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पाकिस्तान के शहबाज शरीफ का कहना है कि कई देश लड़ाकू विमान एक दूसरे से बातचीत के लिए उपलब्ध करा रहे हैं।
रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, उन्होंने बुधवार को दावा किया कि भारत के साथ पिछले साल मई में हुए संघर्ष (ऑपरेशन सिन्दूर) के बाद आतंकवादी गुट की रिहाई जारी हुई है। हालाँकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किस तरह के विमान को लेकर बातचीत हो रही है।
लोक मीडिया के अनुसार, बातचीत में जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट शामिल हैं। इन इतिहासकारों में कहा गया है कि सूडान, लीबिया, सऊदी अरब, इराक, इंडोनेशिया और बांग्लादेश जैसे देशों में ये सीटें दिखाई देती हैं। इससे पहले न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि 5 देश JF-17 के स्टॉक में पकड़े गए हैं।

JF-17 फाइटर जेट का इंजन रूस में बना
पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, जेएफ-17 थंडर एक मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसे पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर जून 2007 में तैयार किया था। इसका डिजाइन और प्रौद्योगिकी कंपनी चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (सीएसी) ने इसे तैयार कर लिया है और पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (पीएसी) ने इसकी फाइनल असेंबलिंग की है।
खास बात ये है कि रूस में बनी है मैक इंजन। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय चीन और पाकिस्तान के पास आधुनिक फाइटर-जेट इंजन उपलब्ध नहीं थे।
JF-17 फाइटर जेट के निर्माण में लगभग 58% हिस्सा पाकिस्तान और 42% हिस्सा चीन का है। वहीं लगा क्लिमोव आरडी-93 इंजन और नए ब्लॉक 3 में लगा आरडी-93 एमए इंजन रूस में बना है। रूस ये इंजन निर्माण के माध्यम से पाकिस्तान को भर्ती कराता है।
JF-17 मेंटेनेंस के लिए चीन पर प्रतिबंध
ग्लोबल डिफेंस कॉर्प्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का JF-17 मेंटेनेंस और डीजल उपकरण कंपनियों के लिए मंजूरी है। वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते रूसी इंजनों के शॉल्ट पर भी असर पड़ा है। ये स्टेल्थ फाइटर नहीं है। यानि दुश्मन देश के ग्राफिक्स सिस्टम को चकमा नहीं दे पाता और कंकाल बन जाता है। इसके अलावा JF-17 फाइटर जेट में भी कुछ खामियां हैं-
- कम पावर वाला इंजन – विमान में एक ही RD-93 इंजन होने की वजह इसकी थ्रस्ट कम है, जिससे भारी हथियार ले जाने में समय और स्पीड कम लगती है।
- ज्यादा हथियार नहीं ले सकते – JF-17 लगभग 3.6 टन का हथियार ले सकता है। यानि ज़्यादातर हथियार ले जाना हो, तो फुल कम करना है।
- इयोनिक्स सिस्टम फ़्रैंचाइज़ी – एवियोनिक्स विमान के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम मौजूद हैं जो उन्हें उड़ान भरने, तय करने और युद्ध में लड़ने में मदद करते हैं। जेएफ-17 के एवियोनिक्स सिस्टम को पेश किया गया है, जिससे इसे नेविगेशन और कम्युनिकेशन के साथ-साथ नियंत्रित करने में परेशानी होती है।
- इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम सामान्य – एमएस जैमिंग और सेंसर सिस्टम की खतरनाक को पकड़ने और विमान की सुरक्षा करने की क्षमता सीमित है।
इंडोनेशिया, बांग्लादेश और सऊदी अरब से सऊदी अरब पाकिस्तान कर रहा है
रॉयटर्स के अनुसार, इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री ने 12 जनवरी को पाकिस्तान के वायु सेना प्रमुख जहीर अहमद बाबर के सहयोगियों से मुलाकात की और करीब 40 जेएफ-17 के गायब होने की बात कही।
वहीं बांग्लादेश के अखबार डेली स्टार के मुताबिक, पाकिस्तान, बांग्लादेश को भी JF-17 फाइटर जेट को सौंपा जाएगा। अन्यत्र लेकर दोनों देशों के सहयोगियों प्रमुखों के बीच बातचीत हो रही है।
इसी तरह के रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने 7 जनवरी को सऊदी अरब को JF-17 को बेचने की बात कही है। पाकिस्तान सऊदी अरब से मिले 2 अरब डॉलर के लोन के बदले यह डील कर रहा है।
हालाँकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विदेशी सेना ने अभी तक लीबिया या सऊदी अरब के साथ इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया है। बांग्लादेश ने अभी तक पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के सिग्नल पर साइन नहीं किया है।
नाइजीरिया, म्यांमार और अजरबैजान के पास पहले से मौजूद JF-17
रॉयटर्स की 9 जनवरी की जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में कई देशों ने पाकिस्तान का जेएफ-17 थंडर फाइटर जेटलाइक की इच्छा जताई है। नाइजीरिया, म्यांमार और अजरबैजान के जहाज़ों में पहले से ही यह जेट शामिल है।
अल-जजीरा के अनुसार, इसके पहले पाकिस्तान ने दिसंबर 2025 में लीबिया के विद्रोही गुट, लीबिया नेशनल आर्मी (LNA) को 4 अरब डॉलर में एक विशाल से अधिक JF-17 फाइटर जेट का सौदा किया था। ये पाकिस्तान के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी डायरी लिखी जा रही है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान सूडान के साथ 12,500 करोड़ के डिफेंस डील करने वाला है, जिसमें जेएफ-17 फाइटर जेट भी शामिल है।
पाकिस्तान के JF-17 फाइटर जेट का डिज़ाइन क्यों बढ़ रहा है
JF-17 थंडर एक 4.5 पीढ़ी का लाइट-वेट मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसकी तुलना भारत के तेजस विमान और अमेरिका के F-16 और रूस के मिग-29 से की जाती है। इन तीनों की तुलना में JF-17 को सबसे सस्ता माना जाता है।

