3-4 साल पुराना लैपटॉप भी चलेगा फास्ट, बस लगा लें ये 4 सस्ते गैजेट्स, कम खर्च में बढ़ेगी स्पीड और परफॉर्मेंस


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अगर आपका लैपटॉप धीमा हो गया है तो घबराने की जरूरत नहीं. कूलिंग पैड, USB हब, एक्सटर्नल स्टोरेज और कीबोर्ड-माउस जैसे सस्ते गैजेट्स से आप पुराने लैपटॉप की परफॉर्मेंस आसानी से बढ़ा सकते हैं.

आज के समय में लैपटॉप हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. लेकिन अक्सर देखा जाता है कि 3-4 साल इस्तेमाल करने के बाद लैपटॉप की स्पीड धीमी होने लगती है और 5-7 साल में उसकी परफॉर्मेंस काफी गिर जाती है. ऐसे में कई लोग नया लैपटॉप खरीदने का सोचते हैं, जबकि कुछ सस्ते गैजेट्स की मदद से पुराने लैपटॉप को भी लगभग नए जैसा बनाया जा सकता है. इन गैजेट्स से न केवल लैपटॉप की स्पीड बेहतर होगी बल्कि आपको नया लैपटॉप खरीदने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ उपयोगी गैजेट्स के बारे में.

Cooling Pad से दूर करें ओवरहीटिंग की समस्या- पुराने लैपटॉप में ओवरहीटिंग की समस्या काफी आम होती है. भारी टास्क करने के दौरान या कभी-कभी सामान्य इस्तेमाल में भी लैपटॉप ज्यादा गर्म हो जाता है. ऐसा अक्सर इसलिए होता है क्योंकि लैपटॉप के एयरफ्लो वेंट्स में धूल जमा हो जाती है या फैन सही तरह से काम नहीं करता.

Cooling Pad से दूर करें ओवरहीटिंग की समस्या- पुराने लैपटॉप में ओवरहीटिंग की समस्या काफी आम होती है. भारी टास्क करने के दौरान या कभी-कभी सामान्य इस्तेमाल में भी लैपटॉप ज्यादा गर्म हो जाता है. ऐसा अक्सर इसलिए होता है क्योंकि लैपटॉप के एयरफ्लो वेंट्स में धूल जमा हो जाती है या फैन सही तरह से काम नहीं करता.

ज्यादा गर्म होने से सिस्टम की स्पीड भी कम हो जाती है. इस समस्या से बचने के लिए कूलिंग पैड एक बेहतरीन और सस्ता समाधान है. कूलिंग पैड लैपटॉप के नीचे अतिरिक्त फैन के जरिए ठंडी हवा देता है, जिससे लैपटॉप का तापमान कंट्रोल में रहता है.

ज्यादा गर्म होने से सिस्टम की स्पीड भी कम हो जाती है. इस समस्या से बचने के लिए कूलिंग पैड एक बेहतरीन और सस्ता समाधान है. कूलिंग पैड लैपटॉप के नीचे अतिरिक्त फैन के जरिए ठंडी हवा देता है, जिससे लैपटॉप का तापमान कंट्रोल में रहता है.

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External Mouse और Keyboard से आसान काम- लंबे समय तक लैपटॉप इस्तेमाल करने से कीबोर्ड के कई बटन खराब हो जाते हैं और ट्रैकपैड भी ठीक से काम नहीं करता. ऐसे में लैपटॉप का कीबोर्ड बदलवाना महंगा पड़ सकता है. इसके बजाय आप एक्सटर्नल कीबोर्ड और माउस का इस्तेमाल कर सकते हैं.

External Mouse और Keyboard से आसान काम- लंबे समय तक लैपटॉप इस्तेमाल करने से कीबोर्ड के कई बटन खराब हो जाते हैं और ट्रैकपैड भी ठीक से काम नहीं करता. ऐसे में लैपटॉप का कीबोर्ड बदलवाना महंगा पड़ सकता है. इसके बजाय आप एक्सटर्नल कीबोर्ड और माउस का इस्तेमाल कर सकते हैं.

