मौसम खराब होने के कारण बुधवार दोपहर रेस्क्यू ऑपरेशन अटका हुआ है, लेकिन आज सुबह फिर से शुरू हो गया है।
उत्तरकाशी के सहस्त्रताल पर बने नौ ट्रैक्टरों की मौत हो गई है। जिला प्रशासन ने देर रात इसकी पुष्टि की है। बुधवार दोपहर से पांच शवों को बाहर निकाला गया है। चार ट्रैक्टरों के शव अभी भी सहस्त्रताल पर भी चिपके हुए हैं। आज के दिन
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मौसम साफ रहा तो आज चार लोगों के शव को निकाला जा सकता है
एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने बुधवार सुबह भी ट्रैक्टरों को बचाने के लिए बचाव अभियान शुरू किया था। रेस्क्यू अभियान के लिए वायु सेवा की टीम का भी सहारा लिया गया। संयुक्त बचाव दल ने बुधवार दोपहर तक 13 ट्रैक्टरों को सुरक्षित निकाल लिया था। जबकि पांच ट्रैक्टरों के शव भी निकल गए थे। लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम खराब होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बाधित हुआ और चार ट्रैक्टरों की मौत हो गई। डीएम मेहरबान बिष्ट ने बताया कि गुरुवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाएगा और चार लोगों के शव निकाले जाएंगे।

यह तस्वीर 22 सदस्य ट्रैक्टर्स दल की ग्रुप फ़ोटो है जो 19 मई को सहस्त्रताल पर चली गई थी
19 मई को 22 सदस्यों का दल सहत्राताल पर्वत पर गया था
बता दे कि 19 मई को कर्नाटक और महाराष्ट्र के ट्रैक्टरों का 22 सदस्यीय दल सहस्रताल पर स्थापित किया गया था। ट्रैकिंग के बाद वापस आते वक्त 3 जून को यह सभी ट्रैक्टर मौसम खराब होने के कारण रास्ता भटक गए। घने कोहरे और भारी मलबे के बीच यह सभी ट्रैक्टर फंस गए। 4 जून शाम को जिला प्रशासन को ट्रैक्टरों के फसाने की सूचना मिली। जिसके बाद 5 जून की सुबह प्रशासन ने बचाव अभियान शुरू किया। अत्यधिक ठंड के कारण चार ट्रैक्टरों की मौत पहले ही हो चुकी थी। लेकिन देर रात जिला प्रशासन ने 9 ट्रैक्टरों की मौत की पुष्टि की है।