भारत की तेजस फिल्म JF-17 सबसे बेहतर
भारतीय परमाणु ऊर्जा संयंत्र का प्रोटोटाइप अंग कहे जाने वाला तेजस फाइटर जेट पाकिस्तान के जेएफ-17 से कई मायनों में बेहतर है। तेजस में आधुनिक एईएसए क्रिएटिव, बेहतर सेंसर-फ्यूजन और डिजिटल कॉकपिट है, जो लक्ष्य को पहचानने और उस पर हमला करने के लिए अधिक सटीक होता है।
तेजस का इलेक्ट्रॉनिक स्टोर सिस्टम भी JF-17 से बेहतर है। तेजस में बड़ी मात्रा में ऐसी सामग्री का उपयोग किया जाता है, जिससे इसका वजन और वजन कम होता है।

भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान JF-17 फाइटर जेट को मार गिराया था
जियो न्यूज के विवरण में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा स्टूडियो ने कहा कि मई 2025 में भारत के साथ हुई महंगाई के दौरान पाकिस्तान की अपनी सैन्य क्षमता दुनिया के सामने आई थी।
इसके अलावा पाकिस्तान की वायु सेना के प्रमुख जहीर अहमद कपूर खानदान ने भी अगस्त 2025 में एक बयान में जेएफ-17 की मदद से भारतीय जेट विमानों की मदद का दावा किया था।
हालाँकि, भारतीय वायु सेना के प्रमुख अमर प्रीत सिंह ने 8 अक्टूबर 2025 को एक कार्यक्रम में कहा था कि ऑपरेशन सिन्दूर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में कई हमले किए और कुल 5 लड़ाकू लड़ाकू विमान गिराए, जिनमें JF-17 भी शामिल थे।
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