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- आईटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
नई दिल्ली8 मिनट पहले
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इंजेक्टेबल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। SII ने आयकर अधिनियम में संशोधन को चुनौती दी है। असल, 2016 में इन्कम को चिन्हित करने वाले फाइनेंस एक्ट, 2015 के सेक्शन 2(24) में संशोधन करके एक सब-क्लोज (xviii) जोड़ा गया था। इसके इंस्टीट्यूट ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की थी, जिसे 4 दिसंबर 2023 को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
इंजेक्शन टैक्स में संशोधन और उच्च न्यायालय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारडीवाला और मनोज मिश्रा की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है। केस की पिछली समीक्षा 6 मई को हुई थी, जिसमें एसआईआई की ओर से एडवोकेट अरविंद पी दातार ने जेलें रखने के लिए कुछ और समय मांगा था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज के लिए सुनवाई टाल दी थी।
इन्कम टैक्स संशोधन से क्या बदलाव आये
आयकर अधिनियम में संशोधित संशोधन के अनुसार, केंद्र या राज्य सरकार की ओर से रियायती, अनुदान, छूट, रियायती या रिइंबर्समेंट, कैश या किसी और तरह की मदद की भी कर के दायरे में छूट दी गई है। SII का तर्क है कि ये चीजें टैक्स के उत्पादों में शामिल नहीं होनी चाहिए।
उच्च न्यायालय ने कहा कि एक सब-क्लोज के माध्यम से इस कर का भार उठाने पर, केवल इस वास्तविकता के आधार पर कानूनी प्रस्ताव समाप्त नहीं होता है। यह संविधान का अनुच्छेद 19(1)(g) के अंतर्गत व्यापार की स्वतंत्रता देता है, लेकिन मुनाफ़ा की स्वतंत्रता का हिस्सा नहीं है।