ये सस्ते भी होते हैं और काम करने में भी ज्यादा आरामदायक होते हैं. खासकर अगर आप लंबे समय तक टाइपिंग या ऑफिस का काम करते हैं तो यह विकल्प काफी उपयोगी साबित होता है.

ये सस्ते भी होते हैं और काम करने में भी ज्यादा आरामदायक होते हैं. खासकर अगर आप लंबे समय तक टाइपिंग या ऑफिस का काम करते हैं तो यह विकल्प काफी उपयोगी साबित होता है.

USB Hub से बढ़ाएं कनेक्टिविटी- 8-10 साल पुराने लैपटॉप में आमतौर पर बहुत कम USB पोर्ट होते हैं. कई बार तो एक या दो ही पोर्ट मिलते हैं, जिससे अलग-अलग डिवाइस को बार-बार लगाना और निकालना पड़ता है. इसके अलावा पुराने पोर्ट नए स्टैंडर्ड को भी सपोर्ट नहीं करते.

USB Hub से बढ़ाएं कनेक्टिविटी- 8-10 साल पुराने लैपटॉप में आमतौर पर बहुत कम USB पोर्ट होते हैं. कई बार तो एक या दो ही पोर्ट मिलते हैं, जिससे अलग-अलग डिवाइस को बार-बार लगाना और निकालना पड़ता है. इसके अलावा पुराने पोर्ट नए स्टैंडर्ड को भी सपोर्ट नहीं करते.

ऐसे में USB Hub एक आसान और किफायती समाधान है. इसकी मदद से आप एक ही पोर्ट में कई डिवाइस जैसे पेन ड्राइव, माउस, कीबोर्ड और हार्ड ड्राइव को एक साथ कनेक्ट कर सकते हैं.

ऐसे में USB Hub एक आसान और किफायती समाधान है. इसकी मदद से आप एक ही पोर्ट में कई डिवाइस जैसे पेन ड्राइव, माउस, कीबोर्ड और हार्ड ड्राइव को एक साथ कनेक्ट कर सकते हैं.

एक्सटर्नल स्टोरेज से बढ़ाएं स्पीड- पुराने लैपटॉप में स्टोरेज अक्सर कम होता था, जिससे जल्दी ही स्टोरेज फुल हो जाता है. जब स्टोरेज भर जाता है तो लैपटॉप की स्पीड भी धीमी हो जाती है. इस समस्या को हल करने के लिए एक्सटर्नल स्टोरेज का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए दो ऑप्शन मिलते हैं- HDD और SSD.

एक्सटर्नल स्टोरेज से बढ़ाएं स्पीड- पुराने लैपटॉप में स्टोरेज अक्सर कम होता था, जिससे जल्दी ही स्टोरेज फुल हो जाता है. जब स्टोरेज भर जाता है तो लैपटॉप की स्पीड भी धीमी हो जाती है. इस समस्या को हल करने के लिए एक्सटर्नल स्टोरेज का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए दो ऑप्शन मिलते हैं- HDD और SSD.

HDD सस्ती होती है और इसमें ज्यादा डेटा स्टोर किया जा सकता है, जबकि SSD थोड़ी महंगी होती है लेकिन यह ज्यादा तेज और भरोसेमंद होती है. इन छोटे-छोटे गैजेट्स की मदद से आप अपने पुराने लैपटॉप की परफॉर्मेंस को काफी बेहतर बना सकते हैं और लंबे समय तक आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं.

HDD सस्ती होती है और इसमें ज्यादा डेटा स्टोर किया जा सकता है, जबकि SSD थोड़ी महंगी होती है लेकिन यह ज्यादा तेज और भरोसेमंद होती है. इन छोटे-छोटे गैजेट्स की मदद से आप अपने पुराने लैपटॉप की परफॉर्मेंस को काफी बेहतर बना सकते हैं और लंबे समय तक आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं.

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Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

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