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- ब्रिटिश मूल के पेपिटा को 50 साल बाद मिली भारतीय नागरिकता; दिल्ली एम्स के पहले मनोवैज्ञानिक का निधन
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जानिए आज के प्रमुख अफेयर्स, जो सरकारी अखबार की तैयारी कर रहे हैं दोस्तों के लिए जरूरी हैं…
राष्ट्रीय (राष्ट्रीय)
1. एएआई ने भारत के साथ मिलकर एक सड़क परिवहन निगम बनाया
8 फरवरी को एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने हाल ही में शुरू की गई देश की पहली सरकारी कैब सेवा भारत टैक्सी के साथ समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
- एएआई के साझीदार मुकेश कुमार ने ये एमओयू पेश किया।
- जल्द ही कैब इंजीनियर्स पर ‘भारत रोड़पोर्ट’ देश के कई हवाईअड्डे के तहत एमओयू।
- इस एक्ट का उदेश्य हवाईअड्डे पर यात्रियों से वसूले जाने वाले को अधिक फायदा और बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है।
- एमओयू के तहत शुरुआत में राजकोट, वडोदरा, सूरत, भुज, पुणे, तंजानिया, वाराणसी जैसे शहरों में भारत टैक्सी सेवा शुरू की जाएगी।
- 5 फरवरी को भारत की ओर से पहली बार ‘भारत रोड़पोर्ट’ का शुभारंभ हुआ। ये भारत का पहला कॉपरेटिव लीडरशिप प्लेटफॉर्म है।
- भारत रेडियो प्लेटफ़ॉर्म जीरो कमीशन और सर्ज-फ़्री प्राइज़ मॉडल बनाया गया है। ऑलमोस्ट इंडिया को स्ट्रैटेजिक प्राइवेट लिमिटेड का मौका मिलेगा।
- यह सेवा दिल्ली-सार्वजनिक में शुरू हो चुकी है और इसके बाद मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी यह शुरू हो जाएगी।

भारत टैक्सी ऐप पर बाइक, ऑटो और कार टायर का विकल्प है। रिपोर्ट के मुताबिक लॉन्च से पहले ही इस प्लेटफॉर्म से 3 लाख से ज्यादा यूजर और 1 लाख से ज्यादा यूजर शामिल हो गए हैं।
निधन (मृत्यु)
2. साइकोलॉजिकल डॉ. के. सुधाकर अधिकारी का निधन
7 फरवरी को सीनियर साइकोलॉजिकल डॉक्टर के. सुधाकर अलॉटमेंट का निधन हो गया।
- डॉ. दिल्ली एम्स में साइकोलॉजी ट्रेनिंग लेने वाले पहले डेवलपर थे और एम्स से डिग्री लेने वाले भारत के पहले साइकोलॉजी थे।
- 1965 में डॉ. क्रिएटर ने मंगलुरु में साइकोलॉजी डिपार्टमेंट की शुरुआत की और फादर मुलर हॉस्पिटल बनाया।
- डॉ. अलॉटमेंट ने 52 साल तक हॉस्पिटल को अपना धार्मिक अध्ययन कराया। फादर मुलर हॉस्पिटल मंगलुरु का पहला साइकोलॉजी डिपार्टमेंट वाला हॉस्पिटल था। ।।

डॉक्टर के. सुधाकर अलॉटमेंट 93 साल के थे।
3. मेरीकॉम में कोच की भूमिका निभाने वाले अभिनेता सुनील थापा का निधन
6 फरवरी को नेपाली अभिनेता सुनील थापा का निधन हो गया। वे 68 साल के थे. उन्होंने मैरी कॉम फिल्म में प्रियंका चोपड़ा के कोच का रोल प्ले किया था।
- हाल ही में आई वेब सीरीज ‘द फैमिली 3’ में सुनील ने डेविड का किरदार निभाया था।
- सुनील ने 300 से ज्यादा नेपाली, बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्मों में काम किया।
- नेपाली फिल्म चीन में ‘रात कैला’ के किरदार से सुनील एक विलेन के रूप में मशहूर हुए थे।
- सुनील ने ‘मेरी कॉम’ के अलावा, हिंदी फिल्म एक दूजे के लिए, लेकिन सिर्फ शादी में काम किया।
- वहीं वह भोजपुरी फिल्म शेर-ए-हिंदुस्तान (2019) में दिनेश लाल यादव (निरहुआ) के साथ नजर आईं।

