
जिओजिट इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड्स विनोद नायर का कहना है कि प्राइवेट मार्केट में आज के सत्र के दौरान क्वेश्चन मोमेंटम देखने को मिला। आईटी और मिड-सेगमेंट इंटरनेट स्टॉक के मामले में Q3 इंटेल ने बाजार को बेहतर समर्थन दिया। हालाँकि, क्लोज़िंग के समय आई प्रोफिट शॉकेट ने आज की रैली को सीमित कर दिया, जिससे बाजार मार्जिन बढ़त के साथ बंद हो गया।
उन्होंने आगे कहा कि आईटी सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया है. इस सेक्टर को इंफोसिस के रेवेन्यू वैल्युएबल गाइडेंस में बढ़ोतरी और प्रौद्योगिकी खर्च में समूह की आशाओं से समर्थन मिला। यूनिट का फोकस ऑटोमोबाइल स्टॉक पर भी चल रहा है। सेक्टर के शुरुआती प्लांट में एसेट क्वालिटी और रिज्यूमे प्रोफाइल में अच्छा सुधार दिखाया गया है, जिससे इस सेक्टर में सेंटिमेंट और प्लांट तैयार हो गया है।
इंफोसिस (5.58% ऊपर), टेक महिंद्रा (5.26% ऊपर), विप्रो (2.54% ऊपर), एचसीएल टेक (2.41% ऊपर) और टीसीएस (2.34% ऊपर) आज 50 के दशक में टॉप जेनरेशन में शामिल हैं। सिप्ला (2.54% नीचे), जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (3.15% नीचे), और इटरनल (3.76% नीचे) वहीं अन्य 5 टॉप लूज़र रहे।
19 जनवरी को कैसी रहेगी बाजार की चाल
एंजेल वन में मुख्य प्रबंधक, टेक्निकल एवं डेरीवेटिव रिसर्च ओशो कृष्ण का कहना है कि जादूगर के लिए 25,500-25,450 की रेंज में अहम सपोर्ट है। वहीं, दूसरी तरफ 25,800 के आसपास क्लाइंट्स लॉजिस्टेंस लेवल बना हुआ है। इसके बाद 25,900 और 25,950 के बीच एक हेयर रेजिस्टेंस ज़ोन है (50 और 20 DEMA)। आगे की रणनीति के लिए इन स्तर पर ध्यान से नजर रखना होगा। इसके साथ ही टैरिफ से जुड़ी खबरों पर भी नजर रखनी चाहिए। बाज़ार के रुझान तय करने में अहम भूमिका होगी। तीसरी तिमाही के रिव्यू हमें स्टॉक स्पेसिफ़िक एक्शन भी देखने को मिल सकते हैं।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि इलेक्ट्रोडिस्टेंस के लिए 25,800-25,900 के करीब बना है। यहां बार-बार मिले रिजेक्शन ने बढ़त को रोक दिया है। नीचे की तरफ, 25,500-25,550 एक अहम सपोर्ट जोन बना है। यहां से एक क्लासिक ब्रेकडाउन मार्टीन को नीचे की ओर 25,400–25,450 के पास ले जाया जा सकता है। टेक्निकल स्टडीज से पता चलता है कि मोमेंटम कमजोर है, आरएसआई और एमएसीडी बायरिश ट्रेंड का संकेत दे रहे हैं, भरोसेमंद कॉलेज बैंड पर कुछ सपोर्ट है। बाजार से आगे बीच-बीच में स्टॉक-स्पेसिफिक मूव्स के साथ रेंज-बाउंड रह सकता है।
लेमन मार्केट्स डेस्क के गौरव गर्ग का कहना है कि बाजार की भावना अभी भी ख़राब हो गई है। पिछले सात दिनों से छह सत्रों में दोनों के रिकॉर्ड टूटे हुए हैं। इसकी वजह यूएस टैरिफ से जुड़ी समानता, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी मित्रों की बक रही है। एफपीआई ने जनवरी में अब तक करीब 16,600 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। टेक्निकल व्यूज से देखें तो मेड 25,620–25,715 के सपोर्ट जोन से ऊपर टिकने में सफल हो रहा है। अगर यह 25,715 से ऊपर बना हुआ है, तो इसमें 26,020 की तरफ रिजर्वेशन हो सकता है। जबकि 25,600 से नीचे जाने पर यह 25,300 तक गिर सकता है।
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