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अमेरिका के नताली मार्शल का नाम ‘कॉर्पोरेट नताली’ रखा गया है। वे ऑफिस के अजीब अजीबो-गरीब मज़ाक और मज़ाक उड़ाते हैं। अपने वीडियो में नताली ऑफिस की तस्वीर को दिलचस्प तरीकों से पेश किया गया है। जैसे- लोग किस तरह ई-मेल शौक़िया उत्साह दिखाते हैं। या काम को ही पूरी जिंदगी भर के लिए नियुक्त किया जाता है। इसके अलावा ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना बंद कर दिया जाता है जो आम जिंदगी में कोई नहीं बोलता (जैसे- ‘सिनर्जी’ या ‘क्लोज द क्लॉज’)। ऑफिस ऑफिस की बोरिंग मनोरंजन मनी वाली दुनिया सोशल मीडिया पर और कमाई का नया जरिया बन गई है। नताली के वीडियो को 5 करोड़ से ज्यादा लाइक्स मिले हैं। वे नहीं आये। ऑफिस लाइफ़ की झलक दिखा रहे हैं कोई बैंकर की वेबसाइट है, कोई मार्केटिंग प्रोफेशनल की। कुछ 20 घंटे का वर्कशॉप दिखा रहे हैं, तो कुछ सुबह 5 से 9 बजे तक की तैयारी। क्विनॉइस इन्फ्लुएंसर के तौर पर जाना जा रहा है। कॉर्पोरेट इन्फ्लुएंसर्स की प्राथमिकता को देखते हुए निवेशक अपने ब्रांड से जुड़ रहे हैं। अन्य कहते हैं, इनमें से प्रत्येक वीडियो टीम भावनाएँ हैं, स्टाफ़ उदाहरण साझा करते हैं। इसऑफ़िस का समुद्री प्रभाव कंसल्टिंग फर्म डेलॉय द्वारा लारा सोफी बोथुर को इन-हाउस इन्फ्लुएंसर के रूप में रखा गया है। उनकी लिंक्डइन अकाउंटिंग से लेकर कमाई 118 करोड़ रु. का विज्ञापन वैयक्तिकृत हुआ। नताली ने प्रभावशाली लोगों के लिए वर्चुअल मार्केटिंग कंपनी शुरू करने के लिए मार्केटिंग शुरू कर दी। 20 लाख फॉलोअर्स वाले कॉनर हबर्ड एनालिस्ट का काम ठीक होकर इन्फ्लुएंसर बन गए हैं। ये लोग नौकरी करने वाले स्टाफ नहीं रह रहे, बल्कि अपने नाम व काम को ब्रांड बनाकर खुद का बिजनेस गढ़ रहे हैं। ये हकीकत दिखाते हैं, लोग खुद को जोड़ते हैं: ‘पोस्ट कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में कम्युनिकेशन और डिजिटल मीडिया के प्रोफेसर ब्रुक डेफी कहते हैं,’ लोग ब्रांड्स पर प्रभाव डालने वाले लोगों पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं क्योंकि वे ‘आध्यात्मिकता’ की जिंदगी को असली अंदाज में दिखाते हैं। कॉर्पोरेट इन्फ्लुएंसरऑफ़िस के सलाहकार, तनाव और मजाक को सामने लाते हैं, जिससे दर्शक खुद को अपने जोड़ों में जोड़ लेते हैं। ब्रुक सेल्समैन ने फिल्मों में ऑफिस लाइफ को कोलाज रखा है, लेकिन ये इन्फ्लुएंसर असलियत दिखाते हैं। बिजनेस ने भी अजीब समझ ली है। इसलिए उदाहरण माके दे रही हैं। इनका तर्क है कि उद्यमियों और कर्मचारियों से जुड़ें और दूरियां रेस्तरां में ये इन्फ्लुएंसर्स अप्रूवल हो रहे हैं।’ भारत में भी बढ़ रही इम्पैक्ट इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग कंपनी कोफ्लुएंस के अनुसार भारत में कॉरपोरेट इन्फ्लुएंसर सोशल मीडिया पर कंटेट बनाने वाले लोग नहीं रहे, बल्कि बिजनेस लीडर, ब्रांड बिल्डर और प्रोफेशनल पर्सनल बन गए हैं। उनकी बहुसंख्यक संख्या व प्रभाव भविष्य में कंपनी कल्चर और मार्केटिंग में प्रभावशाली लोगों की भूमिका और भी मजबूत होगी।
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कॉर्पोरेट इंफ्लुएंसर्स का बढ़ा ट्रेंड:ऑफिस के तनाव-चुनौती रोचक तरीके से दिखाकर करोड़ों कमा रहे, ग्राहकों-कर्मियों से जुड़ना आसान किया
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