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दिव्यांग आश्रम का बाल कल्याण समिति ने किया निरीक्षण नाबालिग बच्चों की देखरेख साफ-सफाई व पंजीकरण को लेकर संस्था प्रभारी को दी गई समझाइश

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✍️ टीवी 1 इंडिया न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़

गरियाबंद _ बाल कल्याण समिति के माननीय सदस्यों द्वारा जिले में संचालित आमडी रोड स्थित कलार समाज भवन में संचालित दिव्यांग आश्रम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि आश्रम में निवासरत बच्चे नाबालिग अवस्था में हैं तथा कई बच्चे दिव्यांग श्रेणी के हैं बाल कल्याण समिति बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण के उद्देश्य से स्थापित एक न्यायिक पीठ है, जिसका दायित्व बच्चों के हितों की रक्षा करना है निरीक्षण के दौरान समिति द्वारा बच्चों की देखरेख, संरक्षण, खान-पान की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था एवं आश्रम में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया गया समिति के माननीय सदस्यों ने संस्था प्रभारी को निर्देशित किया कि बच्चों को विशेष देखभाल प्रदान की जाए, उनके पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा आश्रम से संबंधित सभी कागजी कार्यवाही एवं दस्तावेजों का विधिवत संधारण किया जाए इस दौरान यह भी अवगत कराया गया कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के अंतर्गत प्रत्येक बाल देखरेख संस्था का पंजीकरण अनिवार्य है। संबंधित संस्था प्रभारी को उक्त अधिनियम के तहत आश्रम का पंजीकरण शीघ्र कराने का आग्रह किया गया बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत होने वाले बच्चों एवं पूर्व में प्रस्तुत किए गए दिव्यांग बच्चों की स्थिति की जानकारी लेने, उनकी परेशानियों एवं आवश्यकताओं को समझने के उद्देश्य से यह निरीक्षण किया गया। मौके पर बाल कल्याण समिति की माननीय सदस्य मोनिका तिवारी एवं माननीय सदस्य प्रीति मिश्रा उपस्थित रहीं, जिन्होंने बच्चों से संवाद कर उनकी स्थिति का जायजा लिया।

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