
FY26 की दिसंबर तिमाही में जियो प्लेटफार्म का EBITDA 16.4 प्रतिशत उछाल 19,303 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 16,585 करोड़ रुपये थी। कंपनी की अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ का हाथ है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का प्रति व्यक्ति राजस्व रेवेन्यू (एयू) 213.7 करोड़ रुपये रहा।
सब्सक्राइबर्स बेस 51.5 करोड़ के पार
जियो के 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या 25.3 करोड़ पार हो गई है। फॉक्सएक्स ब्रॉडबैंड सबक्रेइबर्स की संख्या 2.5 करोड़ से अधिक हो गई। जियो एयरफाइबर 1 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स वाली दुनिया की पहली FWA सर्विस बनी। 31 दिसंबर को जियो के सब्सक्राइबर्स बेस 51.5 करोड़ थे।
देश में डिजिटल क्रांति में जियो की सबसे बड़ी भूमिका
कंपनी की कुल चॉकलेट में 5जी की हिस्सेदारी 53 फीसदी हो गई है। कस्टमर एंगेजमेंट में कॉन्स्टैंट स्ट्रक्चर का हाथ है। रिलायंस जियो इंफोकॉम के दिग्गज आकाश अंबानी ने कहा, “जियो भारत की डिजिटल क्रांति में बड़ी भूमिका निभा रही है। कंपनी ने भारतीय उपभोक्ताओं को दुनिया की सबसे बेहतरीन तकनीक की पेशकश की है।”
कंपनी हर व्यक्ति तक फिल्म का लाभ उठाना चाहती है
उन्होंने कहा कि जियो के 50 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स बेस और यूनिवर्सल में व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क रिलाएंस रियाया को अपना लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने भारत को सिर्फ फिल्म के मामले में सक्षम नहीं बनाया है, बल्कि वह स्टूडियो-इम्पावर्ड बनाना चाहती है, जिससे हर नारी और इंडिविजुअल म्यूजिक टूल का इस्तेमाल क्रिएटर, वेट और इन-वैल्यू के लिए किया जा सकता है। इससे पहले आने वाले प्राचीन काल में सभी स्टेक धारकों के लिए वैल्यूएशन क्रिएशन के लिए जाना जाता था।
