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इलॉन मस्क की AI कंपनी चांद पर फैक्ट्री लगाएगी:साल के अंत तक कोडिंग की जरूरत खत्म होगी; मस्क ने बताया XAI का पूरा प्लान

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दुनिया के सबसे अमीर इंसान इलॉन मस्क चांद्र पर एआई सैटेलाइट गैलरी लगाएंगे। मस्क ने बताया कि वे इसके माध्यम से सूर्य की ऊर्जा को बढ़ाना चाहते हैं। मस्क ने अपनी AI कंपनी XAI की सहयोगी टीम का 45 मिनट का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें ये जानकारी सामने है। एलन मस्क की मीटिंग से जुड़ी 10 बड़ी बातें… 1. सूरज की ऊर्जा का इस्तेमाल 2. फाउंडेशन मीटिंग में 12 सदस्यों वाली कंपनी के 6 सदस्यों ने बताया कि कंपनी से कई पुराने कर्मचारियों को बाहर किया गया है। इसमें कंपनी की शुरुआत करने वाली फाउंडिंग टीम के सदस्य भी शामिल हैं। xAI की शुरुआत करने वाले 12 मुख्य सदस्यों में से अब सिर्फ मास्क के साथ बचे हैं। मस्क ने इसे कंपनी के ‘ऑर्गेन स्माल्कल लेक’ में बदलाव का नाम दिया है। 3. चार सबसे बड़े आंकड़ों में बैंटी एक्सएआई, ‘मैक्रोहार्ड’ प्रोजेक्ट खास यह प्रोजेक्ट सिर्फ साधारण सॉफ्टवेयर नहीं बनाया गया, बल्कि पूरी तरह से पूरी कंपनी का ‘डिजिटल रिस्टोरेशन’ तैयार करना है। इसका मतलब यह है कि एक कंपनी के हर विभाग, शॉफ्ट चेन और बिजनेस बिजनेस का एक कंप्यूटर मॉडल बनाया जाएगा। इससे पहले किसी भी बड़े फैसले को असल में लागू करने से पहले परीक्षण किया गया था कि उसका परिणाम क्या होगा। फैक्ट्रीहार्ड का एक बड़ा लक्ष्य मल्टीप्लेक्स कॉम्प्लेक्स को डिजाइन करना है। यह मानवतावादी एडवांस होगा कि खुद ही डिजाइन के इंजन और उनके पार्ट्स की डिजाइन तैयार होगी, जिससे इंसानी इंजीनियर के सौदे खत्म हो जाएंगे और काम की समीक्षा कई गुना बढ़ जाएगी। 4. इंसानों की जगह सॉफ्टवेयर खुद लिखागा अपना प्रोग्राम अब एआई मॉडल किसी भी समस्या के लिए एक अनुभवी इंजीनियर के तरह-तरह के तत्व हैं। अगर प्रोग्राम में कोई गलती है, तो वे उसे ढूंढकर खुद ही ठीक कर सकते हैं। मस्क ने कहा कि इस साल के अंत तक शायद कोडिंग की जरूरत ही नहीं पड़ी। एआई सीधे ‘बाइनरी’ (कंप्यूटर की अपनी भाषा अर्थात 0 और 1) में खोजें। यह काम किसी भी इंसानी प्रोग्रामर या स्थिर सॉफ्टवेयर (कंपाइलर) से कहीं भी ज्यादा बेहतर और तेज होगा। मस्क का दावा है कि अगले 2-3 महीनों में उनका ‘ग्रोक कोड’ दुनिया का सबसे बेहतरीन कोडिंग मॉडल बन जाएगा, जो चुटकियों में कॉम्प्लेक्स से कॉम्प्लेक्स सॉफ्टवेयर तैयार करेगा। 5. एआई ने बनाया 20 मिनट तक लंबा वीडियो इसमें किसी भी तरह के दस्तावेज की भी जरूरत नहीं है। 6. ‘मेम्फिस रिस्ट्रिक्ट’ धरती का सबसे बड़ा सुपरकंप्यूटर मस्क के पास दुनिया का सबसे बड़ा GPU है। ये 24 घंटे बिना रुके काम करता है। इसका मुख्य काम एआई चैटबोट ‘ग्रोक’ के अगले और उन्नत संस्करण को प्रशिक्षण देना है। यहां हजारों ऑपरेटिंग सिस्टम एक साथ मिलकर विशाल दिमाग की तरह काम कर रहे हैं। मस्क की टीम ने इस प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि डेटा सेंटर का एक बड़ा हिस्सा 6 सप्ताह में तैयार किया गया है। हॉल के अंदर 1363 किमी लॉन्ग ऑलवेज बेघर रखा गया है। पूरे 1 गीगावाट से ज्यादा बिजली खर्च की तैयारी पूरी हो रही है। 7. छत पर लिखेवाया ‘मैक्रो हार्ड’ मास्क ने अपनी सफलता का मंत्र ‘कंप्यूटर एडवांटेज’ (ज्यादा से ज्यादा मशीनी ताकत) बताया। एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने भी सोचा था कि मस्क रैपिड्स से मस्जिद की दुनिया में कोई नहीं बन सकता। मस्क ने डेटा सेंटर की छत पर ‘मैक्रो हार्ड’ (माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर तंज) लिखा है। 8. ग्रोक वॉयस और ‘एवरीथिंग ऐप’ की विजन वॉयस टीम ने बताया कि सितंबर 2024 तक उनके पास कोई वॉयस मॉडल नहीं था, लेकिन सिर्फ 6 महीने में उन्होंने ऐसे मॉडल को सब्सक्राइब किया जो ओपन मार्केट को टक्कर दे रहा है। उनका लक्ष्य यह सिर्फ प्रश्न-उत्तर तक सीमित नहीं एक ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना है।



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