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सरस्वती शिशु मंदिर में विद्यारंभ संस्कार एवं सरस्वती पूजन श्रद्धा के साथ संपन्न

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✍️ टीवी 1 इंडिया न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़

गरियाबंद _श्री भूतेश्वर नाथ बाल संस्कार समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गरियाबंद में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर विद्यारंभ संस्कार एवं सरस्वती पूजन का भव्य आयोजन किया गया। यह संस्कार भारतीय परंपरा के 16 संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है, जिसे विद्या के शुभ आरंभ का प्रतीक माना जाता है।कार्यक्रम में 110 शिशु एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे। इस अवसर पर सत्य प्रकाश मानिकपुरी, लोकनाथ साहू, राजेंद्र सिंह परिहार, चैन सिंह बघेल (प्राचार्य) तथा योगेश कुमार साहू (प्रधानाचार्य) की गरिमामयी उपस्थिति रही।मुख्य अतिथि लोकनाथ साहू ने पौराणिक कथा के माध्यम से बसंत पंचमी और विद्यारंभ संस्कार के महत्व को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने कमंडल से जल छिड़ककर माता सरस्वती को प्रकट किया था, तभी से यह दिन माता सरस्वती के प्रकट उत्सव के रूप में मनाया जाता है।परंपरा के अनुसार छोटे भैया-बहनों के गले में घी से ॐ अंकित किया गया तथा माता सरस्वती की गोद में बिठाकर पट्टी पर पेंसिल से बच्चों का हाथ पकड़कर पाँच अक्षर लिखवाए गए, जिससे उनके विद्या जीवन का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के दौरान हवन-पूजन एवं सरस्वती पूजन भी विधिवत संपन्न हुआ। पीले वस्त्र और पीले पुष्पों का विशेष महत्व बताया गया, जो ज्ञान, संगीत, प्रकाश और आत्मबोध के प्रतीक माने जाते हैं।इस सफल आयोजन में विद्यालय के समस्त आचार्य, दीदी एवं भैया-बहनों का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम भक्तिमय और संस्कारपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

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