और ई-कॉमर्स से उनके पेड स्टॉल खाली करवा दिए गए। इसके अलावा समित में लोगों को कई परेशानियां झेलनी पड़तीं- जैसे: ये सब इसलिए क्योंकि एआई समित के पहले ही दिन प्रधानमंत्री मोदी अपने लाव-लश्कर के साथ वहां फोटो खानदान और रील दोस्ती तक पहुंच गए थे। ये वीडियो है कि नरेंद्र मोदी को सिर्फ अपनी छवि चमकाने से मतलब है। विश्व स्तर पर देश की छवि खराब होने से उनमें कोई फर्क नहीं पड़ता। पीएम मोदी ने किया एआई इम्पैक्ट समित का उद्घाटन दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक ‘इंडिया इम्पैक्ट समित 2026’ का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को किया था। यह इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत पैगाम में रहेगा। समित के साथ मिलकर ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ भी आयोजित किया गया है। एक्सपो में संयुक्त अरब अमीरात ने अपने नवीनतम एआई सॉल्यूशंस को पेश किया है। यहां आम लोग देखते हैं कि मदर असल जिंदगी में कैसे काम करती है और भविष्य में एआई से खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी चीजों में क्या बदलाव आता है। सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन जैसे टेक दिग्गज भी इवेंट में शामिल हो रहे हैं।
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AI समिट में भीड़ और अव्यवस्था से डेलीगेट्स परेशान:घंटों कतार में खड़े रहे, कुछ के सामान भी चोरी; अश्विनी वैष्णव ने माफी मांगी
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