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गरियाबंद में कथावाचक आचार्य युवराज पांडे की कार को ट्रक ने मारी टक्कर, बोले- सातवीं बार मुझ पर हमला हुआ!, समर्थकों में मचा हड़कंप

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✍️ tv1 इंडिया न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़

गरियाबंद _छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य युवराज पांडे एक ऐसे सड़क हादसे का शिकार हुए. जिसने पूरे इलाके में दहशत और सवालों का तूफान खड़ा कर दिया है. गरियाबंद के कुम्हारपारा के पास पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. गनीमत रही कि कथावाचक सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई.मिली जानकारी के मुताबिक आचार्य युवराज पांडेय साखरा (बसना) में कथा कार्यक्रम संपन्न कर अपने गृह ग्राम अमलीपदर लौट रहे थे. जैसे ही वे कुम्हारपारा के पास पहुंचे। तभी अचानक पीछे से आए ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी. उस समय वाहन में वे अकेले ही सवार थे. जिससे यह हादसा और भी रहस्यमय हो गया.हादसे के बाद आचार्य युवराज पांडेय ने जो बयान दिया उसने मामले को सिर्फ हादसे से आगे पहुंचा दिया. उन्होंने कहा कि यह सामान्य सड़क हादसा नहीं है. बल्कि सुनियोजित हमला हो सकता है.हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए. लोगों में डर और आक्रोश दोनों देखा गया. ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बार-बार इस तरह की घटनाएं महज इत्तेफाक नहीं हो सकतीं। इसके पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता.इस हादसे के बाद आचार्य युवराज पांडेय कोतवाली थाना पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने संबंधित ट्रक को जब्त कर लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि यह हादसा है या किसी साजिश का हिस्सा.. ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है. साथ ही गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं. और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.इस हादसे के बाद कथावाचक और उनके परिवार में डर का माहौल है समर्थकों और ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते विशेष सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता.इस मामले में एडीशनल एसपी जीतेन्द्र चंद्राकर ने कहा कि आरोपी ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. कथावाचक के चालक की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ जुर्म दर्ज किया जा रहा है. यह घटना पूरी तरह से हादसा है. उसमें किसी तरह की भी शंका नहीं है. पूछताछ जारी है. कथावाचक के अन्य शिकायतों की जांच की जा रही है.पंडित युवराज पांडे कई बार अपनी सुरक्षा को लेकर प्रशासन से मांग भी कर चुके हैं. उनका कहना है कि पहले भी 6 से 7 बार उनके ऊपर हमले हो चुके हैं. जिससे उनका परिवार भयभीत रहता है और इसी के चलते उन्होंने सुरक्षा की मांग की है.पंडित युवराज पांडेय छत्तीसगढ़ के चर्चित कथावाचक हैं और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए अब यह सवाल गहराता जा रहा है कि क्या यह वाकई एक हादसा था. या किसी साजिश की डरावनी साजिश का हिस्सा?

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