कांच के अखाड़ाघाट की रहने वाली माही 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। वह बहुत छोटी थी, जब उसकी माँ ने दुनिया छोड़ दी। माँ की मौत के बाद माही के जीवन में भटकाव आने लगा। भक्ति में डूबी माही के दिमाग में यह बैठ गया है कि यह शरीर नश्वर है।
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वह अपनी मां की मौत के बाद भी बात करने का दावा करने लगी। यह शरीर ईश्वर है। यह कभी मरता नहीं। अमरत्व प्राप्त करता है। यही बात माही के साथ कोचिंग में पढ़ रही योगियामठ इलाके की गौरी और माया के दिमाग में भी उतर गई।
इसके बाद हिमालय पर बाबा से मिलने की चिट्ठी लिखी तीन मथुरा पहुंची और तीन दिन पहले मथुरा में ही मालगाड़ी के सामने आकर तीन ने अपनी जान दे दी। गौरी (14), माया (13) और बालूघाट की माही (13) एक साथ 13 मई से लापता थीं।

माही के घर से एक पत्र भी मिला है, जिसमें लिखा है, जीवन में कुछ परेशानियां चल रही हैं। बाबा ने बुलाया है। इसके बाद सब ठीक हो जाएगा। तीन महीने तक हम लोगों की खोज नहीं करेंगे। हम अध्यात्म की खोज में जा रहे हैं।
मंगलवार को तीनों बेटियों के शव के साथ पुलिस ने मथुरा पहुंचकर शव की पहचान की। पहचान के बावजूद पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया है। तीनों एक साथ हाथ पकड़कर मालगाड़ी के सामने आ गईं। इसका सबूत भी मथुरा पुलिस ने कार पुलिस के मालगाड़ी के ड्राइवर से हुई बातचीत का ऑडियो दिया है।

मंगलवार के एएसपी भानु प्रताप सिंह, साइबर डीएम सीमा देवी और नगर थानेदार विजय कुमार ने मामले की जानकारी दी। टीनाएं लड़कियों की कॉपी, किताब और माएबाइल की जांच की गई।
जनवरी से तीनाएं ने मांस-मछली खाना छोड़ दिया था। शरीर नेश्वर है। मृत्यु अमरत्व प्राप्त करता है। यही सब यूट्यूब पर नजर आते थे।

मालगाड़ी के ड्राइवर के ऑडियो क्लिप से आत्महत्या का खुलासा
ऑडियो में मालगाड़ी ट्रेन के ड्राइवर कह रहा है कि तीन लड़कियां ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ रखा था। वे मथुरा जंक्शन की ओर से रेल ट्रैक पर आ रहे थे। ट्रेन करीब 60 किमी की रफ्तार से चल रही थी। तीन लड़कियां बगल वाले ट्रैक पर चल रही थीं। 80-90 मीटर पहले तीन लड़कियां अचानक मालगाड़ी वाले ट्रैक पर पहुंच गईं। इस दाैरान ब्रेक लगाना मुश्किल हाे रहा था। चाँद दूसरी बाद तीन लड़कियाँ तन से कट गईं।
बहन से कहा था- 2-3 घंटे में आओगे
गौरी की छोटी बहन पीहू कुमारी (09) का रिपोर्ट सामने आया है। 13 मई को मंदिर जाने के समय गौरी की छोटी बहन पीहू भी साथ में मंदिर गई थी। उन्होंने बताया कि हम चारों ओर गरीब नाथ मंदिर के साथ गए थे। वहां से पूजा करने के बाद सीधे रेलवे स्टेशन चला गया।
इसके बाद मेरी दीदी गौरी ने टिकट काउंटर से तीन टिकट ले लिए। इसके बाद वो तीन चलती ट्रेन में बैठने के बाद मुझे बोली कि घर जाओ हम दो-तीन घंटे में आएंगे। दो दिन बाद माने ने इसकी जानकारी अपने साथियों को दी, क्योंकि वह काफी डरी हुई थी।

प्रेमानंद बाबा का सत्संग सुना करती थी
गौरी के चाचा अमित कुमार रजक ने बताया कि गौरी इधर कुछ महीनों से पूजा-पाठ ज्यादा करने लगी। नॉनवेज भी खाना बंद कर दिया गया था। हम लोगों को भी खाने से मना करती थी। काफी समय से प्रेमानंद बाबा का सत्संग सुना करती थी। उसके पास कोई मोबाइल फोन नहीं था। उसकी सहेली माही घर के मोबाइल फोन पर कॉल करती थी। हम लोग उससे बात करवा दिया करते थे।
बच्चियों ने 4-5 इंस्टाग्राम आईडी बनाए थे। इस पर पूजा-पाठ और सत्संग का वीडियो देखा करती थी। पुलिस के मोबाइल फोन से गौरी और माया की बहन से घटना की जानकारी मिल रही है।

26 मई को मथुरा पुलिस ने मथुरा पुलिस को फोन किया
गौरी के चाचा ने कहा कि दूसरे राज्य में पुलिस पूरी मदद करना चाहती थी। पर दुकान की मांग की जा रही थी। जबकि, वाइका के नगर थाने में पुलिस टीम दर्ज नहीं कर रही थी। जिस वजह से बाहर की पुलिस हमारी मदद नहीं कर रही थी।
22 मई को नगर थाने की पुलिस ने केस दर्ज किया। 26 मई को मथुरा पुलिस को फोन आया। जिसमें रेलवे लाइन के किनारे तीन डेड बॉडी मिलने की जानकारी दी गई। पुलिस ने हमें सूचना दी।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक संरचनात्मक तीन डेड बॉडी रोवर लड़कियों की है। रिश्तेदारों के साथ वहां पहुंचकर आगे की ओर मृत शरीर शहर लाई जाएगी।
देरी से एफआईआर करने के आरोप की जांच होगी
सिटी एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि तीन किशोरों के गायब होने के बाद एफआईआर करने में देरी के आरोप की जांच होगी। जांच में सकारात्मकता परकरवाई की जाएगी। तीनों की हत्या नहीं हुई है। यह मामला आत्महत्या का है। ट्रेन के चालक और गार्ड से पुलिस की बात हुई है। तीनों के शव का डीएनए टेस्ट होगा।

