1 C
New York

5 thousand Myanmarese who entered Mizoram were chased out from Manipur | मिजोरम में घुसे मणिपुर से भगाए गए 5 हजार म्यांमारी: चिन-कुकी लोगों का7-8 गांवों में अवैध कब्जा, रिश्तेदारों के घर जाकर छिपे

Published:


आइजोलकुछ ही क्षण पहले

  • लिंक
16 मई को भारत-म्यांमार सीमा पर जोखावथर गांव में भारत-म्यांमार फ्रेंडशिप गेट पर फ्री मोमेन्ट रिजाइम को खत्म करने के खिलाफ एक रैली में लोगों ने भाग लिया था।  - दैनिक भास्कर

16 मई को भारत-म्यांमार सीमा पर जोखावथर गांव में भारत-म्यांमार फ्रेंडशिप गेट पर फ्री मोमेन्ट रिजाइम को खत्म करने के खिलाफ एक रैली में लोगों ने भाग लिया था।

म्यांमार के चिन-कुकी लोग मिजोरम में अवैध रूप से घुस रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में ऐसे करीब 5 हजार घुसपैठिए जंगल के रास्ते मिजोरम में आ चुके हैं। उन्होंने चम्फाई जिले के खुगंफाह और वैखावलांग जैसे सीमाई गांवों में अपने पत्थर बनाए हैं।

चम्फाई के अतिथि जेम्स ललिंछाना ने दैनिक भास्कर को बताया कि ये म्यांमारी 17 मई से घुसपैठ कर रहे हैं। चम्फाई में इनकी संख्या 16 हजार से ज्यादा हो चुकी है। 7 से 8 गांवों में इनके अवैध कब्जे हैं। शहीद घुसपैठियों ने भारत-म्यांमार अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास खुआंगफा और वैखावतलांग इलाके में अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है।

उन्होंने आगे कहा कि ये लोग खुद म्यांमार में चल रहे सैन्य संघर्ष के पीड़ित बताते हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर वे हैं, जिन्हें मणिपुर सरकार ने हाल ही में बाहर कर दिया है।

अधिकारियों का मानना ​​है कि उनके देश (म्यांमार) में उनकी जान को खतरा था। इसलिए ये लोग यहां आए हैं। हम उनकी गतिविधि से अवगत हैं। हमारा मानना ​​है कि वहां स्थिति सामान्य होने पर वे वापस अपने घर चले जायेंगे।

बॉर्डर पर सख्ती, असम राइफल्स की अतिरिक्त तैयारियां
बता दें कि मिजोरम से सता म्यांमार सीमा खुली है। मिजोरम के छह जिले, चम्फाई, सियहा, लोंग्टलाई, हनाहथियाल, सेरछिप और सैतुअल म्यांमार के साथ सीमा साझा करते हैं। यहां 11 जवानों को 3 साल में 35 हजार से ज्यादा म्यांमारी अवैध रूप से रह रहे हैं।

आइजोल स्थित सचिवालय ने बताया कि करीब 1300 बांग्लादेशी किरघुतियों में भी हैं, जो लांगटलाई जिले में शरण लिए हुए हैं।

म्यांमार के घुसपैठियों की हरकतों के चलते सीमा पर असम राइफल्स की अतिरिक्त तैनाती की गई है। उनके मोबाइल वाहन चेकपोस्ट भी अपडेट दिए गए हैं। दोनों देशों को फैलाने वाली तियाऊ नदी पर भी अतिरिक्त बल तैनात किया गया है, लेकिन म्यांमारियों ने जंगल के रास्ते पर घुसपैठ करना शुरू कर दिया है।

फरवरी में म्यांमार भेजे गए थे 1100 लोग
मणिपुर में हिंसा के समय सैकड़ों चीनी-मिजोरम आ गए थे। सीमा खुले होने के कारण मिजोरम-म्यांमार के पारिवारिक संबंध हैं। इसलिए वे बेरोक्तोक आ जाते हैं। फरवरी में ऐसे ही करीब 1100 चिन-कुकी लोगों को सुरक्षा बलों ने म्यांमार से वापस हेलीकॉप्टर भेजा था।

यह खबर भी पढ़ें…
मणिपुर में फिर हिंसा, आग में 2 लोगों की मौत: दोनों कुकी समुदाय के; कांग्रेस चुनाव की घोषणा के बाद पहली घटना

मणिपुर में 13 अप्रैल को एक बार फिर हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी। पूर्वी इम्फाल और कांगपोकपी जिले के बीच मोइरंगपुरेल इलाके में दो हथियारबंदों के बीच निर्माण हुआ। बताया गया है कि जिन लोगों की मौत हुई है, वे दोनों कुकी समुदाय से हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Related articles

spot_img

Recent articles

spot_img