फिल्मों में आने से पहले थापा खेलों से भी जुड़े रहे। उन्होंने पेशेवर फुटबॉल के लिए बॉम्बे के क्लबों के लिए खेला।
4. अग्नि-3 का सफल परीक्षण हुआ
6 फरवरी को ओडिशा के सिल्वरपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से पेरेंट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-3’ का परीक्षण हुआ। ये परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) का अवलोकन किया गया था। एसएफसी भारत की परमाणु परमाणु क्षमता को संचालित करता है।
- अग्नि-3 को रक्षा एवं अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) ने डिजाइन किया है।
- अग्नि-3 मिसाइल की मारक क्षमता 3,000-3500 किमी है और यह सतह पर बार-बार काम करती है।
- अग्नि-3 मिसाइल 1.5 टन परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। साथ ही ये मैड्रिड नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम से शुरू होता है।
- 50 टन वजन वाली इस मिसाइल में दो स्टेप वाला इंजन लगा है जो सॉलिड बर्नल से चल रहा है।
- अग्नि-3 तीन प्लांट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मार्क क्षमता 3000 हजार किमी तक है।
- विशेषज्ञ का मानना है कि अग्नि-3 मिसाइल की मारक क्षमता पूरे पाकिस्तान को अपने जद में ले सकती है।
- मिसाइल टू-स्टेज सॉलिड फिल सिस्टम पर आधारित है। पहले स्टेप में विस्फोट के बाद दूसरा स्टेप सक्रिय होता है, जो मिसाइल निर्धारित लक्ष्य तक लेकर जाती है।

अग्नि-3 भारत की स्वदेशी मिसाइलें हैं और इस श्रृंखला में अग्नि-1 से लेकर अग्नि-5 तक की मिसाइलें शामिल हैं।
अग्नि- 1
- अग्नि-1 का सफल परीक्षण 22 मई 1989 को ओडिशा के सिल्वरपुर में अब्दुल कलाम द्वीप (टीबी व्हीलर द्वीप) से किया गया था।
- अग्नि-1 की मारक क्षमता 700 किमी तक है। इसका पहला उपयोग 25 जनवरी 2002 को आर्मी स्पेशल मिलिट्री ट्रायल में किया गया था।
- अग्नि-2 की मार्क क्षमता 2000 किमी, अग्नि-3, 3000 किमी, अग्नि- 4 की 4000 किमी की क्षमता है।
मिसलीनियस (विविध)
5. लेखिका पेपिता सेठ को भारत की नागरिकता मिली
6 फरवरी को ब्रिटेन के मूल के पेपिता सेठ को 84 साल की उम्र में भारत की नागरिकता मिली। वे लेखिका, कुशिका और पद्म पुरस्कार विजेता हैं।
- पेपिता ने साल 2024 में भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया था।
- ब्रिटिश मूल के पिता 50 से अधिक वर्षों से केरल में रह रहे हैं।
- पेपिता के परदादा ब्रिटिश भारतीय सेना में थे। उनकी डायरी पढ़ने के बाद 1970 के आंदोलन और ब्रिटिश सेना ने अपने दूसरे चरण में डॉक्युमेंट करने के इरादे से भारत आए।
- 1970 के दौरान पेपिता भारत यात्रा पर क्यू बार आये, केरल गये और फिर 1979 में केरल में ही बस गये।
- पेपिता ने केरल के कल्चर को बहुत करीब से देखा और फिर धीरे-धीरे फोटो खींचना शुरू किया और कलचर के बारे में लिखना भी शुरू कर दिया।
- पेपिता की फोटोग्राफी में केरल के मंदिरों की कला और अनुष्ठानों के साथ-साथ बंदी हाथी गुरुवयूर केशवन की तस्वीरें भी शामिल हैं।
- गुरुवीर मंदिर त्रिशूर में स्थित है और यहां गैर हिंदुओं को प्रवेश नहीं दिया जाता है लेकिन पेपिता को इस मंदिर में जाने की अनुमति है। ।।
- पेपिता गुरुवूर मंदिर में प्रवेश पाने वाली एकमात्र विदेशी महिला हैं।
- 2012 में भारत सरकार ने पेपिता को कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था।
- पेपिता के पिता रामसे-फेयरफैक्स (एक ब्रिटिश नौसेना अधिकारी) थे।

पेपिता क्रिश्चियन रैमसे-फेयरफैक्स का जन्म 1942 में इंग्लैंड में हुआ था।
आज का इतिहास (9 फ़रवरी)
- 1757 में रॉबर्ट क्लाइव ने अलीनगर संधि करके कोलकाता (अब कोलकाता) पर ब्रिटिश नियंत्रण कर लिया।
- 1931 में भारत में पहली बार किसी व्यक्ति के सम्मान में डाक टिकट सहित चित्र जारी किये गये।
- 1951 – स्वतंत्र भारत में पहली बार सूची बनाने का कार्य शुरू हुआ।

1971 में नासा का अपोलो 14 अंतरिक्ष यान अपना मून मिशन पूरा करके सुरक्षित धरती पर वापस लौटा।
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