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Memory chip shortage may increase prices of smartphones, smart TVs, and laptops by up to 10%

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  • मेमोरी चिप की कमी से स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी और लैपटॉप की कीमतें 10% तक बढ़ सकती हैं
नई दिल्ली9 मिनट पहले

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अब फोन, टीवी जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की मशीनें खरीदी जा सकती हैं। अभिलेख के लिए डेटा केंद्रों और सर्वरों के लिए स्मृति चिन्ह की सबसे अधिक आवश्यकता है। इसका संचालन कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए चिप की स्टाम्प कम हो गया है। इसी तरह का फार्मूला 50% तक बढ़ने की संभावना है। एनालॉग रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे में टेक्नोलॉजी, टीवी, कंप्यूटर और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम में इस साल हर महीने 7-10% की बढ़ोतरी हो सकती है।

मूल, मैमोरियल चिप्स बनाने वाली कंपनियां हाई-बैंडविड्थ मैमोरी और सर्वर-ग्रेड क्रोमैटो फर्मों को महत्व दे रही हैं, क्योंकि इनका दावा सबसे ज्यादा है। प्रतिपक्ष रिसर्च के अनुसार, सैमसंग, एसकेए हेनिक्स और माइक्रॉन जैसे प्रमुख साप्लायर्स, बड़े पैमाने पर और सर्वर निवेशकों को पहले बढ़ावा दिया जा रहा है। नंबर नियंत्रण सख्त कर दिए गए हैं और स्टॉकिंग रोक रहे हैं। इससे कंजुमर-ग्रेड के मेमोरी कार्ड की शायरी घट गई।

स्मृति चिन्ह के दाम पहले ही 400% तक बढ़ गए

ब्लॉपंक्ट और कोडक के ब्रांड लाइसेंसी सुपर प्लास्टिक स्ट्रॉनिक्स के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने कहा कि स्मार्ट टीवी में डी-स्टूडियो-3 और डी-जेड-4 मेमोरी का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बुलेट के बने ये मेमोरियल सर्वर्स की ओर डायवर्ट हो रही हैं। अंतिम अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में मेमोरी चिप के दाम पहले ही 300-400 प्रतिशत बढ़ गए हैं।

एपल 25% चिप का प्रयोग किया जाता है, सप्लायर्स पर प्रेशर बनाया जाएगा

इस साल टीवी की कीमत में 7-10% का इजाफा हो सकता है– रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, हालात ऐसे हैं कि इस साल मार्च तक मेमोरी के दाम 40-50% और बढ़ सकते हैं। इससे टीवी के शोरूम में 7-10% की बढ़ोतरी हो सकती है। जल्द ही सुधार की उम्मीद भी नहीं है। भारत में 28% से कमिट 18% रह जाने के फायदे भी अब ख़त्म हो गए हैं।

एपल अन्य ब्रांड्स के फोन पर खरीदारी कर सकता है-टेक्नोलॉजी कंपनी नथिंग ने कहा है कि इस साल फोन के दाम बढ़ जाएंगे। हालाँकि, स्टैंडर्ड मिंग-ची कू के अनुसार, एपल 18 के डैम को स्थिर बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। एपल ग्लोबल मेमोरियल चिप नेपोलियन का 20-25% उपयोग किया जाता है। सप्लायर्स पर प्रेशर डाला जा सकता है।

कंप्यूटर ब्रांड्स चीन से चिप्स लेने की सोच रहे- कुछ वैश्विक कंप्यूटर ब्रांड पारंपरिक चिप कंपनियों के विकल्प तलाश रहे हैं। एचपी, डेल, एसआर और एएस एस एस जैस बिल्डर्स सीएक्स माई जैस चाइना की सोसायटी से मेमोरी लर्निंग पर विचार कर रही हैं। अगर ऐसा हुआ तो लैपटॉप, पीसी और टैबलेट का दाम भी स्थिर रह सकता है।

बहुउद्देश्यीय कारखाने की बड़ी स्क्रीन का ट्रेंड पलटने की संभावना टीवी इंवेस्टमेंट का व्यवहार बदल सकता है। प्लास्ट्रॉनिक्स के मारवाह के अनुसार, लोग 65 इंच टीवी की जगह 55 इंच के टुकड़े, या 55 इंच वाले 43-50 इंच पर शिफ्ट होते हैं। बड़े स्क्रीन का ट्रेंड पलट सकता है।

बहुमत प्रभावितहोगा। मेमोरी की कमी से एनवीडिया जेसन एसोसिएट ने कुछ गेमिंग प्रोजेक्ट लॉन्च करने में देरी की है। ऑटो सेक्टर भी प्रभावित हुआ क्योंकि गाड़ियों में भी सेमीकंडक्टर्स और मेमोरी लगी हुई है।



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